कौन हैं संजय प्रसाद, जो बन गए UP के 'सबसे शक्तिशाली' IAS अधिकारी, सांसद रहते सीएम योगी को पसंद आया था काम

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रधान सचिव संजय प्रसाद राज्य के सबसे ताकतवर अधिकारी बनकर उभरे हैं. आदित्यनाथ सरकार ने प्रसाद को महत्वपूर्ण गृह विभाग के साथ ही सूचना और जनसंपर्क, वीजा और पासपोर्ट, और सतर्कता विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी है.
Lucknow News: योगी सरकार प्रदेश के हर विभाग को लेकर अलर्ट है. साथ ही राज्य में कानून व्यवस्था को बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास किया जा रहा है. यही कारण है कि सरकार ने 31 अगस्त को 16 आईएएस (IAS) अधिकारियों के ट्रांसफर कर दिए. नए प्रशासनिक फेरबदल के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के प्रधान सचिव संजय प्रसाद राज्य के सबसे ताकतवर अधिकारी बनकर उभरे हैं. सरकार ने प्रसाद को महत्वपूर्ण गृह विभाग के साथ ही सूचना और जनसंपर्क, वीजा और पासपोर्ट, और सतर्कता विभाग की जिम्मेदारी सौंप दी है.
दरअसल, सेवानिवृत्त होने से पहले तक 1987 बैच के आईएएस अधिकारी और अतिरिक्त मुख्य सचिव अवनीश कुमार अवस्थी को यूपी में सबसे शक्तिशाली अधिकारी माना जाता था, जो गृह, वीजा और पासपोर्ट, जेल प्रशासन, सतर्कता, ऊर्जा और धार्मिक मामलों जैसे प्रमुख विभागों को संभालते थे. अवस्थी बीते बुधवार को सेवानिवृत्त है गए हैं. अवस्थी के बाद 1995 बैच के आईएएस अधिकारी प्रसाद को सीएम के सबसे भरोसेमंद अधिकारियों में से एक माना जा रहा है.
भारतीय जनता पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने बताया कि, आईआईटी कानपुर के पूर्व छात्र अवनीश कुमार अवस्थी की सेवानिवृत्ति के बाद, सीएम योगी अपने एक भरोसेमंद अधिकारी को गृह विभाग का प्रभारी बनाना चाहते थे. संजय प्रसाद उस प्रोफाइल में फिट बैठते हैं. संजय प्रसाद बिहार के सीतामढ़ी जिले के रहने वाले हैं.
गोरखपुर के एक वरिष्ठ आरएसएस अधिकारी ने बताया कि, संजय प्रसाद यूपी में राम प्रकाश गुप्ता सरकार (1999 से 2000) में गृह, स्वास्थ्य और शिक्षा विभागों में एक कनिष्ठ सचिव थे, और अयोध्या के संभागीय आयुक्त भी थे. सीएम योगी तब सांसद थे. गोरखपुर के विकास में उनकी हमेशा से रुचि रही है. प्रसाद ने तब काफी बेहतर काम किया और मुख्यमंत्री ने उनके काम को नजदीक से देखा था, तब से प्रसाद ने समाजवादी पार्टी और बहुजन समाज पार्टी सहित यूपी के सभी राजनीतिक दलों की सरकारों में काम किया है, लेकिन वह ईमानदार और पेशेवर बने रहे.
उन्होंने बताया कि, सीएमओ ने हाई-प्रोफाइल गृह विभाग को संभालने के लिए प्रसाद को चुना, जबकि उनसे वरिष्ठ कम से कम 40 अन्य आईएएस अधिकारी-जिनमें अतिरिक्त मुख्य सचिव-रैंक के कम से कम 26 शामिल थे, लेकिन उन्हें ये जिम्मेदारी नहीं दी गई. गृह सचिव और सूचना सचिव के पद परंपरागत रूप से अतिरिक्त मुख्य सचिव रैंक के अधिकारियों के पास रहे हैं, जो प्रमुख सचिव रैंक से वरिष्ठ होते हैं.
इस वर्ष के यूपी राज्य चुनाव अभियान के दौरान, प्रसाद ने सीएम के प्रोटोकॉल अधिकारी के रूप में कार्य किया. दरअसल, आदित्यनाथ के अधीन सेवा करने से पहले, प्रसाद ने भाजपा के कल्याण सिंह, राजनाथ सिंह और राम प्रकाश गुप्ता, सपा के मुलायम सिंह यादव और अखिलेश यादव और बसपा की मायावती की सरकारों में कार्य किया है. यूपी में उनके एक साथी और सहयोगी ने कहा, ‘वह पूरे समय एक कुशल अधिकारी बने रहे.’
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By Prabhat Khabar News Desk
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