आतंकवादी समूहों के वित्त पोषण मामले में ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स'' ने पाकिस्तान को फिर चेताया, ‘ग्रे लिस्ट ’ में डाला

Updated at : 22 Jun 2019 11:25 AM (IST)
विज्ञापन
आतंकवादी समूहों के वित्त पोषण मामले में ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स'' ने पाकिस्तान को फिर चेताया, ‘ग्रे लिस्ट ’ में डाला

नयी दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स'( एफएटीएफ )ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी समूहों का वित्त पोषण रोकने में विफल रहने को लेकर पाकिस्तान को ‘ग्रे सूची’ में डाला. एफएटीएफ ने पाकिस्तान से कहा कि वह अपनी धरती से उत्पन्न आतंकवाद को लेकर वैश्विक चिंताओं के […]

विज्ञापन

नयी दिल्ली : अंतरराष्ट्रीय आतंकवाद के वित्तपोषण की निगरानी करने वाली संस्था ‘फाइनेंशियल एक्शन टास्क फोर्स'( एफएटीएफ )ने लश्कर-ए-तैयबा और जैश-ए-मोहम्मद आतंकवादी समूहों का वित्त पोषण रोकने में विफल रहने को लेकर पाकिस्तान को ‘ग्रे सूची’ में डाला. एफएटीएफ ने पाकिस्तान से कहा कि वह अपनी धरती से उत्पन्न आतंकवाद को लेकर वैश्विक चिंताओं के संबंध में ठोस और स्थाई कदम उठाये.

एफएटीएफ ने शुक्रवार को कहा कि पाकिस्तान आतंकवाद को वित्तपोषण पर अपनी कार्ययोजना को पूरा करने में विफल रहा है. एफएटीएफ ने पाकिस्तान को अक्टूबर तक अपनी प्रतिबद्धता को पूरा करने या कार्रवाई का सामना करने की चेतावनी दी है जिसके तहत उसे काली सूची में डाला जा सकता है. फ्लोरिडा के ओरलैंडो में अपनी पूर्ण बैठक के समापन पर जारी एक बयान में, एफएटीएफ ने चिंता व्यक्त की कि ‘‘न केवल पाकिस्तान जनवरी की समय सीमा के साथ अपनी कार्ययोजना को पूरा करने में विफल रहा, बल्कि वह मई 2019 तक भी अपनी कार्य योजना को पूरा करने में भी विफल रहा है.’ एफएटीएफ ने ‘‘कड़ाई’ से पाकिस्तान से अक्टूबर 2019 तक अपनी कार्ययोजना को पूरा करने का अनुरोध किया.

‘ग्रे’ सूची में डालने के मायने

पिछले साल जून 2018 में एफएटीएफ ने पाकिस्तान को ‘ग्रे’ सूची में डाला था. एफएटीएफ ने उसे 27 बिंदु कार्य योजना दी थी. इस योजना की अक्तूबर 2018 में हुए पिछले पूर्ण सत्र में और दूसरी बार फरवरी में समीक्षा की गई थी. पाकिस्तान को फिर से तब ‘ग्रे’ सूची में डाल दिया गया था जब भारत ने पाकिस्तान स्थित आतंकवादी समूहों के बारे में नयी सूचना मुहैया करायी थी. एफएटीएफ की ‘ग्रे’ सूची में बने रहने पर पाकिस्तान की आईएमएफ, विश्व बैंक, एडीबी, यूरोपीय संघ द्वारा साख कम की जाएगी. इससे पाकिस्तान की वित्तीय समस्याएं और बढ़ेंगी.

विज्ञापन
Prabhat Khabar Digital Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar Digital Desk

यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola