भारत-चीन का लद्दाख में संयुक्त सैन्य अभ्यास तीसरे देश के विरुद्ध लक्षित नहीं : चीन

Updated at : 21 Oct 2016 9:19 PM (IST)
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भारत-चीन का लद्दाख में संयुक्त सैन्य अभ्यास तीसरे देश के विरुद्ध लक्षित नहीं : चीन

बीजिंग : चीन ने जम्मू कश्मीर के पूर्वी लद्दाख में पहले चीन-भारत संयुक्त सैन्य अभ्यास को ‘सामान्य विनिमय’ करार दिया और कहा कि यह अभ्यास किसी तीसरे देश के खिलाफ लक्षित नहीं था और ना ही इसका कश्मीर मुद्दे पर चीन के रुख से कोई लेना देना है. चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ […]

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बीजिंग : चीन ने जम्मू कश्मीर के पूर्वी लद्दाख में पहले चीन-भारत संयुक्त सैन्य अभ्यास को ‘सामान्य विनिमय’ करार दिया और कहा कि यह अभ्यास किसी तीसरे देश के खिलाफ लक्षित नहीं था और ना ही इसका कश्मीर मुद्दे पर चीन के रुख से कोई लेना देना है. चीन के विदेश मंत्रालय की प्रवक्ता हुआ चुनयिंग ने कहा, ‘मैं इस बात की ओर संकेत करना चाहूंगी कि यह गतिविधि चीन और भारत के सीमा पर तैनात रहने वाले सैनिकों के बीच सीमा संबंधी मामलों से सही तरह से निपटने के लिए किया जाने वाला सामान्य आदान-प्रदान है.’

उन्होंने अभ्यास पर बीजिंग की राय के बारे में पूछे गये सवाल के लिखित जवाब में कहा, ‘इसमें किसी तीसरे देश को निशाना नहीं बनाया गया और ना ही इसका कश्मीर मुद्दे पर चीन के रुख से कोई लेनादेना है.’ उरी आतंकी हमले और पाकिस्तान के कब्जे वाले कश्मीर में भारतीय सेना के लक्षित हमलों के बाद भारत और पाकिस्तान में तनाव के बीच पूर्वी लद्दाख में 19 अक्तूबर को संयुक्त सैन्य अभ्यास किया गया था.

यह एनएसजी में भारत की सदस्यता के प्रयासों और जैश-ए-मुहम्मद के सरगना मसूद अजहर पर संयुक्त राष्ट्र के प्रतिबंध को लागू करने के प्रयासों को बीजिंग द्वारा बाधित करने के संबंध में भारत और चीन की कूटनीतिक युक्तियों के बीच भी आयोजित किया गया था. चीन और पाकिस्तान अपने रिश्तों को सदाबहार मानते हैं.

बीजिंग ने हमेशा कहा है कि सलाह-मशविरे के रास्ते भारत और पाकिस्तान के बीच कश्मीर मुद्दे का समाधान होना चाहिए. हुआ ने कहा कि चीन और भारत के सीमा पर तैनात रहने वाले सैनिकों ने सीमावर्ती क्षेत्र में अमन-चैन बनाये रखने के लिए लंबे समय तक करीबी आदान-प्रदान और सहयोग किया है. उन्होंने कहा, ‘दोनों देशों के सीमा पर तैनात रहने वाले सैनिकों ने 19 अक्तूबर को वास्तविक नियंत्रण रेखा से सटी चीन-भारत सीमा के पश्चिमी हिस्से के चूशूल क्षेत्र में संयुक्त रूप से छोटा नियमित रणनीतिक अभ्यास किया था.’

हुआ ने कहा, ‘दोनों पक्षों ने फरवरी में इस क्षेत्र में ऐसा ही अभ्यास किया था. इस अभ्यास में सीमावर्ती इलाके में भूकंप की स्थिति में मानवीय सहायता और आपदा राहत पर ध्यान केंद्रित किया गया. इसका उद्देश्य दोनों देशों के सैनिकों के बीच आदान-प्रदान और सहयोग को बढाना और सीमावर्ती क्षेत्र में अमन-चैन को बेहतर तरीके से संरक्षण प्रदान करना था.’ गत 19 अक्तूबर को हुआ अभ्यास जम्मू कश्मीर में नयी दिल्ली और बीजिंग के बीच पहला सैन्य सहयोग था. दोनों देशों ने देश में दूसरी जगहों पर अभ्यास किये हैं.

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