पुलिस के दावों से उलट अपनी जड़ें मजबूत कर रहा है पीएलएफआई

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प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ) के खिलाफ राज्य और केंद्र की जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही है. झारखंड पुलिस कई बार दावा कर चुकी है कि पीएलएफआइ की कमर टूट गयी है. उसके कई शीर्ष उग्रवादी मुठभेड़ में मारे गये. क

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प्रतिबंधित संगठन पीपुल्स फ्रंट ऑफ इंडिया (पीएलएफआइ) के खिलाफ राज्य और केंद्र की जांच एजेंसियां लगातार कार्रवाई कर रही है. झारखंड पुलिस कई बार दावा कर चुकी है कि पीएलएफआइ की कमर टूट गयी है. उसके कई शीर्ष उग्रवादी मुठभेड़ में मारे गये. कई सलाखों के पीछे हैं. वहीं पीएलएफआइ सुप्रीमो दिनेश गोप की काली कमाई खपानेवाले निवेश को भी पुलिस ने पकड़ा है. दिनेश की गिरफ्तारी के लिए भी दबिश दी जा रही है.

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वहीं दूसरी ओर पीएलएफआइ की केंद्रीय कमेटी की बैठक में संगठन की कमेटी का विस्तार करने का निर्णय लेकर पुलिस को चुनौती दी गयी है. संगठन के सुप्रीमो दिनेश गोप ने झारखंड के अलावा ओड़िशा, छत्तीसगढ़, बिहार, पश्चिम बंगाल, उत्तरप्रदेश व उत्तराखंड में संगठन के विस्तार की घोषणा की है. इसके लिए उसने स्टेट कमेटी के अलावा झारखंड में भी विभिन्न स्तर पर अलग-अलग कमेटी बना अलग-अलग लोगों को इसकी जवाबदेही सौंपी है. सोमवार को संगठन के सुप्रीमो दिनेश गोप ने इस संबंध में प्रेस विज्ञप्ति जारी की है.

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