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एफबीआई के फैसले पर ट्रंप ने कहा : व्यवस्था में है खामियां

Updated at : 06 Jul 2016 11:44 AM (IST)
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एफबीआई के फैसले पर ट्रंप ने कहा : व्यवस्था में  है खामियां

वॉशिंगटन : ईमेल गेट स्कैंडल में हिलेरी क्लिंटन को आरोपी नहीं बनाने के एफबीआई के फैसले पर कडे शब्दों में प्रतिक्रिया करते हुए रिपब्लिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि ‘‘व्यवस्था में गडबडियां हैं” हालांकि उन्होंने अमेरिकी जनता पर विश्वास जताते हुए कहा कि 8 नवंबर को होने […]

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वॉशिंगटन : ईमेल गेट स्कैंडल में हिलेरी क्लिंटन को आरोपी नहीं बनाने के एफबीआई के फैसले पर कडे शब्दों में प्रतिक्रिया करते हुए रिपब्लिक पार्टी के राष्ट्रपति पद के संभावित उम्मीदवार डोनाल्ड ट्रंप ने आरोप लगाया कि ‘‘व्यवस्था में गडबडियां हैं” हालांकि उन्होंने अमेरिकी जनता पर विश्वास जताते हुए कहा कि 8 नवंबर को होने जा रहे आम चुनाव में ‘‘अंतिम फैसला” उन्हीं का होगा.

इस बाबत एफबीआई की घोषणा के घंटे भर बाद ट्रंप ने कल एक वक्तव्य जारी करते हुए कहा, ‘‘दोस्तों इस व्यवस्था में गडबडियां हैं. ऐसे मामले में सामान्य तौर पर जो सजा होती है उसमें व्यक्ति से गोपनीय सूचना पाने का हक छीन लिया जाता है और ऐसी स्थिति में हिलेरी क्लिंटन अमेरिका की राष्ट्रपति बनने के लिहाज से अयोग्य हो जातीं.” ट्रंप ने कहा कि एफबीआई निदेशक जेम्स कॉमे ने विस्तृत मामला बनाया था कि किस तरह क्लिंटन ने बेहद गोपनीय जानकारी को असुरक्षित निजी ईमेल सर्वर पर लेकर अमेरिकी जनता की सुरक्षा के साथ खिलवाड किया.

उन्होंने यह पुष्टि की है कि उनके ईमेल को दुश्मनों द्वारा बडी आसानी से हैक किया जा सकता था और जिन लोगों को भी उन्होंने यह ईमेल किया था उनके अकाउंट हैक हुए भी हैं. ट्रंप ने कहा, ‘‘हमारे दुश्मनों ने हिलेरी क्लिंटन को निश्चित ही ब्लैकमेल किया होगा और उन्हें अयोग्य घोषित करने के लिए यही तथ्य अपने आप में काफी है.” उन्होंने कहा, ‘‘यह भी पता चला है कि हिलेरी क्लिंटन ने जब यह कहा कि उन्होंने कोई भी गोपनीय सूचना बाहर नहीं भेजी है, तब वे झूठ बोल रही थीं।” ट्रंप ने आगे कहा कि एफबीआई निदेशक ने यह पुष्टि की है कि उनकी ओर से भेजी गई लगभग 100 ईमेल भेजते वक्त भी गोपनीयता के दायरे में आती थीं। इनमें अति गोपनीय ईमेल भी शामिल थीं.

उन्होंने एफबीआई के बयान के हवाले से कहा कि इसके अलावा क्लिंटन के वकीलों ने सर्वर की सारी जानकारी भी मिटा दी जिससे कि बाकी की 30,000 ईमेलों को जांचकर्ताओं से छिपाया जा सके. ट्रंप ने कहा, ‘‘उन्होने विदेश मंत्रालय का इस्तेमाल अपने व्यक्तिगत फायदे के लिए किया, पैसे के लिए लोगों को लाभ पहुंचाया और जानकारी छिपाई. यही नहीं, पश्चिमी एशिया में लीबिया, सीरिया, इराक और मिस्त्र के संबंध में उन्होंने जो भी अनुचित फैसले लिए हैं, वे नहीं चाहती हैं कि लोग उनके बारे में विस्तार से जानें.” ट्रंप ने कहा कि ये व्यवस्था की खामियां ही हैं कि वह अमेरिकी जनता को एक पलडे में रखती है जबकि क्लिंटन जैसे लोगों को दूसरे पलडे में. ऐसी स्थिति में लगता नहीं है कि उन पर कोई भी आरोप लगाए जाऐंगे.

उन्होंने कहा, ‘‘यह संयोग नहीं था कि पिछले हफ्ते फीनिक्स में हवाईअड्डे पर बिल क्लिंटन अचानक ही अटॉनी जनरल से मिले थे. यह भी संयोग नहीं है कि हिलेरी क्लिंटन देश के लंबे सप्ताहांत पर अपनी अवैध गतिविधियों पर बयान देने एफबीआई कार्यालय पहुंच गई थीं। जांच के घेरे में शामिल दूसरे लोगों को तो इतनी छूट नहीं मिलती है.” ट्रंप ने आगे कहा, ‘‘यह भी अचानक नहीं हुआ है कि हिलेरी के खिलाफ आरोप नहीं लगाने का फैसला उसी दिन आया जिस दिन राष्ट्रपति ओबामा पहली बार उनके साथ चुनाव अभियान में शामिल हुए थे.”

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