प्रजनन क्षमता बढ़ाने के कुछ उपचारों से बच्चों में बढ़ सकता है ऑटिज्म का खतरा
Updated at : 06 Aug 2018 4:25 PM (IST)
विज्ञापन

वाशिंगटन : प्रजनन क्षमता बढ़ाने के कुछ इलाजों से बच्चों में ऑटिज्म का खतरा बढ़ सकता है. एक शोध में यह दावा किया गया है. अमेरिका में माउंट सिनाई अस्पताल और स्वीडन के करोलिंस्का इंस्ट्टियूट के शोधकर्ताओं ने 108,548 लड़कों पर एक अध्ययन किया है क्योंकि लड़कों में लड़कियों की तुलना में ऑटिज्म होने का […]
विज्ञापन
वाशिंगटन : प्रजनन क्षमता बढ़ाने के कुछ इलाजों से बच्चों में ऑटिज्म का खतरा बढ़ सकता है. एक शोध में यह दावा किया गया है. अमेरिका में माउंट सिनाई अस्पताल और स्वीडन के करोलिंस्का इंस्ट्टियूट के शोधकर्ताओं ने 108,548 लड़कों पर एक अध्ययन किया है क्योंकि लड़कों में लड़कियों की तुलना में ऑटिज्म होने का खतरा ज्यादा होता है .
उन्होंने पाया कि प्रोजेस्टेरोन हार्मोन थेरेपी कराने वालों के बच्चों के ऑटिज्म से पीड़ित होने का अंदेशा उन लोगों के मुकाबले डेढ़ गुना ज्यादा है जो प्रजनन क्षमता बढ़ाने का इलाज नहीं कराते हैं. प्रोजेस्टेरोन एक तरह का हार्मोन होता है जिसकी आवश्यकता मस्तिष्क के विकास के लिए होती है. ऐसा माना जाता है कि यह ऑटिज्म के लिए जिम्मेदार अनुवांशिक तंत्र को सक्रिय करता है.
शिन्हुआ की खबर है कि यह भी पाया गया कि गर्भावस्था के पहले प्रोजेस्टेरोन हार्मोन बनने से भ्रूण के मस्तिष्क के विकास के अहम चरण प्रभावित हो सकते हैं. हाल के सालों में, ऑटिज्म के विकास को प्रभावित करने के लिए पर्यावरणीय कारकों की पहचान करने की कोशिश की गई है. प्रजनन क्षमता बढ़ाने के इलाजों के प्रभावों का व्यापक अध्ययन नहीं किया गया है. कुछ अध्ययन के अनुसारों प्रजनन क्षमता बढ़ाने के उपचारों का ऑटिज्म से कोई संबंध नहीं है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
विज्ञापन
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Tags
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए
विज्ञापन




