कॉरपोरेट लॉ में हैं भरपूर मौके

Updated at : 07 Dec 2019 12:59 AM (IST)
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कॉरपोरेट लॉ में हैं भरपूर मौके

प्रीति सिंह परिहार कानून के जानकारों की हमेशा से न सिर्फ मांग रही है, बल्कि समाज में एक खास ओहदा भी रहा है. समय के साथ कानून पेशवरों के लिए लगातार अच्छी आयवाले नये मौके सृजित हुए हैं. इसलिए आज बड़े पैमाने पर युवा लॉ कोर्स की ओर रुख करते हैं. बदलते सामाजिक और आर्थिक […]

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प्रीति सिंह परिहार

कानून के जानकारों की हमेशा से न सिर्फ मांग रही है, बल्कि समाज में एक खास ओहदा भी रहा है. समय के साथ कानून पेशवरों के लिए लगातार अच्छी आयवाले नये मौके सृजित हुए हैं. इसलिए आज बड़े पैमाने पर युवा लॉ कोर्स की ओर रुख करते हैं. बदलते सामाजिक और आर्थिक परिदृश्य और नियामक की बढ़ती भूमिका के कारण कानून पेशेवरों के लिए क्षेत्र विशेष में काम करने के विकल्प भी विकसित हुए हैं. एक ऐसा ही विकल्प है कॉरपोरेट लॉ.
अब लगभग सभी बड़ी कंपनियां कॉरपोरेट लॉयर की टीम नियुक्त करती हैं. हालांकि यह एक चुनौतीपूर्ण कार्यक्षेत्र है, जिसमें स्थापित होने के लिए कड़ी मेहनत की दरकार होती है. इसके लिए आपको कई वर्षों तक अध्ययन करना होगा और अनुभव प्राप्त करने की आवश्यकता होगी. लेकिन एक बार इस क्षेत्र में स्थापित हो जाने के बाद अच्छी आय और पहचान दोनों के भरपूर मौके मिलते हैं.
क्या है काॅरपोरेट लॉ
कॉरपोरेट लॉ के पेशेवर, औद्योगिक घरानों, कंपनियों और फर्म के कानूनी सलाहकार के तौर पर काम करते हैं. कॉरपोरेट लॉयर अपने क्लाइंट्स को कानूनी तरीके से व्यापार करने की सलाह देते हैं और उन्हें कानूनी अधिकारों और सीमाओं के बारे में बताते हैं.
नयी फर्म के लिए शुरुआती कागजात तैयार करने से लेकर कॉरपोरेट रीऑर्गनाइजेशन करने तक की जिम्मेदारी कॉरपोरेट लॉयर की होती है. अपनी कंपनी की ओर से अदालत में केस फाइल करने, वहां कंपनी का प्रतिनिधित्व करने और कंपनी के खिलाफ दर्ज मामले में कंपनी का बचाव करने का काम कॉरपोरेट लॉयर का होता है. विशेष मामलों जैसे विलय और अधिग्रहण आदि में कानूनी मुद्दों को संभालने का काम भी यही करते हैं.
ऐसे बढ़ें आगे
कॉरपोरेट लॉयर बनने के लिए पहले तो लॉ में ग्रेजुएशन करना होगा, इसके बाद कॉरपोरेट लॉ में स्पेशलाइजेशन कर के इस क्षेत्र में आगे बढ़ सकते हैं. आप अगर बारहवीं में कॉमर्स लेते हैं, तो आपके लिए कॉरपोरेट लाॅ की पढ़ाई थोड़ा आसान हो जायेगी.
आप बीकॉम के बाद एलएलबी करते हैं, तो यह भी आपके लिए मददगार साबित होगा. इस क्षेत्र में करियर बनाने के इच्छुक अधिकतर छात्र बारहवीं के बाद कॉरपोरेट लॉ में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड कोर्स या पांच वर्षीय बीए एलएलबी (ऑनर्स) कोर्स को तरजीह देते हैं. आप एलएलबी के बाद दो वर्षीय एलएलएम इन कॉरपोरेट लॉ, पीजी डिप्लोमा इन कॉरपाेरेट लॉ या पीजी डिप्लोमा इन बिजनेस एंड कॉरपोरेट लॉ कर सकते हैं.
यहां से करें पढ़ाई
पांच वर्षीय एलएलबी प्रोग्राम के लिए प्रमुख संस्थान हैं- नेशनल लॉ स्कूल आॅफ इंडिया यूनिवर्सिटी, बेंगलुरु. नलसार यूनिवर्सिटी आॅफ लॉ, हैदराबाद. नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, नयी दिल्ली, जोधपुर, भोपाल. गुजरात नेशनल लॉ यूनिवर्सिटी, गांधीनगर. वेस्ट बंगाल नेशनल यूनिवर्सिटी ऑफ जुरिडिकल साइंसेज, कोलकाता. तीन वर्षीय एलएलबी कोर्स के लिए प्रमुख संस्थान हैं- फैकल्टी ऑफ लॉ, दिल्ली यूनिवर्सिटी. फैकल्टी ऑफ लाॅ, बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी, वाराणसी. गवर्नमेंट लॉ कॉलेज, मुंबई. आईएलएस लॉ कॉलेज, पुणे.
प्रवेश परीक्षाओं के बारे में जानें
अच्छे संस्थान में पांच वर्षीय इंटीग्रेटेड एलएलबी कोर्स में प्रवेश के लिए कॉमन लॉ एडमिशन टेस्ट (क्लैट), ऑल इंडिया लाॅ एंट्रेंस टेस्ट (एआईएलईटी), लॉ स्कूल एडमिशन टेस्ट (एलएसएटी) जैसी प्रवेश परीक्षाओं में से किसी एक में सफलता हासिल करना जरूरी है. तीन वर्षीय एलएलबी प्रोग्राम में एडमिशन के लिए डीयूएलएलबी, बीएचयू एलएलबी आदि प्रवेश परीक्षाएं आयोजित की जाती हैं.
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