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जियोइनफॉर्मेटिक्स में खुलेंगी करियर की नई संभावनाएं, रुचि है तो 31 अगस्त तक यहां करें आवेदन

Updated at : 02 Aug 2019 9:26 AM (IST)
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जियोइनफॉर्मेटिक्स में खुलेंगी करियर की नई संभावनाएं, रुचि है तो 31 अगस्त तक यहां करें आवेदन

नयी दिल्ली: तकनीक के बदलते मिजाज का स्वरूप है ज्योग्रॉफिकल इनफॉरमेशन साइंस (जीआइएस) या जियोइनफॉर्मेटिक्स. मानव विकास के क्षेत्र में इन विषयों की भूमिका बढ़ी है. खासतौर पर डिजिटल इंडिया और स्मार्ट सीटी प्रोजेक्ट में जीआईएस महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. मौसम की जानकारी हो, बारिश की संभावना हो, भूमि संबंधी जानकारी हो या फिर कागजात […]

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नयी दिल्ली: तकनीक के बदलते मिजाज का स्वरूप है ज्योग्रॉफिकल इनफॉरमेशन साइंस (जीआइएस) या जियोइनफॉर्मेटिक्स. मानव विकास के क्षेत्र में इन विषयों की भूमिका बढ़ी है. खासतौर पर डिजिटल इंडिया और स्मार्ट सीटी प्रोजेक्ट में जीआईएस महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है. मौसम की जानकारी हो, बारिश की संभावना हो, भूमि संबंधी जानकारी हो या फिर कागजात को ऑनलाइन करना. इस विषय की मांग बढ़ती जाती है.

रिमोट सेंसिंग की इस तकनीक में एक क्लिक पर लोगों के पास तमाम भौगोलिक आंकड़े प्रस्तुत हो जाते हैं. इसकी बढ़ती जरूरतों और इसके विशेषज्ञों की कमी ने इस विषय में संभावनाओं को बढ़ा दी है. अब यह कोर्स के रूप में पढ़ाया जा रहा है. रांची के एक्सआइएसएस में यह कोर्स उपलब्ध है. एडमिशन की प्रक्रिया शुरू होने वाली है. विद्यार्थी आवेदन कर इस कोर्स में शामिल हो सकते हैं.

कम समय में नक्शा बनाने में मददगार जीआइएस

ज्योग्राफिकल इंफॉरमेशन सिस्टम यानी जीआइएस कंप्यूटर आधारित तकनीक है, जो कम समय में प्रभावी और उपयोगी नक्शा बनाने में मददगार है. जीआइएस सिस्टम समस्याओं को देखने, समझने और उसके संबंध में उचित निर्णय लेने में सक्षम है. इस तकनीक की मदद से भौगोलिक दशा और होने वाले परिवर्तनों की विस्तृत जानकारी उपग्रहों के माध्यम से ली जाती है. इसकी मदद से पृथ्वी की अधिकांश हिस्से को देखा जा सकता है.

30 सीटों के लिए होगा एडमिशन

रांची में सिर्फ एक्सआइएसएस में जीआइएस कोर्स मौजूद है. ऐसे में इच्छुक विद्यार्थी इस विषय में रुचि भी लेते हैं. कोर्स में प्रवेश के लिए आवेदन की प्रक्रिया पांच अगस्त से शुरू होगी. 30 सीटों के लिए आवेदन की प्रक्रिया 31 अगस्त तक जारी रहेगी. संस्थान में यह कोर्स छह महीने के लिए आयोजित किया जाता है. इस साल कोर्स सितंबर 2019 से लेकर मार्च 2020 तक चलेगा. ऐसे में इस कोर्स को किसी भी विषय से ग्रेजुएशन कर रहे दूसरे साल के विद्यार्थी और पीजी में अध्ययनरत छात्र आवेदन कर सकेंगे.

उपलब्ध करायेगा पाठ्यक्रम सामग्री

एक्सआइएसएस में कोर्स के दौरान विद्यार्थियों को कंप्यूटर की सुविधा क्लास रूम में ही दी जाएगी. कोर्स से संबंधित किताबें भी संस्थान की ओर से उपलब्ध करायी जायेगी. इस कोर्स में विद्यार्थियों को इरडास, जियोमीडिया, इएनवीआइ, आइजीआइएस और क्यूजीआइएस जैसे सॉफ्टवेयर की जानकारी भी दी जायेगी. साथ ही जीपीएस, डीजीपीएस और इटीएस जैसे सर्वे इंस्ट्रूमेंट का भी प्रशिक्षण दिया जायेगा. इस कोर्स के लिए कक्षाएं दिन के तीन बजे से शाम छह बजे तक संचालित की जाएंगी. एडमिशन के लिए आवेदन फॉर्म संस्थान की वेबसाइट http://xiss.ac.in/GI/ में उपलब्ध रहेगी. इस कोर्स के लिए विद्यार्थियों को 35 हजार रुपये का भुगतान करना होगा.

इन क्षेत्रों में है रोजगार की संभावना

स्मार्ट सिटी

वन विभाग

खान व भूगर्भ विभाग

राजस्व एवं भूमि सुधार विभाग

पेयजल विभाग

सर्वे ऑफ इंडिया

अन्य गैर सरकारी संस्थान

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