क्यों फांसी पर लटकाई गई लड़की?

Updated at : 14 Jun 2014 11:35 AM (IST)
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क्यों फांसी पर लटकाई गई लड़की?

दिव्या आर्या बीबीसी संवाददाता, मुरादाबाद से मुरादाबाद शहर से टूटी-फूटी सड़कों का क़रीब दो घंटे का लंबा और मुश्किल सफ़र तय करने के बाद हमें मिला रजीपुर मिलख गांव. दाख़िल हुए तो बिना पूछे ही गांववाले उस घर का पता बताने लगे जिस परिवार की लड़की की लाश पेड़ से झूलती पाई गई थी. वहां […]

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मुरादाबाद शहर से टूटी-फूटी सड़कों का क़रीब दो घंटे का लंबा और मुश्किल सफ़र तय करने के बाद हमें मिला रजीपुर मिलख गांव.

दाख़िल हुए तो बिना पूछे ही गांववाले उस घर का पता बताने लगे जिस परिवार की लड़की की लाश पेड़ से झूलती पाई गई थी.

वहां पहुंचे तो एक अजीब चुप्पी मिली. पूरा गांव इकट्ठा हो गया, पर आवाज़ सिर्फ़ भैसों और चिड़ियों की सुनाई पड़ रही थी.

जहां एक लड़की की लाश पेड़ से लटकी मिले, वहां इतनी चुप्पी या तो सदमे की वजह से हो सकती है या अगर कोई राज़ दबाया जा रहा हो.

मुरादाबाद कांड: बलात्कार की पुष्टि नहीं

बस लड़की के मां-बाप ही थे, जो बात करने को आतुर दिखे. लड़की के पिता ने बताया कि, “मैंने कुछ नहीं देखा, ना कुछ सुना, मैं तो यहां था ही नहीं, पता चला कि बेटी के साथ ऐसा हो गया है तो दौड़ा चला आया.”

ठीक यही बात लड़की की मां ने बताई. हाल में ही लड़की की नानी की मौत हुई थी और सारा परिवार क़रीब बारह किलोमीटर दूर उनके गांव गया था. पीछे से घर में बेटी, उसकी दादी और चाचा ही थे, जब ये हादसा हो गया.

शक

बार-बार पूछने पर भी मां-बाप ने यही कहा कि उन्हें किसी पर कोई शक नहीं, परिवार की कोई पुरानी दुश्मनी नहीं और बेटी के साथ ऐसा होने की उन्हें कोई वजह समझ में नहीं आती.

गांववाले चुपचाप सब सुनते रहे, किसी से कुछ पूछा तो भी यही जवाब मिला, कि उन्होंने कुछ देखा नहीं, सुना नहीं.

लगा कि घर से बाहर निकलेंगे तभी तस्वीर कुछ साफ़ होगी. कुछ लोगों को साथ लिया और निकले गांव के मंदिर के पास के उस पेड़ की तरफ़, जहां लड़की का शव पेड़ से लटका हुआ मिला था.

थाने पहुँचे तो सबसे पहले हमारी जात पूछी

लड़की का परिवार अन्य पिछड़ी जातियों में एक, यादव जाति का है. गांव में जाट और मुस्लिम समुदाय समेत कई और जाति के लोग भी रहते हैं.

इस परिवार का घर गांव के बाक़ी घरों से बड़ा दिखा. घर की बहू ने बताया कि परिवार के पास क़रीब 35 बीघा ज़मीन है, भैंसें हैं, और उनके पति सीआरपीएफ़ में नौकरी करते हैं.

इज़्ज़त के नाम पर?

उनके मकान से कुछ दस मिनट दूर पैदल चले तो वो पेड़ आ गया. ये इतना छोटा और कमज़ोर लगा कि ये यक़ीन करना मुश्किल था कि लड़की यहीं मिली होगी.

मेरे चेहरे पर लिखे सवाल देखकर और शायद लड़की के घर से दूर आने की वजह से आख़िरकार कुछ गांववाले बात करने को तैयार हुए. पर वो भी नाम ना लिए जाने की शर्त पर.

क़रीब 40 साल के एक शख़्स ने बताया मृ़त लड़की और दलित समाज के एक लड़के के अच्छे संबंध थे, और उनके मुताबिक़ लड़की के परिवार को ये पसंद नहीं था.

उनकी बात पूरी करते हुए एक और आदमी ने कहा कि उन सबको शक है कि लड़की की मौत के पीछे लड़की के ही परिवार का हाथ हो सकता है.

आरोप बेहद गंभीर है, और इसके पुख़्ता होने का फ़िलहाल कोई सबूत नहीं. पुलिस भी इस दिशा में पूछताछ तो कर रही है पर अभी ठोस तरीक़े से कुछ नहीं कह रही थी.

हिरासत

इस बीच ख़बर आई कि मामले में एक लड़के को हिरासत में लिया गया है. गांववालों ने बताया कि ये वही लड़का है जिसकी लड़की से दोस्ती थी.

मुरादाबाद के एसएसपी ने जानकारी की पुष्टि करते हुए कहा कि, “परिवार की तरफ़ से नई शिकायत दी गई है जिसमें दो लड़कों पर उस लड़की की हत्या करने का शक ज़ाहिर किया गया है, इनमें से एक हिरासत में लिया गया है और एक की तलाश जारी है.”

पोस्ट मॉर्टम की रिपोर्ट ने बलात्कार की पुष्टि तो नहीं की पर मौत की वजह दम घुटना ही पाया गया है.

हम फिर घर की ओर लौट चले. इज़्ज़त के नाम पर हत्या के आरोप की इतनी चर्चा सुन चुकी थी कि घर के पास मोटरसाइकिल का सहारा लिए खड़े दो लड़कों से पूछ डाला.

वो बोले, “नहीं, ये हमारे गांव में पहला ऐसा मामला है, और इसके अलावा हमने कुछ देखा नहीं, कुछ सुना नहीं.”

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