एक ऐसा गांव जहां गुरुद्वारा तो है, पर एक भी सिख नहीं रहता, मुस्लिम बनाते हैं लंगर

Updated at : 01 Dec 2019 8:15 AM (IST)
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एक ऐसा गांव जहां गुरुद्वारा तो है, पर एक भी सिख नहीं रहता, मुस्लिम बनाते हैं लंगर

नेशनल कंटेंट सेल पाकिस्तान के सिंध प्रांत के सुक्कुर जिले जोंजी गांव में एक ऐसा गांव है जहां गुरुद्वारा तो है, पर एक भी सिख उस गांव में नहीं रहता. विभाजन के बाद से बंद पड़े इस गुरुद्वारे को गुरु नानक की 550वीं जयंती के अवसर पर हिंदुओं ने रिनोवेट कराया और मुस्लिम समुदाय के […]

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नेशनल कंटेंट सेल

पाकिस्तान के सिंध प्रांत के सुक्कुर जिले जोंजी गांव में एक ऐसा गांव है जहां गुरुद्वारा तो है, पर एक भी सिख उस गांव में नहीं रहता. विभाजन के बाद से बंद पड़े इस गुरुद्वारे को गुरु नानक की 550वीं जयंती के अवसर पर हिंदुओं ने रिनोवेट कराया और मुस्लिम समुदाय के लोग वहां लंगर बना रहे हैं.

गुरु नानक (नानक नाम लेवा) के अनुयायियों ने गुरुद्वारा बाबा नानक में श्री गुरु ग्रंथ साहिब के अलावा एक भगवद् गीता भी स्थापित की है. पाकिस्तान हिंदू काउंसिल के सदस्य दीवा सिकंदर ने बताया कि गुरु नानक की 550 वीं जयंती के अवसर पर इसे फिर से खोला गया है. गुरुद्वारा बाबा नानक को रिनोवेट कराने में एक साल का समय लगा, जिसे नानक नाम लेवा संगत के दान की मदद से किया गया. सुक्कुर और खैरपुर जिलों में रहने वाले हिंदू समुदाय ने इसमें अपना भरपूर योगदान दिया है.

दो कमरे वाले गुरुद्वारे के जीर्णोद्धार के लिए लगभग छह लाख रुपये खर्च किये गये हैं. सिकंदर ने बताया कि दिलचस्प बात यह है कि जोंजी में सिख आबादी नहीं है और पूरी व्यवस्था हिंदू और मुस्लिम समुदायों के सदस्यों द्वारा की गयी है. स्थानीय मुस्लिम ग्रामीण भक्तों के लिए लंगर की व्यवस्था करते हैं. शुक्रवार को उद्घाटन के दिन उन्होंने लंच और कराहा प्रसाद तैयार किया. साथ में गुरुद्वारे की सजावट भी की.

कार्यवाहक किया गया नियुक्त, साल में एक बार लायी जायेगी गुरु ग्रंथ साहिब : गुरुद्वारे की देखरेख के लिए एक कार्यवाहक की नियुक्ति की गयी है. भगवद् गीता यहां स्थापित रहेगी. चूंकि गुरु ग्रंथ साहिब की सिलाई के लिए एक उचित मर्याद का पालन किया जाता है, इसलिए पवित्र पुस्तक को वापस सलेहट गुरुद्वारे में ले जाया जायेगा.
-उद्घाटन के दिन मुस्लिमों ने की गुरुद्वारे की सजावट
-विभाजन के बाद से बंद पड़ा था दो कमरे का यह गुरुद्वारा, नानक नाम लेवा संगत ने दिया छह लाख का चंदा
-पीपीपी के नेता सैयद खुर्शीद अहमद शाह ने भी गुरुद्वारे के जीर्णोद्धार के लिए दो लाख रुपये का दिया अनुदान
-गुरुद्वारे में गुरु ग्रंथ साहिब के अलावा एक भगवद् गीता भी की गयी है स्थापित, वाहेगुरु की प्रार्थना के साथ होती है आरती भी
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