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तेल कंपनी अरामको पर हमले के बाद सऊदी अरब में सेना भेजेगा अमरीका

Updated at : 21 Sep 2019 11:02 PM (IST)
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तेल कंपनी अरामको पर हमले के बाद सऊदी अरब में सेना भेजेगा अमरीका

<figure> <img alt="अमरीकी सैनिक" src="https://c.files.bbci.co.uk/DA8D/production/_108894955_ab801c16-955a-43c4-a452-e4f97c4cc215.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के ठिकानों पर ड्रोन हमले के बाद अमरीका ने वहां सेना भेजने की घोषणा की है.</p><p>अमरीकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने मीडिया से कहा कि सेना भेजने की योजना एक रक्षात्मक कदम है. हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि […]

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<figure> <img alt="अमरीकी सैनिक" src="https://c.files.bbci.co.uk/DA8D/production/_108894955_ab801c16-955a-43c4-a452-e4f97c4cc215.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><p>सऊदी अरब की तेल कंपनी अरामको के ठिकानों पर ड्रोन हमले के बाद अमरीका ने वहां सेना भेजने की घोषणा की है.</p><p>अमरीकी रक्षा मंत्री मार्क एस्पर ने मीडिया से कहा कि सेना भेजने की योजना एक रक्षात्मक कदम है. हालांकि ये स्पष्ट नहीं है कि कितने सैनिक वहां भेजे जाएंगे.</p><p>यमन के हूती विद्रोहियों ने तेल कंपनी अरामको के दो ठिकानों पर बीते हफ़्ते हुए हमलों की ज़िम्मेदारी ली. हूती विद्रोहियों को ईरान का समर्थन प्राप्त है.</p><p>लेकिन अमरीका और सऊदी अरब दोनों ईरान पर हमले का आरोप लगा रहे हैं.</p><p><a href="https://www.youtube.com/watch?v=VDejlo9GBvY">https://www.youtube.com/watch?v=VDejlo9GBvY</a></p><p>शुक्रवार को राष्ट्रपति डोनल्ड ट्रंप ने ईरान पर नए प्रतिबंध लगाने की घोषणा की थी. हालांकि उन्होंने यह भी इशारा किया वो सैन्य संघर्ष से बचना चाहते थे.</p><p>ट्रंप ने कहा कि ये ईरान पर लगाया गया सबसे कड़ा प्रतिबंध है. इन प्रतिबंधों का असर ईरान के सेंट्रल बैंक और उसके स्वायत्त ख़जाने पर होगा.</p><p>ओवल ऑफिस में मीडिया से बातचीत में उन्होंने कहा, &quot;जो लोग ताकत दिखा रहे थे अब थोड़ा संयम बरतेंगे.&quot;</p><p>लेकिन शनिवार को ईरान के रेवोल्यूशनरी गार्ड के कमांडर ने अलग ही भाषा में जवाब दिया और कहा कि देश के ख़िलाफ़ साजिश रचने वालों को ‘तबाह’ कर देंगे.</p><p>मेजर जनरल हुसैन सलामी ने सरकारी टीवी को दिए बयान में कहा, &quot;सावधान रहिए. हम बदला लेंगे और ये तब तक जारी रहेगा जब तक कि हम अपने सभी दुश्मनों के ख़त्म नहीं कर देते.&quot;</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-49705259?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">सऊदी कंपनी पर हमले का तेल बाज़ार पर कितना असर</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-49679015?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">सऊदी अरब और रूस को कैसे दोस्त बनाया तेल ने</a></li> </ul><figure> <img alt="अमरीका" src="https://c.files.bbci.co.uk/128AD/production/_108894957_c00b4645-5f5f-4288-af15-f25b640e977d.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Getty Images</footer> </figure><h3>पेंटागन ने क्या कहा?</h3><p>रक्षा मंत्री एस्पर ने कहा कि सऊदी अरब और संयुक्त अरब अमीरात ने उनसे मदद की अपील की थी.</p><p>उन्होंने कहा कि अमरीकी फ़ौज हवाई और मिसाइल सुरक्षा पर ध्यान देगी. साथ ही दोनों देशों के बीच हथियारों का आदान प्रदान बढ़ेगा.</p><p>ज्वाइंट चीफ़ ऑफ़ स्टाफ़ के चेयरमैन जनरल जोसेफ़ डनफोर्ड ने इसे एक छोटा कदम बताया. उन्होंने कहा कि सैनिकों की संख्या हज़ारों में नहीं होगी. हालांकि उन्होंने यह नहीं बताया कि कैसे सैनिक वहां भेजे जाएंगे. </p><p>न्यूयॉर्क टाइम्स की एक रिपोर्ट के मुताबिक जब रक्षा मंत्री से सवाल किया गया कि क्या अमरीका ईरान पर हमले की योजना बना रहा है तो उन्होंने जबाव में कहा ‘हम अभी इस स्थिति तक नहीं पहुंचे हैं.'</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-49710560?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">सऊदी तेल ठिकानों पर हमले के बाद कच्चे तेल के दाम बढ़े</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-49712995?