जोकर बनना चाहते थे अरमान जैन

कपूर खानदान का एक और सितारा भारतीय सिनेमा में अपने कैरियर की शुरुआत करने जा रहा है. करिश्मा, करीना और रनबीर कपूर के बाद दिवंगत शोमैन राजकपूर के नाती अरमान जैन भी फिल्म लेकर हम दीवाना दिल से बॉलीवुड में कैरियर आजमाने आ पहुंचे हैं. उनकी इस फिल्म और कैरियर पर उर्मिला से हुई बातचीत. […]
कपूर खानदान का एक और सितारा भारतीय सिनेमा में अपने कैरियर की शुरुआत करने जा रहा है. करिश्मा, करीना और रनबीर कपूर के बाद दिवंगत शोमैन राजकपूर के नाती अरमान जैन भी फिल्म लेकर हम दीवाना दिल से बॉलीवुड में कैरियर आजमाने आ पहुंचे हैं. उनकी इस फिल्म और कैरियर पर उर्मिला से हुई बातचीत.
लेकर हम दीवाना दिल में अपने किरदार के बारे में आप क्या कहेंगे?इस फिल्म में मेरे किरदार का नाम डीनो है. यह एक एडवेंचर्स किरदार है, जिसे पार्टियों से प्यार है. अति आत्मविश्वासी लड़का है. कोई भी चीज करने से पहले सोचता नहीं है. एक आम युवा लड़के की तरह है. जैसा हर कोई अपने युवा दिनों में होता है. मैं भी ऐसा ही था.
को-स्टार दीक्षा का साथ आपको कैसा लगा?
दीक्षा सेठ साउथ की सात आठ फिल्में कर चुकी हैं, इसलिए शुरुआत में मैं नर्वस था कि उन्हें बहुत अनुभव है. मगर शूटिंग के दौरान सारा डर खत्म हो गया. वे बहुत ही अच्छी को-स्टार हैं.
धर्मा प्रोडक्शन में बतौर सहायक निर्देशक का अनुभव कैसा था?
बहुत अच्छा. माय नेम इज खान, स्टूडेंट ऑफ द एयर जैसी फिल्मों से मैं जुड़ा था, इसलिए फिल्म मेकिंग की बारीकियों को समझ पाया. करन जाैहर मल्टीटास्कर हैं. वे एक साथ कई काम कर सकते हैं. उनके साथ काम करते हुए मैंने यह बात जानी.
ऐसी खबरें सुनने को मिल रही हैं कि आपको इस फिल्म का ऑफर अचानक ही मिल गया था, जब आप अभिनय के लिए तैयार नहीं थे?
ऐसा नहीं है कि मैं तैयार नहीं था. तैयारी तो हमेशा अधूरी ही होती है, क्योंकि जब आप कैमरे को फेस करते हैं उस वक्त का अनुभव अलग ही होता है. हां, डर था मुङो इस फिल्म की शूटिंग के चार, पांच महीने तक ऐसा लगता था कि कहीं मुङो रिप्लेस न कर दिया जाये.
आप फिल्मी परिवार से आते हैं. ऐसे में अपनी कजिन सिस्टर्स या भाई से फिल्मों के बारे में क्या बाते करते हैं?
मेरा परिवार फिल्मों से ताल्लुकात जरूर रखता है, लेकिन हम हमेशा फिल्मों की ही बातें नहीं करते. हमारे पास डिस्कशन के लिए बहुत कुछ होता है. हम तो कपूर हैं. खाने के शौकीन हैं. मिलते हैं तो जमकर खाते पीते हैं. साथ होते हैं तो एक दूसरे की टांग खींचते हैं और बहुत शोर मचाते हैं. कपूर परिवार में सिर्फखाने और आवाज का प्रदूषण ही होता है. हां, यह थोड़ा अजीब है लेकिन बहुत मजेदार है. कपूर परिवार में हर कोई हो हल्ला, उछल कूद करता है और फिर अभिनय भी कर लेता है.
आपका बचपन कैसा था?
मेरा बचपन आम लड़के की तरह ही बीता है. मेरे पिता बिजनेसमैन हैं, सो मैं टीनएज में स्टॉक मार्केट से जुड़ा हुआ था. मैं शायद ही किसी फिल्म के सेट पर गया हूं. ज्यादा फिल्में भी नहीं देखता हूं. हां, मेरी मां मुङो नानाजी (राजकपूर) की फिल्में जरूर दिखाती थी. मुङो उनकी फिल्म मेरा नाम जोकर बहुत पसंद थी. मैं सोचता था मेरे नानाजी जोकर हैं. मैं भी बड़ा होकर जोकर बनना चाहता था. शायद एक्टिंग का कीड़ा वहीं से आया था.
भविष्य में कैसी फिल्में करना चाहते हैं?
कैसी फिल्मों का तो पता नहीं, लेकिन मेरी ख्वाहिश आरके बैनर की फिल्म करने की है. बदकिस्मती से इन दिनों आरके बैनर फिल्में नहीं बना रहा है, लेकिन मौका मिला तो मुझसे खुशनसीब और कोई नहीं होगा.
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