1. home Hindi News
  2. video
  3. sharad purnima rashifal panchang laxmi puja vidhi shubh muhurat tithi kheer ka mahatv 30 october horoscope today mesh mithun vrishabh tula kanya vrishchik meen singh makar kumbh kark dhanu rashi smt

Rashifal, Sharad Purnima 2020: मेष से मीन राशि के जातक ऐसे करें धनलक्ष्मी को प्रसन्न, जानें अपना आज का राशिफल

By Prabhat khabar Digital
Updated Date

Rashifal, Sharad Purnima 2020, Aaj ka Rashifal, Panchang, Laxmi Puja Vidhi, Shubh Muhurat: आज शरद पूर्णिमा है. जिसे कोजागरी या रास पूर्णिमा भी कहा जाता है. हिंदू पंचांग के अनुसार इसे आश्विन मास की पूर्णिमा तिथि को मनाने की परंपरा होती है. आज शाम 5.45 बजे से अमृतसिद्धि का योग भी बन रहा है. ऐसे में मेष से मीन राशि के जातकों के लिए क्या विशेष संयोग लेकर आया है यह दिन, जानें धनलक्ष्मी को प्रसन्न करने की विधि, शुभ मुहूर्त, पंचांग और उसी आधार पर बनाएं दिन भर की योजनाएं...

आज का पंचांग

शुद्ध आश्विन शुक्ल पक्ष चतुर्दशी शाम -05:23 उपरांत पूर्णिमा

श्री शुभ संवत -2077, शाके- 1942, हिजरीसन- 1441-42

सूर्योदय-06:26

सूर्यास्त-05:34

सूर्योदय कालीन नक्षत्र- रेवती उपरांत आश्विनी, वज्र- योग, व - करण,

सूर्योदय कालीन ग्रह विचार -सूर्य -तुला, चन्द्रमा- मीन, मंगल- मीन, बुध- तुला, गुरु- धनु, शुक्र- कन्या, शनि- धनु, राहु -वृष, केतु- वृश्चिक

आज का शुभ मुहूर्त

प्रात: 06:00 से 07:30 तक चर

प्रातः 07:30 से 09:00 तक लाभ

प्रातः 09:00 से 10:30 बजे तक अमृत

प्रातः10:30 बजे से 12:00 बजे तक काल

दोपहरः 12:00 से 01:30 बजे तक शुभ

दोपहरः 01:30 से 03:00 बजे तक रोग

दोपहरः 03:00 से 04:30 बजे तक उद्वेग

शामः 04:30 से 06:00 तक चर

उपायःनवरात्र में माता दुर्गाजी को शहद को भोग लगाने से भक्तो को सुंदर रूप प्राप्त होता है व्यक्तित्व में तेज प्रकट होता है।

आराधनाःॐ सौम्यरुपाय विद्महे वाणेशाय धीमहि तन्नौ सौम्यः प्रचोदयात् ॥

खरीदारी के लिए शुभ समयःदोपहरः12:00 से 01:30 बजे तक लाभ

राहु काल:10:30 से 12:30 बजे तक.

दिशाशूल-नैऋत्य एवं पश्चिम

शरद पूर्णिमा शुभ मुहूर्त

शरद पूर्णिमा तिथि प्रारंभ : 30 अक्टूबर की शाम 5. 45 बजे से

शरद पूर्णिमा तिथि समाप्त : 31 अक्टूबर की रात 8.18 बजे तक

शरद पूर्णिमा में जरूर करें ये काम

शरद पूर्णिमा के दिन सुबह उठ जाएं और स्नान आदि कर लें. घर के मंदिर को साफ करके माता लक्ष्मी और श्री हरि के पूजन की तैयारी कर लें. इसके लिए एक चौकी पर लाल या पीले रंग का वस्त्र बिछाएं. इस पर माता लक्ष्मी और विष्णु जी की मूर्ति स्थापित करें. प्रतिमा के सामने घी का दीपक जलाएं, गंगाजल छिड़कें और अक्षत, रोली का तिलक लगाएं. सफेद या पीले रंग की मिठाई से भोग लगाएं और पुष्प अर्पित करें. यदि गुलाब के फूल हैं तो और भी अच्छा है.

शरद पूर्णिमा की पूजन विधि

शरद पूर्णिमा में माता लक्ष्मी का पूजन किया जाता है. उनके आठ रूप हैं, जिनमें धनलक्ष्मी, धान्यलक्ष्मी, राज लक्ष्मी, वैभव लक्ष्मी, ऐश्वर्य लक्ष्मी, संतान लक्ष्मी, कमला लक्ष्मी एवं विजय लक्ष्मी है. सच्चे मन से मां की अराधना करने वाले भक्तों की सारी मुरादें पूरी होती हैं.

Posted By : Sumit Kumar Verma

Share Via :
Published Date
Comments (0)
metype

संबंधित खबरें

अन्य खबरें