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">कुवैत पर हमले के बाद से सबसे महंगा हुआ तेल</a></li> </ul><figure> <img alt="अमरीका" src="https://c.files.bbci.co.uk/176CD/production/_108894959_bbcc9921-f819-455d-b9cb-2f8023e4615a.jpg" height="549" width="976" /> <footer>Reuters</footer> </figure><h3>सऊदी अरब में क्या हुआ?</h3><p>सऊदी अरब की सरकारी तेल कंपनी अरामको के दो बड़े ठिकानों – अबक़ीक़ और ख़ुरैस पर बीते सप्ताह ड्रोन हमले हुए थे जिसके कारण अस्थाई तौर पर इन दोनों जगहों पर तेल उत्पादन प्रभावित हुआ है. और दुनिया भर में तेल की सप्लाई और तेल कीमतों पर असर पड़ा है.</p><p>बुधवार को सऊदी रक्षा मंत्रालय में ड्रोन और मिसाइल के अवशेष दिखाते हुए हमले में ईरान के शामिल होने के सबूत दिए. मंत्रालय के प्रवक्ता ने कहा, &quot;हम अभी पता लगाने की कोशिश कर रहे हैं कि हमले किस जगह से किए गए.&quot;</p><p>अमरीका ने भी हमले के लिए ईरान को ज़िम्मेदार ठहराया है. वरिष्ठ अधिकारियों ने अमरीकी मीडिया को बताया कि उनके पास इस बात के सबूत हैं कि हमले दक्षिण ईरान से किए गए हैं.</p><h3>ईरान ने किया हमले से इनकार</h3><p>हालांकि ईरान ने लगातार इस बात से इनकार किया है कि हमले में उसका हाथ है. ईरान के प्रधानमंत्री हसन रूहानी ने कहा कि ये हमला यमन के लोगों ने बदले की भावना से किया है.</p><p>ईरान के विदेश मंत्री मोहम्मद ज़ावेद ज़रीफ ने एक ट्वीट में कहा, &quot;ये अमरीका की भूल है कि अगर उसे लगता है कि बीते साढ़े चार सालों से अत्याचार और युद्ध अपराध झेल रहे यमन के लोग बदला लेने के लिए हमला नहीं कर सकते.&quot;</p><p>बुधवार को अमरीका के विदेश मंत्री माइक पोम्पियो ने सऊदी तेल ठिकानों पर हुए हमलों को ‘युद्ध’ करार दिया.</p><p>इसके जवाब में ईरान के विदेश मंत्री ने ट्वीट करके कहा कि ईरान की युद्ध में कोई दिलचस्पी नहीं है लेकिन &quot;अगर हम पर हमला हुआ तो हम चुप नहीं रहेंगे.&quot;</p><p>बता दें कि ड्रोन हमलों से मची उथल-पुथल और तेल के उत्पादन पर पड़े असर के बाद अरामको ने कहा कि सितंबर के अंत तक हालात सामान्य हो सकते हैं.</p> <ul> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-49716988?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">सऊदी अरब के तेल ठिकानों पर हमले के पीछे ईरान?</a></li> <li><a href="https://www.bbc.com/hindi/international-49711566?xtor=AL-73-%5Bpartner%5D-%5Bprabhatkhabar.com%5D-%5Blink%5D-%5Bhindi%5D-%5Bbizdev%5D-%5Bisapi%5D">सऊदी अरब ख़ुद पर हमला क्यों नहीं रोक पा रहा</a></li> </ul><figure> <img alt="सउदी अरामको" src="https://c.files.bbci.co.uk/4235/production/_108894961_8f22afc1-80cc-405e-b83f-5d49fe07cb53.jpg" height="351" width="624" /> <footer>Reuters</footer> </figure><h3>हमले का भारत पर असर</h3><p>अरामको पर ड्रोन हमले से तेल की क़ीमतों में उछाल आ गया है. बीते कुछ दशकों में ये सबसे तेज़ उछाल है और इसने मध्य-पूर्व में एक नए संघर्ष का ख़तरा पैदा कर दिया है.</p><p>इस हमले से सऊदी अरब के कुल उत्पादन और दुनिया की 5 प्रतिशत तेल आपूर्ति पर बुरा असर पड़ा. भारत क़रीब 83 प्रतिशत तेल आयात करता है. भारत विश्व में तेल के सबसे बड़े आयातकों में से एक है.</p><p>पहले भारत अपने तेल के आयात का 10 प्रतिशत से ज़्यादा हिस्सा ईरान से ख़रीदता था. लेकिन इस साल की शुरुआत में अमरीका ने परमाणु समझौते से अलग होने के बाद भारत समेत कई देशों पर यह दबाव बनाया कि वो ईरान से तेल ख़रीदना बंद कर दे.</p><p>फिलहाल भारत अपना ज़्यादातर कच्चा तेल और कुकिंग गैस इराक़ और सऊदी अरब से ख़रीदता है. सऊदी अरब से तेल सप्लाई बाधित होने की स्थिति में भारत में तेल की कीमतें बढ़ने लगी हैं और इसके अभी और महंगे होने का अनुमान लगाया जा रहा है.</p><p><strong>(बीबीसी हिन्दी के एंड्रॉएड ऐप के लिए आप </strong><a href="https://play.google.com/store/apps/details?id=uk.co.bbc.hindi">यहां क्लिक</a><strong> कर सकते हैं. आप हमें </strong><a href="https://www.facebook.com/bbchindi">फ़ेसबुक</a><strong>, </strong><a href="https://twitter.com/BBCHindi">ट्विटर</a><strong>, </strong><a 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