ePaper

एयरएशिया विमान हादसा : दुर्घटना का संभावित कारण बादलों के बीच विमान पर बर्फ जमना

Updated at : 03 Jan 2015 1:14 PM (IST)
विज्ञापन
एयरएशिया विमान हादसा : दुर्घटना का संभावित कारण बादलों के बीच विमान पर बर्फ जमना

जकार्ता/सिंगापुर :रविवार कोएयरएशिया विमान दुघर्टना का कारण बताते हुएइंडोनेशियन एजेंसी फॉर मेटरोलॉजिकल, क्लाइमेटोलॉजिकल एंड जियोफीजिक्स ने कहा कि दुर्घटना का सबसे अधिक संभावित कारण बादलों के बीच जाने पर विमान पर बर्फ जमना हो सकता है, जिसने विमान के ईंजन को क्षतिग्रस्त कर दिया होगा. इसी बीच परिवहन मंत्रालय ने घोषणा की है कि समझौते […]

विज्ञापन

जकार्ता/सिंगापुर :रविवार कोएयरएशिया विमान दुघर्टना का कारण बताते हुएइंडोनेशियन एजेंसी फॉर मेटरोलॉजिकल, क्लाइमेटोलॉजिकल एंड जियोफीजिक्स ने कहा कि दुर्घटना का सबसे अधिक संभावित कारण बादलों के बीच जाने पर विमान पर बर्फ जमना हो सकता है, जिसने विमान के ईंजन को क्षतिग्रस्त कर दिया होगा.

इसी बीच परिवहन मंत्रालय ने घोषणा की है कि समझौते के उल्लंघन के कारण एयरएशिया के सुराबाया-सिंगापुर के मार्ग को निलंबित कर दिया गया है. मंत्रालय ने कहा कि एयर एशिया इंडोनेशिया को इस मार्ग पर चलने की अनुमति सिर्फ सोमवार, मंगलवार, गुरुवार और शनिवार के लिए ही है लेकिन वह इसका संचालन रविवार को भी कर रही थी.

अमेरिकी नौसेना के लड़ाकू पोत, यूएसएस फोर्ट वर्थ आज खोज कर सकता है. खोज एजेंसी ने कल कहा था कि अब तक 30 शव बरामद किए जा चुके हैं.

खोजी दलों को मिले विमान के दो बड़े टुकड़े
जावा समुद्र में एयर एशिया के विमान की खोज के दौरान धातु से बनी दो बड़ी वस्तुएं मिली हैं. जबकि खराब मौसम के कारण विमान के डाटा रिकॉर्डरों की खोज के प्रयास बाधित रहे. इंडोनेशिया की खोज एवं बचाव एजेंसी के प्रमुख बमबंग सोएलिस्तयो ने कहा कि पांगकलां बन के पास समुद्र के तल में दो वस्‍तुएं मिली हैं.
सोएलिस्तयो ने संवाददाताओं को बताया कि ये दो वस्तुएं एयरबस ए320 के प्रमुख हिस्सों की हैं. 162 लोगों के ले जा रहे इस विमान का वायु यातायात नियंत्रक से संपर्क रविवार की सुबह टूट गया था. क्षेत्र में तेल रिसाव भी पाया गया.
सोएलिस्तयो ने कहा ‘तेल की परत और दो बड़ी वस्तुएं मिलने पर, हम यह पुष्टि कर सकते हैं कि यह एयर एशिया के उस विमान का एक बड़ा हिस्सा है, जिसे हम ढूंढते रहे हैं.’उन्होंने यह भी कहा कि इन वस्तुओं की तस्वीरें लेने के लिए एक अलग वाहन भेजा जा सकता है. खराब मौसम के कारण बाधा पैदा हो रही है.
सोएलिस्तयो ने कहा कि पहली वस्तु नौ मीटर से भी लंबी प्रतीत होती है और दूसरी वस्तु सात मीटर से ज्यादा लंबाई की है.
उन्होंने कहा कि ये वस्तुएं कल रात 11 बजे आसपास मिली थीं. जिस क्षेत्र में पाई गईं, वह व्यापक खोज क्षेत्र का एक प्राथमिक क्षेत्र है. खोजी दल गोताखोरों को भेजने से पहले मलबे को पास से देखने के लिए फिलहाल दूर से संचालित वाहनों को भेज रहे हैं, लेकिन उंची लहरें और तेज बहाव इन खोजी प्रयासों को बाधित कर रही हैं.
मलेशिया के नौसेना प्रमुख अब्दुल अजीज जाफर ने ट्विटर पर कहा राहतकर्मियों के दल उग्र समुद्र में चार मीटर तक की उंचाई वाली लहरों और 20 से 30 समुद्री मील प्रति घंटा की तेज हवाओं से जूझ रहे हैं. विमान क्यूजेड8501 की खोज के लिए पानी के नीचे 57 समुद्री मील लंबा और 10 समुद्री मील चौडे इलाके को चुना गया है.
विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola