फेसबुक विवाद: कैंब्रिज एनालिटिका के सीईओ की छुट्टी

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फेसबुक विवाद: कैंब्रिज एनालिटिका के सीईओ की छुट्टी

लंदन : फेसबुक यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारियों का दुरुपयोग करने को लेकर विवादों में फंसी परामर्श कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलैक्जेंडर निक्स को निलंबित कर दिया है. कंपनी पर आरोप है कि उसने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान मतदाताओं को डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में प्रभावित करने के […]

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लंदन : फेसबुक यूजर्स की व्यक्तिगत जानकारियों का दुरुपयोग करने को लेकर विवादों में फंसी परामर्श कंपनी कैंब्रिज एनालिटिका ने अपने मुख्य कार्यकारी अधिकारी अलैक्जेंडर निक्स को निलंबित कर दिया है.

कंपनी पर आरोप है कि उसने 2016 के अमेरिकी राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान मतदाताओं को डोनाल्ड ट्रंप के पक्ष में प्रभावित करने के लिए फेसबुक के पांच करोड़ उपयोगकर्ताओं की व्यक्तिगत जानकारियों का दुरुपयोग किया था.

इस मामले के सामने आने के बाद फेसबुक और कैंब्रिज एनालिटिका दोनो को यूरोपीय संघ, ब्रिटेन समेत अमेरिका में भी कानूनी कार्रवाइयों का सामना करना पड़ रहा है.

दोनों कंपनियां इस मामले को लेकर भारी आलोचना झेल रहीं हैं. निक्स को उनके खिलाफ लंबित जांच को लेकर निलंबित किया गया है. निक्स ने ब्रिटेन के एक समाचार चैनल 4 न्यूज के एक अंडरकवर रिपोर्टर को यह बताया था कि किस तरीके से मतदाताओं को प्रभावित किया गया था.

चैनल द्वारा कल प्रसारित वीडियो क्लिप में निक्स कह रहे हैं कि उनकी कंपनी ने2016 राष्ट्रपति चुनाव मे ट्रंप की जीत में बड़ी भूमिका निभायी है. उन्होंने कहा कि कैंब्रिज एनालिटिका ‘सारी सूचनाएं… सारा आकलन… सारा क्रियान्वयन’ संभाल रही थी.

उन्होंने दावा किया कि कंपनी ने कुछ समय बाद खुद ही मिट जाने वाले ई-मेल का इस्तेमाल भी किया था ताकि बाद में उसे पकड़ पाना मुश्किल हो. उन्होंने कहा, अब कोई सबूत नहीं है, कोई कागजी निशान नहीं है, अब कुछ नहीं है.

कंपनी के निदेशक मंडल ने जारी बयान में कहा, निक्स का बयान कंपनी के परिचालन के मूल्यों का प्रतिनिधित्व नहीं करता है. उनका निलंबन वह गंभीरता दर्शाता है जिससे हम इस मुद्दे को ले रहे हैं.

कंपनी ने अपने ऊपर लगे आरोपों को खारिज किया है. ट्रंप के प्रचार समूह ने भी कहा है कि उसने कैंब्रिज की सूचनाओं का इस्तेमाल नहीं किया था.

कैंब्रिज एनालिटिका द्वारा फेसबुक उपयोक्ताओं की जानकारियां निकालने के लिए एेप को विकसित करने वाले कैंब्रिज विश्वविद्यालय के शोधकर्ता अलैक्जेंडर कोगन ने आज कहा कि उन्हें बलि का बकरा बनाया गया है.

कोगन ने बीबीसी से कहा, उन्हें इस बात का यकीन था कि कैंब्रिज को दी गयी सारी सूचनाएं वैध थीं. उन्होंने कहा, कैंब्रिज एनालिटिका ने मुझसे संपर्क किया. फेसबुक की जानकारियों के इस्तेमाल के बारे में उन्होंने एेप के सेवा शर्तों में लिखा था. उन्होंने इस बात का न्यायिक परामर्श भी दिया था कि यह सब उचित है.

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