लखीमपुर TIMELINE: करीब 24 घंटे बाद सरकार और किसान यूनियन में समझौता, दोषियों को नहीं बख्शने का ऐलान
Published by : Prabhat Khabar Digital Desk Updated At : 04 Oct 2021 3:35 PM
उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई घटना के बाद किसान यूनियन और सरकार के बीच सोमवार को समझौता हो गया. लखीमपुर खीरी में मारे गए चार किसानों के परिवारों को 45-45 लाख रुपए और सरकारी नौकरी देने का फैसला लिया गया. घायलों को 10-10 लाख रुपए देने और हाईकोर्ट के रिटायर जज से मामले की जांच कराई जाएगी.
Lakhimpur Kheri: उत्तर प्रदेश के लखीमपुर खीरी में हुई घटना के बाद किसान यूनियन और सरकार के बीच सोमवार को समझौता हो गया. लखीमपुर खीरी में मारे गए चार किसानों के परिवारों को 45-45 लाख रुपए और सरकारी नौकरी देने का फैसला लिया गया. घायलों को 10-10 लाख रुपए देने और हाईकोर्ट के रिटायर जज से मामले की जांच कराने का ऐलान किया गया है. लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर रविवार से सोमवार की दोपहर तक हाई-वोल्टेज हंगामा दिखा. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी वाड्रा, सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव को हिरासत में लिया गया. इस दोनों पार्टियों ने खूब हंगामा भी किया.
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हिंसा में मृत प्रत्येक किसान के परिजनों को 45 लाख रुपए
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हिंसा में घायल प्रत्येक व्यक्ति को 10 लाख रुपए
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मृत किसान के परिवार के एक सदस्य को सरकारी नौकरी
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लखीमपुर हिंसा को लेकर एफआईआर दर्ज की जाएगी
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उच्च न्यायालय से रिटायर जज हिंसा के मामले की जांच करेंगे
लखीमपुर खीरी जाने से रोके जाने के विरोध में कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी ने अनशन शुरू कर दिया. प्रियंका ने कहा कि उन्हें गलत तरीके से हिरासत में लिया गया है. वो लखीमपुर खीरी जाए बिना वापस नहीं लौटेंगी.
लखीमपुर जाने के लिए अड़ी प्रियंका गांधी
लखीमपुर खीरी के तिकुनिया में रविवार को प्रदर्शनकारी किसानों पर केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी के बेटे की कार से हादसे की खबर आई. आरोप लगा कि अजय मिश्रा टेनी के बेटे की कार से किसानों को रौंद दिया गया. इसमें चार लोगों की मौत हो गई. इस घटना के बाद हिंसा भड़की और चार अन्य लोगों की जान चली गई. इसके बाद विरोध-प्रदर्शन शुरू हो गया और योगी सरकार से इस्तीफा भी मांगा जाने लगा.
डिप्टी सीएम केशव प्रसाद मौर्य रविवार को लखीमपुर खीरी के दौरे पर थे. उन्हें रिसीव करने के लिए बीजेपी कार्यकर्ताओं की गाड़ी जा रही थी. रास्ते में तिकुनिया में किसानों ने काफिले का विरोध करना शुरू किया. आरोप लगाया गया कि केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा के बेटे आशीष मिश्रा ने किसानों पर गाड़ी चढ़ा दी. इसमें चार लोगों की मौत हो गई. इसके बाद भड़की हिंसा में चार अन्य लोगों की मौत की खबर सामने आई.
