मिशन-2019 : सारण में इस बार भी आर-पार की होगी लड़ाई, तेज प्रताप के प्रत्याशी होने की भी सुगबुगाहट

Updated at : 19 Jan 2019 7:25 AM (IST)
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मिशन-2019 : सारण में इस बार भी आर-पार की होगी लड़ाई, तेज प्रताप के प्रत्याशी होने की भी सुगबुगाहट

-इस बार के चुनाव में जातियों की गोलबंदी ही असरदार साबित होगी, प्रत्याशी के तौर पर कई नामों की चर्चा पटना : हाइप्रोफाइल सारण संसदीय सीट पर इस बार भी आर-पार की लड़ाई होगी. उम्मीदवार अभी भी तय नहीं हुए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि महागठबंधन से लालू प्रसाद के परिवार से ही […]

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-इस बार के चुनाव में जातियों की गोलबंदी ही असरदार साबित होगी, प्रत्याशी के तौर पर कई नामों की चर्चा

पटना : हाइप्रोफाइल सारण संसदीय सीट पर इस बार भी आर-पार की लड़ाई होगी. उम्मीदवार अभी भी तय नहीं हुए हैं, लेकिन माना जा रहा है कि महागठबंधन से लालू प्रसाद के परिवार से ही कोई उम्मीदवार होगा. जबकि, एनडीए में भाजपा के राजीव प्रताप रूडी के नाम सबसे ऊपर हैं. हालांकि, जनार्दन सिंह सीग्रीवाल के समर्थकों को उम्मीद है कि महाराजगंज की सीट जदयू में जाने की स्थिति में उनके नाम पर भी पार्टी विचार करेगी. सारण प्रमंडल का सबसे चर्चित लोकसभा सीट सारण की रही है. राजद प्रमुख लालू प्रसाद ने यहां से अपनी संसदीय जीवन की शुरुआत की थी. 1977 से अब तक हुए चुनाव में राजद अध्यक्ष लालू प्रसाद व उनका परिवार चर्चा में रहा है. इस इलाके में दो मजबूत जातियां यादव और राजपूत एक-दूसरे के खिलाफ वोट करती रही है. इस बार के चुनाव में भी जातियों की गोलबंदी ही असरदार साबित होगी.

1980 के चुनाव में सत्यदेव सिंह चुने गये थे सांसद : सारण में 1980 के चुनाव में सत्यदेव सिंह और 1984 में रामबहादुर सिंह जनता पार्टी के टिकट पर सांसद निर्वाचित हुए थे. पिछले चुनाव में यहां भाजपा का परचम लहराया था. यहां राजद ने लालू प्रसाद के चुनाव नहीं लड़ पाने की कानूनी अड़चन के कारण पूर्व सीएम राबड़ी देवी को अपना उम्मीदवार बनाया था. भाजपा ने पूर्व केंद्रीय मंत्री राजीव प्रताप रूडी को अपना उम्मीदवार बनाया और उन्हें जीत मिली थी. रूडी इसके पहले भी 1999 और 1996 में यहां से सांसद निर्वाचित हो चुके हैं. इस बार के चुनाव में राबड़ी देवी दोबारा राजद उम्मीदवार बनायी जायेंगी या उनके परिवार के किसी दूसरे शख्स को चुनाव मैदान में उतारा जायेगा, इस पर संशय बरकरार है.

तेज प्रताप के प्रत्याशी होने की भी सुगबुगाहट
जानकार बताते हैं कि राबड़ी देवी के अलावा लालू प्रसाद के बड़े बेट तेज प्रताप यादव समेत और भी कई सदस्य हैं, जिनके नाम की गाहे बगाहे उम्मीदवार के तौर पर चर्चा होती रहती है. वैसे हाल ही में राजद खेमे में वापस लौटे सलीम परवेज और मढ़ौरा विधायक जितेंद्र कुमार राय के समर्थक भी दबी जुबान इनके उम्मीदवारी को लेकर ताल ठोंक रहे हैं. छपरा के वर्तमान सांसद राजीव प्रताप रुडी वाजपेयी और मोदी सरकार में केंद्रीय मंत्री के रूप में बड़ी जिम्मेदारी का निर्वाहन किया है. अभी भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता भी हैं. ऐसे में भाजपा से उनकी दावेदारी मजबूत दिख रही है. पिछली बार भी रुडी की उम्मीदवारी को लेकर कई अटकलें थीं, लेकिन अंत में पार्टी आलाकमान ने उन्हीं पर भरोसा जताया था. 2014 के लोकसभा चुनाव में राबड़ी देवी इस सीट पर लड़ीं, लेकिन उन्हें भाजपा के राजीव प्रताप रूडी से करीब 41 हजार वोटों से हार मिली.
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