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PM मोदी के वादे पर सोनिया ने ली चुटकी

Updated at : 17 Oct 2015 1:50 PM (IST)
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PM मोदी के वादे पर सोनिया ने ली चुटकी

बक्सर : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनकी सरकार लोगों पर अपनी विचारधारा थोपने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के काल में सांप्रदायिक उन्माद पैदा किया जा रहा है, निदरेषों की हत्या अफवाहों पर की जा रही […]

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बक्सर : कांग्रेस अध्यक्ष सोनिया गांधी ने शनिवार को प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सीधा हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि उनकी सरकार लोगों पर अपनी विचारधारा थोपने की कोशिश कर रही है. उन्होंने कहा कि मोदी सरकार के काल में सांप्रदायिक उन्माद पैदा किया जा रहा है, निदरेषों की हत्या अफवाहों पर की जा रही है और बुद्धिजीवियों को निशाना बनाया जा रहा है. जिससे देश का लोकतांत्रिक और सामाजिक तानाबाना खतरे में पड़ गया है. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि प्रधानमंत्री को आज गरीबों की आवाज नहीं सुनाई देती है. सोनिया ने मोदी के उस वादे पर भी चुटकी ली जिसमें उन्होंने बिहार में 24 घंटे बिजली आपूर्ति की बात कही थी. कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, मोदीजी जब भी बिहार आते हैं, वह बिजली आपूर्ति का जिक्र करते हैं. जब वह अपने ही संसदीय क्षेत्र में 24 घंटे बिजली आपूर्ति नहीं कर सके हैं, तो वह बिहार में ऐसा कैसे कर सकते हैं.

बिहार के बक्सर में एक चुनावी सभा को संबोधित करते हुए सोनिया गांधी ने करीब छह दशक के कांग्रेस शासन पर मोदी द्वारा बार-बार किए जाने वाले हमलों को लेकर उन्हें आड़े हाथ लिया. उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने लोकतंत्र को पुरजोर तरीके से मजबूत करने का काम किया है और इसी वजह से आज मोदी प्रधानमंत्री पद तक पहुंच सके हैं. सोनिया ने कहा कि भाजपा सरकार लोकतांत्रिक आदशरें से भटक रही है. लोगों पर अपनी विचारधारा थोपकर यह हमारे लोकतंत्र के लिए गंभीर खतरे पैदा कर रही है. सांप्रदायिक तनाव पैदा किए जा रहे हैं.

उन्होंने प्रधानमंत्री से कहा कि महज लोगांे की बातें सुनना काफी नहीं है, बल्कि उनके दुख-दर्द को महसूस करना और उनकी समस्याएं सुलझाना जरुरी है ताकि वे शांति से रह सकें. सोनिया ने कहा, रोजगार के मौके पैदा करने की तो बात ही छोड़ दें, हीरे के कारोबार से जुड़ी नौकरियां कर रहे बिहार के करीब 50,000 लोगों को गुजरात में नौकरी गंवानी पड़ी. जिससे बिहार में लोगों के लिए बड़ी समस्या पैदा हो गयी है. क्या वह बेरोजगार युवाओं की आवाज सुन रहे हैं. उन्होंने आरोप लगाया कि मोदी सरकार ने शिक्षा पर खर्च की जाने वाली धनराशि में काफी कटौती कर दी है.

दादरी कांड और बुद्धिजीवियों को निशाना बनाए जाने की घटनाओं की तरफ इशारा करते हुए उन्होंने कहा कि लोगों की हत्या अफवाहों के आधार पर की जा रही है. जिस तरह से बुद्धिजीवियों पर हमले किए जा रहे हैं, उससे उन्हें अपनी राय जाहिर करने की आजादी से वंचित किया जा रहा है. यह सांप्रदायिक सद्भाव की नींव कमजोर करने की कोशिश कर रही है. यह सिर्फ दुख की बात नहीं बल्कि शर्मनाक भी है. सोनिया ने लोगों, खासकर किसानों, महिलाओं और युवाओं से किए गये वादे पूरा करने में नाकाम रहने को लेकर मोदी को आड़े हाथ लिया.

