तेजी से बढ़ते कोरोना संक्रमण के बीच ममता बनर्जी की सरकार ने खोल दी भारत-बांग्लादेश की सीमा
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 13 Jun 2020 2:26 PM
पश्चिम बंगाल में लगातार कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच लॉकडाउन के 82 दिन बाद आखिरकार शनिवार (13 जून, 2020) को पश्चिम बंगाल सरकार ने बांग्लादेश की सीमा को खोल दिया. इसके साथ ही भारत-बांग्लादेश सीमा से सामानों की आवाजाही सड़क मार्ग से शुरू हो गयी. पश्चिम बंगाल सरकार ने फूलबारी से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा को खोला है.
कोलकाता : पश्चिम बंगाल में लगातार कोरोना वायरस के संक्रमण के बढ़ते मामलों के बीच लॉकडाउन के 82 दिन बाद आखिरकार शनिवार (13 जून, 2020) को पश्चिम बंगाल सरकार ने बांग्लादेश की सीमा को खोल दिया. इसके साथ ही भारत-बांग्लादेश सीमा से सामानों की आवाजाही सड़क मार्ग से शुरू हो गयी. पश्चिम बंगाल सरकार ने फूलबारी से सटी भारत-बांग्लादेश सीमा को खोला है.
बीएसएफ व कस्टम के अधिकारियों की उपस्थिति में बोल्डर लदे ट्रकों को भारत से बांग्लादेश भेजा गया. देश की सीमा पार करने से पहले ट्रक चालकों की थर्मल स्क्रीनिंग की गयी और गाड़ियों को सौनिटाइज किया गया. भारत व भूटान दोनों देशों को मिलाकर प्रतिदिन कुल 100 ट्रकों को बांग्लादेश भेजा जायेगा.
लॉकडाउन के बाद भारत-बांग्लादेश के बीच अति जरूरी सामानों की आपूर्ति के लिए बड़ी संख्या में ट्रक भेजे गये थे, जिसमें ऐसे समान भी थे, जो अधिक समय तक पड़े रहे, तो खराब हो सकते थे. पश्चिम बंगाल सरकार ने दोनों देशों की सीमाओं को बंद कर रखा था. इसकी वजह से ट्रक फंसे हुए थे.
केंद्र के निर्देश के बावजूद पश्चिम बंगाल सरकार ने दोनों देशों की सीमाएं सील रखी थी. इसे लेकर केंद्रीय गृह सचिव ने राज्य के मुख्य सचिव राजीव सिन्हा को एक चिट्ठी लिखी थी और भारत-बांग्लादेश के बीच मधुर संबंधों का जिक्र करते हुए जल्द से जल्द सीमा खोलने का निर्देश दिया था.
Also Read: बादुरिया से गिरफ्तार संदिग्ध महिला आतंकी से एनआइए करेगी पूछताछ, युवाओं को जोड़ने का करती थी काम
बावजूद इसके पश्चिम बंगाल सरकार ने करीब एक माह तक सीमा बंद रखी. इस मुद्दे पर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) लगातार ममता सरकार पर सवाल खड़े कर रही थी. लैंड ट्रांसपोर्ट अथॉरिटी को भारत-बांग्लादेश सीमा के बीच ट्रकों की आवाजाही शुरू करने का निर्देश दिया है. चालकों की एक टीम तैयार करने को कहा गया है, जिन्हें स्टैंडबाई पर रखा जायेगा.
भारत-बांग्लादेश के बीच आने-जाने वाले ट्रकों का अगर कोई भी चालक कोरोना पॉजिटिव निकलता है, तो उसकी जगह स्टैंडबाई चालकों में से किसी एक को भेजा जायेगा. प्रोटेक्टिव सूट पहनकर सामान उतारना होगा और स्वास्थ्य प्रावधानों का ख्याल रखना होगा. चिट्ठी की प्रति केंद्रीय गृह मंत्रालय को भी भेज दी गयी है. उल्लेखनीय है कि 23 मार्च से ही सीमा सील कर दी गयी थी.
स्वास्थ्य विभाग की गाइडलाइन को मानते हुए भारत व भूटान से रोजाना 50-50 बोल्डर लोड ट्रक फुलबारी बीओपी होते हुए बांग्लादेश जायेंगे. बीएसएफ की 51वीं बटालियन के कमांडेंट आरआर शर्मा ने बताया कि स्थानीय प्रशासन, राज्य व केंद्र सरकार के ऑर्डर के बाद बॉर्डर को खोलने का फैसला किया गया.
उन्होंने बताया कि स्वास्थ्य विभाग के निर्देश का पालन करते हुए ट्रक चालकों को बांग्लादेश भेजा जा रहा है. देश की सीमा पार करने से पहले फुलबारी बीओपी पर ट्रक चालकों की स्वास्थ्य जांच की जा रही है. साथ ही उनकी गाड़ियों को सैनिटाइज भी किया जा रहा है. उन्होंने बताया कि फिलहाल बांग्लादेश से किसी भी वस्तु के आयात पर रोक है.
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Prabhat Khabar Digital Desk
यह प्रभात खबर का डिजिटल न्यूज डेस्क है। इसमें प्रभात खबर के डिजिटल टीम के साथियों की रूटीन खबरें प्रकाशित होती हैं।
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए










