Gen Z Talks: जेन जी ने बताया कितने प्रेशर को करना पड़ता है हैंडल, क्यों है इतनी कंफ्यूज्ड लाइफ
Published by : Neha singh Updated At : 02 Jun 2024 8:04 AM
Gen Z Talks: जेन जी ने बताया कितने प्रेशर को करना पड़ता है हैंडल, क्यों है इतनी कंफ्यूज्ड लाइफ
Gen Z Talks: जेन जी, जेनरेशन जो सबसे ज्यादा खुद में खोई रहती है. मोबाइल से बाहर की दुनिया से इन्हें कुछ खास मतलब नहीं होता है. वर्चुअल वल्र्ड में इतनी दोस्ती और भरोसा दोनों होता है. ये एक ऐसी जेनरेशन है जो हर बात को लेकर बहुत चूजी है.
Gen Z Talks
Gen Z Talks: जेनरेशन जेड जिन्हें हम जेन जी भी कहते हैं, ये ऐसे बच्चे हैं जो 1990 के दशक के अंतिम से 2010 तक पैदा हुए हैं. इनका जीवन जीने का तरीका इनके पहले के जेनरेशन से अलग होता है. ये ऐसी पीढ़ी है जो डिजिटल युग में पैदा हुई है और तकनीक से बिल्कुल फ्रेंडली है. यह एक ऐसी जेनरेशन है जो सबसे ज्यादा इमेज कॉन्सेस है. इनके लिए अपनी सोशल और पारिवारिक इमेज बहुत मायने रखती है जिसे ये किसी हाल में खराब नहीं करना चाहते हैं. ये एक ऐसी जेनरेशन हैं जिसने इमेज बिल्डिंग के चक्कर में सबसे ज्यादा मानसिक दवाब खुद पर बनाया हुआ है जिसके नतीजतन ये पीढ़ी सबसे अधिक मानसिक बीमारियों से ग्रस्त रहती है. इन जेनरेशन में डिप्रेशन की समस्या सबसे आम है. ये एक ऐसी जेनरेशन है जिसने कॉमिक किताबों के बदले वीडियो गेम्स के साथ अपना बचपना बिताया है. इन जेनरेशन में ट्रेंडिंग और वाइव्स जैसी शब्द हैं जिनको इन बच्चों को मेंटेन करना होता है. बदलते दौर में बच्चों के बदलते जीवन और सोच की जब हमने बात की तो पता चला कि इस जेनरेशन की सबसे अच्छी बात इनकी डेडिकेशन है तो वहीं सबसे अजीब बात हर चीज को लेकर इनकी कंफ्यूजन है. इस पीढ़ी के बच्चे सबसे अधिक शॉर्टकट में सबसे अधिक भरोसा करते हैं.
Gen Z Talks: Dating App पर यारी कहीं पड़ ना जाए भारी! यहां बना रिश्ता कितना भरोसेमंद?
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










