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ट्रंप के गुस्से का शिकार हुए ब्रिटिश राजदूत, देना पड़ा इस्तीफा

Updated at : 10 Jul 2019 6:44 PM (IST)
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ट्रंप के गुस्से का शिकार हुए ब्रिटिश राजदूत, देना पड़ा इस्तीफा

लंदन : अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत किम डैरेक ने लीक हुए ई-मेल को लेकर चल रहे कूटनीतिक विवाद के बीच बुधवार को इस्तीफा दे दिया. डैरेक ने कहा कि वह अटकलों पर विराम लगाना चाहते हैं. उन्होंने कहा, मौजूदा स्थिति मेरे लिए अपनी वैसी भूमिका निभाना असंभव बना रही है जैसा मैं चाहता हूं. ब्रिटेन […]

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लंदन : अमेरिका में ब्रिटिश राजदूत किम डैरेक ने लीक हुए ई-मेल को लेकर चल रहे कूटनीतिक विवाद के बीच बुधवार को इस्तीफा दे दिया. डैरेक ने कहा कि वह अटकलों पर विराम लगाना चाहते हैं. उन्होंने कहा, मौजूदा स्थिति मेरे लिए अपनी वैसी भूमिका निभाना असंभव बना रही है जैसा मैं चाहता हूं. ब्रिटेन के विदेश कार्यालय ने डैरेक के इस्तीफे की पुष्टि की है.

गौरतलब है कि ब्रिटिश राजदूत के उन कूटनीतिक ई-मेल के लीक होने के बाद विवाद खड़ा हो गया है जिनमें ट्रंप प्रशासन को अकुशल और अनाड़ी बताया गया है. ई-मेल लीक होने के बाद मंगलवार को अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ब्रिटिश राजदूत को मूर्ख बताते हुए उन्हें अत्यंत बेवकूफ तथा आडंबर से भरा मूर्ख करार दिया था. डैरेक के ई-मेलों में कहा गया है कि ट्रंप के शासन के तहत व्हाइट हाउस पूरी तरह निष्क्रिय और अनुपयुक्त हो गया है. ट्रंप ने सिलसिलेवार ट्वीटों में कहा कि राजदूत बहुत ही मूर्ख व्यक्ति हैं. अमेरिकी राष्ट्रपति ने ब्रेग्जिट मामले को लेकर ब्रिटेन की कार्यवाहक प्रधानमंत्री टेरेसा मे पर भी हमला बोला और कहा कि वह अपने मूर्खतापूर्ण तौर तरीकों के चलते इसे हासिल करने में विफल रहीं. एक आपदा.

ट्रंप ने ट्वीट किया, उन्हें (राजदूत) ब्रेग्जिट समझौते की विफलता को लेकर अपने देश और प्रधानमंत्री टेरेसा मे से बात करनी चाहिए थी, न कि मेरे बारे में परेशान होना चाहिए था. उन्होंने कहा, मैंने टेरेसा मे को बताया था कि समझौते को लेकर कैसे निपटना है, लेकिन वह अपने मूर्खता भरे तौर-तरीकों के चलते इसे हासिल करने में असफल रहीं. मैं राजदूत को नहीं जानता, लेकिन बताया गया है कि वह आडंबर से भरा मूर्ख व्यक्ति है. ट्रंप ने प्रधानमंत्री पद से मे की रवानगी का भी स्वागत किया. अमेरिकी राष्ट्रपति संबंधित मामले में सोमवार से ही लगातार ट्वीट करने में लगे हैं. उन्होंने सोमवार को कहा था कि वह देश में ब्रिटेन के राजदूत से अब आगे किसी तरह का संपर्क नहीं रखेंगे. ट्रंप ने ट्वीट किया, मैं राजदूत को नहीं जानता, लेकिन अमेरिका में उन्हें कोई पसंद नहीं करता या उनके बारे में किसी के अच्छे विचार नहीं हैं.

अमेरिकी राष्ट्रपति ने व्हाइट हाउस में सोमवार को आयोजित एक कार्यक्रम के लिए ब्रिटिश राजदूत को भेजा गया आमंत्रण भी रद्द कर दिया था. वहीं, मे ने अमेरिका में अपने राजदूत के प्रति अपना समर्थन दोहराया. डाउनिंग स्ट्रीट ने कहा कि राजदूत को मे का पूरा समर्थन प्राप्त है और राजनयिकों को अपनी तैनाती के देश में राजनीति का ईमानदार आकलन उपलब्ध कराने के लिए हर हाल में स्वतंत्रता होनी चाहिए. मामले में डाउनिंग स्ट्रीट के एक प्रवक्ता ने कहा, हमने अमेरिका को स्पष्ट कर दिया है कि यह लीक कितना दुर्भाग्यपूर्ण है. मेल के चुनिंदा हिस्सों का लीक होना हमारे संबंधों की गहराई और सम्मान को प्रदर्शित नहीं करता. प्रवक्ता ने कहा, हमारे लंबे इतिहास और साझा मूल्यों के प्रति कटिबद्धता के आधार पर ब्रिटेन का अमेरिका के साथ एक खास और मजबूत संबंध है तथा यह आगे भी जारी रहेगा. संबंधित घटनाक्रम सप्ताहांत तब हुआ जब डैरेक की ओर से ब्रिटेन सरकार के कुछ अधिकारियों को भेजे गये गोपनीय ई-मेल मीडिया में आ गये.

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