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दलजीत सिंह:- किसान
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गुरविंदर सिंह:- किसान
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लवप्रीत सिंह:- किसान
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छत्र सिंह पुत्र:- किसान
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शुभम मिश्र:- बीजेपी नेता
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हरिओम मिश्र:- अजय मिश्रा का ड्राइवर
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श्यामसुंदर:- बीजेपी कार्यकर्ता
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रमन कश्यप:- पत्रकार
लखीमपुर खीरी की घटना को सीएम योगी आदित्यनाथ ने दुर्भाग्यपूर्ण बताया. उन्होंने साफ तौर पर ऐलान किया कि किसी भी दोषी को नहीं बख्शा जाएगा. घटना में शामिल लोगों के खिलाफ सख्त कार्रवाई होगी. दूसरी तरफ केंद्रीय गृह राज्यमंत्री अजय मिश्रा टेनी ने अपने बेटे के ऊपर लगाए गए आरोपों को गलत बताया. उन्होंने कहा कि उनका बेटा तिकुनिया में नहीं थी. उनके बेटे पर निराधार आरोप लगाए जा रहे हैं.
लखीमपुर खीरी की घटना को लेकर विपक्षी दलों ने बीजेपी सरकार के खिलाफ हंगामा शुरू कर दिया. कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी देर रात लखनऊ पहुंची और लखीमपुर के रवाना हो गईं. सोमवार की सुबह प्रियंका गांधी को तिकुनिया जाने के दौरान हरगांव में हिरासत में ले लिया गया. इसके बाद प्रियंका गांधी वाड्रा को सीतापुर के गेस्ट हाऊस में भेज दिया गया. दूसरी तरफ लखीमपुर जाने के दौरान अखिलेश यादव को भी हिरासत में ले लिया गया. इसके विरोध में सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव समेत तमाम कार्यकर्ताओं ने जोरदार विरोध प्रदर्शन किया. लखनऊ में धरना कर रहे कार्यकर्ताओं ने पुलिस की गाड़ी को आग लगा दी.
अखिलेश यादव को हिरासत में लिए जाने की खबर मिलते ही राज्यभर में सपा कार्यकर्ताओं का हंगामा शुरू हो गया. लखनऊ, वाराणसी, प्रयागराज, बरेली, गोरखपुर, आगरा, बरेली, कानपुर समेत कई जिलों से सपा कार्यकर्ताओं के विरोध की खबरें आने लगी. वहीं, कई जिलों में आम आदमी पार्टी के कार्यकर्ताओं ने भी उत्तर प्रदेश की योगी आदित्यनाथ सरकार के खिलाफ विरोध-प्रदर्शन किया. कहीं पुतले भी फूंके गए.
पंजाब के डिप्टी सीएम के अलावा छत्तीसगढ़ के सीएम भूपेश बघेल को लखनऊ हवाई अड्डे पर रोक दिया गया. उत्तर प्रदेश प्रशासन ने पंजाब सरकार को चिट्ठी लिखकर किसी को भी वहां से लखीमपुर खीरी नहीं जाने देने का निर्देश देने का आग्रह किया. लखीमपुर खीरी के मुद्दे पर योगी सरकार के मंत्री सिद्धार्थ नाथ सिंह ने कहा कि- विपक्षी दलों के नेता पॉलिटिकल टूरिस्ट हैं. वो लाशों पर राजनीति कर रहे हैं. जनता उनके मंसूबों को जान रही है. विपक्षी दलों के तमाम नेताओं को उत्तर प्रदेश की जनता 2022 में सबक सिखाएगी.
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किसान नेता राकेश टिकैत भी लखीमपुर खीरी जाने के लिए निकले. सोमवार की सुबह लखनऊ में हाई लेवल मीटिंग हुई. इसके बाद सरकार और किसान यूनियन के बीच हुए समझौते का ऐलान कर दिया गया. इसके तहत प्रत्येक मृत किसान को 45 लाख और सरकारी नौकरी देने का ऐलान किया गया. वहीं, घायलों को 10-10 लाख रुपए देने की बात कही गई. सरकार ने कहा है कि इस मामले की जांच की जाएगी और दोषियों को किसी भी सूरत में नहीं बख्शा जाएगा. घटना में जो भी दोषी होगा, उसे कड़ी सजा दी जाएगी.
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