वीजा उल्लंघन में छह सौ भारतीय छात्र अरेस्ट, यूएस में अब पढ़े-लिखे को ही मिलेगा एच1बी वीजा, एक अप्रैल से होगा लागू
Author Prabhat khabar digital desk
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फर्जी यूनिवर्सिटी के जाल में फंसे थे छात्र, गिरफ्तार होने वालों में अधिकतर तेलुगू छात्र वाशिंगटन : इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन को लेकर अमेरिका ने कड़ा रूख अपनाया है. अमेरिकन तेलुगु एसोसिएशन के मुताबिक, यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इनफोर्समेंट एजेंसी ने छापेमारी कर करीब 600 भारतीय छात्रों को हिरासत में लिया गया है. इनमें ज्यादा […]
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फर्जी यूनिवर्सिटी के जाल में फंसे थे छात्र, गिरफ्तार होने वालों में अधिकतर तेलुगू छात्र
वाशिंगटन : इमिग्रेशन नियमों के उल्लंघन को लेकर अमेरिका ने कड़ा रूख अपनाया है. अमेरिकन तेलुगु एसोसिएशन के मुताबिक, यूएस इमिग्रेशन एंड कस्टम्स इनफोर्समेंट एजेंसी ने छापेमारी कर करीब 600 भारतीय छात्रों को हिरासत में लिया गया है. इनमें ज्यादा संख्या तेलुगू छात्रों की बतायी जा रही है.
एटीए ने भारतीय राजदूत हर्षवर्धन सिंगला और अटलांटा में सीजेआइ डॉ स्वाती विजय कुलकर्णी से मिल कर मामले की जानकारी दी. दरअसल, अवैध रूप से रह रहे विदेशियों को गिरफ्तार करने के लिए अमेरिका ने एक फर्जी यूनिवर्सिटी का गठन किया था, जिसके जाल में कई भारतीय फंस गये. एटीए ने वकीलों से संपर्क कर इस बात की जानकारी दी है कि करीब 600 छात्रों को अरेस्ट वारंट जारी किया गया है. एटीए ने बताया कि यूएस डिपार्टमेंट ऑफ होमलैंड सिक्योरिटी और आप्रवासन एजेंसी ने अभियान चला कर उचित दस्तावेजों के बिना रह रहे छात्रों पर कार्रवाई की.
इधर, आव्रजन एवं सीमा शुल्क प्रवर्तन विभाग ने धोखाधड़ी कर सैकड़ों प्रवासियों को छात्रों के रूप में देश में अवैध तरीके से बने रहने में मदद करने के आरोपों पर आठ लोगों को भी गिरफ्तार किया. एटीए प्रमुख परमेश भीमरेड्डी ने इस मामले में दूतावास को मदद का भरोसा दिया है. इमिग्रेशन के मामले में भारत पहले और चीन दूसरे स्थान पर आता है. यहां के लोग सबसे ज्यादा अमेरिका में रहते है.बता दें कि डोनाल्ड ट्रंप ने चुनाव के समय अवैध इमिग्रेशन पर लगाम कसने का वादा किया था.
उचित दस्तावेजों के बिना रह रहे छात्रों पर हुई कार्रवाई
यूएस में पढ़े-लिखे को ही अब एच1बी वीजा, एक अप्रैल से होगा लागू
वाशिंगटन : अमेरिका से उच्च शिक्षा पाने वाले विदेशी कामगारों को मौका देने के लिए ट्रंप प्रशासन ने बुधवार को एच-1बी वीजा आवेदन से संबंधित नयी नीति की घोषणा की. यह नयी नीति ज्यादा सक्षम, प्रभावी है और यह योग्य लोगों को अमेरिका में रहने और काम करने में मदद करेगी.
नये नियमों से अमेरिकी संस्थानों से उच्च शिक्षा प्राप्त विदेशियों को प्राथमिकता दी जायेगी. यह नियम उस आदेश को पलट देगा, जिसके अमेरिकी सिटिजनशिप एंड इमिग्रेशन सर्विसेस नियमित कैप और एडवांस डिग्री छूट के तहत एच-1बी अर्जियों का चयन करती थी. यह नया नियम 1 अप्रैल से लागू किया जायेगा. यूएससीआइएस के निदेशक फ्रांसिस सिस्ना ने कहा कि इससे विदेशी कर्मचारी जिन्हें रोजगार की तलाश है और एजेंसी के सहायक को एच1 बी वीजा कार्यक्रम को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी.
तीन लाख लोगों ने किया आवेदन
अप्रैल 2018 से अबतक 3,06,601 भारतीय ग्रीन कार्ड पाने का इंतजार कर रहे हैं. ग्रीन कार्ड के लिए कुल 3,95,025 विदेशियों ने आवेदन किया है, जिनमें से 78 फीसदी भारतीय हैं.
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