कांग्रेस अध्यक्ष ने सब्जियों और दालों सहित जरुरी वस्तुओं की बढ़ती कीमतों के मुद्दे पर भी प्रधानमंत्री को घेरा. उन्होंने कहा कि महंगाई के कारण आम लोगों का जीना मुहाल हो गया है. उन्होंने कहा कि मोदी बार-बार कहते हैं कि कांग्रेस ने पिछले 60 साल में किया ही क्या है, कांग्रेस ने तो कुछ नहीं किया. सोनिया ने कहा, मैं आप सब, खासकर युवाओं, से कहना चाहती हूं कि एक वक्त था जब औपनिवेशिक शासन के कारण देश में कुछ भी नहीं बचा था. पिछले 60 साल में कांग्रेस पार्टी ने शिक्षा, स्वास्थ्य, कृषि, उद्योग सहित परमाणु एवं अन्य क्षेत्रों में क्रांतिकारी बदलाव लाये हैं. उन्होंने कहा, कांग्रेस ने देश की एकता, अखंडता और विरासत को बचाया है. पार्टी देश को प्रगति पथ पर लेकर गई है और सामाजिक तानेबाने का संरक्षण किया. इसके लिए उसने अपने नेताओं का बलिदान भी दिया.

कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा, हमने लोकतंत्र को मजबूत बनाया जिसके कारण मोदी आज प्रधानमंत्री बन सके. क्या पिछले डेढ साल में यह सब हो गया. यदि आप कांग्रेस द्वारा लायी गयी प्रगति को नहीं देख पा रहे तो यह किसका दोष है. यह आपका दोष है. बिहार विधानसभा के चुनाव जारी हैं. दो चरणों के चुनाव पूरे हो चुके हैं. तीन चरणों के चुनाव बाकी हैं. तीसरे चरण का चुनाव 28 अक्तूबर को होगा जिसमें 50 सीटों पर मतदान होना है.

जीएसटी विधेयक के बारे में सोनिया ने कहा कि यूपीए सरकार ने देश में कर संरचना में सुधार और उद्योगों के विकास के मकसद से यह कानून लाने की कोशिश की थी. उन्होंने कहा, आज हम इसका विरोध और किसी चीज के लिए नहीं बल्कि लोगों के हितों को ध्यान में रखकर कर रहे हैं. क्योंकि जिस बाजार के लिए मोदीजी इस विधेयक को लाना चाह रहे हैं, उससे कीमतें बढ़ेंगी और आम आदमी पर बोझ बढ़ेगा. नगर निकायों और पंचायतों को इससे नुकसान होगा.

सोनिया ने कहा कि मोदी ने आम लोगों की आवाज सुनने का वादा किया था लेकिन न तो वह किसानों की आवाज सुन रहे हैं और न ही महिलाओं या नौजवानों की बात सुन रहे हैं और सब तकलीफ से जूझ रहे हैं. उन्होंने कहा, क्या मोदी सरकार ने दाल और सब्जियों की बढ़ती कीमतों पर आपकी आवाज सुनी. महिलाओं के लिए अपना घर चलाना कितना मुश्किल हो गया है. क्या मोदीजी आज उनकी आवाज सुन रहे हैं. खेती के बारे में सोनिया ने कहा कि बक्सर और भोजपुर इसके लिए जाने जाते थे लेकिन उंची लागत और अपने उत्पाद के एवज में अपर्याप्त कीमत मिलने के कारण किसान समस्या का सामना कर रहे हैं. उन्होंने कहा, क्या मोदी जी हमारे किसानों की आवाज सुन रहे हैं ? बिल्कुल भी नहीं. सोनिया ने कहा कि मोदी ने युवाओं के लिए रोजगार के मौके पैदा करने का वादा किया था लेकिन इस बाबत उन्होंने कुछ भी नहीं किया.

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