ख्यालों की जुम्बिश
Author Prabhat khabar digital desk
Updated:
विज्ञापन

गिलास का पानी हाथ में लिये कभी आप अचानक रुक जायें, अवाक, किंकर्तव्यविमूढ़, पसोपेश, बिल्कुल खामोश, एकदम चुप- टुकुर-टुकुर दीदम दम न कशीदम. तब आप ठहरे हुए तो हों, मगर आपके जेहन में हलचल हो. तब कुछ अनायास सा अचंभा घटित होने लगता हो वहां. और एक लम्हे में ही पाजी ख्याल टपकने लगते हों […]
विज्ञापन
गिलास का पानी हाथ में लिये कभी आप अचानक रुक जायें, अवाक, किंकर्तव्यविमूढ़, पसोपेश, बिल्कुल खामोश, एकदम चुप- टुकुर-टुकुर दीदम दम न कशीदम. तब आप ठहरे हुए तो हों, मगर आपके जेहन में हलचल हो. तब कुछ अनायास सा अचंभा घटित होने लगता हो वहां. और एक लम्हे में ही पाजी ख्याल टपकने लगते हों जेहन में. वे ख्याल जो कभी कहानी बन जाते हैं, तो कभी कविता. और जब कभी न कहानी बनते हैं न कविता, तब वे दिल की बात की शक्ल में ‘तुम्हारे बारे में…’ बन जाते हैं.
हिंद युग्म प्रकाशन से आयी अभिनेता मानव कौल की नयी किताब ‘तुम्हारे बारे में…’ इन्हीं ख्यालों का पता देती है, उनसे पहचान कराती है. बिना किसी खाने-खांचे के मोहताज कौल के ये ख्याल खुद के होने की पहचान रखते हैं. मानो ‘तुम्हारे बारे में’ में मैंने सोचा, तब ‘मैंने खुद को जाना’. खुद के होने और खुद को जानने का यह जो अध्यात्म है, यही इस किताब का केंद्रीय भाव है. सब कुछ ‘तुम्हारे बारे में’ होते हुए भी, सब कुछ ‘हमारे बारे में’ है, और मेरे भीतर पल रहे हर उस एहसास के बारे में भी है, जो सिर्फ तुम्हारे लिए है. इस किताब में लेखक की उलझनें हैं, तो कहीं-कहीं सादी-सी सुलझनें भी हैं. दर्द की परछाइयां हैं, तो सुख की मरीचिकाएं भी हैं. कहीं भीड़ में गहरी खामोशी है, तो कहीं तन्हाई में एक भयानक शोर भी है. ये सब कुछ अनायास है और अनवरत भी.
छोटी-छोटी बातों में मासूम फिलॉसफी लिये कौल कहीं-कहीं भटक भी जाते हैं. शायद यह ख्यालों की जुम्बिश है, जो उन्हें भटकने पर मजबूर कर देती होगी! ‘तुम्हारे बारे में’ सोचते हुए ‘हमारे बारे में’ तक पहुंचकर भी वे कभी-कभी ‘तुम्हारे-हमारे’ से परे कहीं दूर निकल जाते हैं, जैसे किसी चीज की तलाश हो उन्हें. बीत गये लेखकों से वे सवाल करते हैं, शायद कुछ अनकहा-अनसुना-सा जानना हो उन्हें. या यह भी कि ‘तुम्हारे बारे में’ का ‘तुम’ भी शायद खोजा जाना हो अभी!
‘नयी वाली हिंदी’ टैगलाइन वाले हिंद युग्म प्रकाशन ने किताबों को लेकर अनेक प्रयाेग किये हैं और इस किताब में भी एक नया प्रयोग देखने को मिला है- ‘तुम्हारे बारे में…’ ‘न कहानी, न कविता’ के रूप में. इस प्रयोग को जानने के लिए इस किताब का पढ़ा जाना जरूरी है.
– वसीम अकरम
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन










