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WB News: संदेशखाली में फिर फूटा ग्रामीणों का गुस्सा, तृणमूल नेता अजीत माइति को खदेड़ा, ऐसे बचाई जान

Updated at : 26 Feb 2024 8:06 AM (IST)
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sandeshkhali violence

संदेशखाली में थम नहीं रहा लोगों का गुस्सा

WB News: उत्तर 24 परगना के संदेशखाली में ग्रामीणों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है. बेरमजूर इलाके में तृणमूल नेता अजीत माइति की जान के दुश्मन बन गए. उसे दूसरे के घर में छिपकर जान बचानी पड़ी.

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WB News: पश्चिम बंगाल के उत्तर 24 परगना जिले के संदेशखाली में ग्रामीणों का गुस्सा थमने का नाम नहीं ले रहा है. संदेशखाली के बेरमजूर इलाके में फिर स्थानीय तृणमूल नेता अजीत माइति के खिलाफ लोगों का गुस्सा देखा गया. उसकी गिरफ्तारी की मांग कर ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन किया. यहां तक कि उसे देख ग्रामीणों ने लाठी-डंडा लेकर खदेड़ा.

उसने जान बचाने के लिए एक स्थानीय व्यक्ति के घर में भाग कर शरण ली. लगभग साढ़े चार घंटे तक घर में ही खुद को ताला लगाकर बंद रखा, जबकि घरवाले बाहर उसका इंतजार करते रहे. अंत में पुलिस ने लोगों की भीड़ हटने पर समझा कर अजीत को बाहर निकाला और फिर हिरासत में लेकर मिनाखां थाने ले गयी. पुलिस के मुताबिक, मिनाखां में तृणमूल नेता अजीत के खिलाफ कई आरोप दर्ज हैं. मामले की जांच कर उसे गिरफ्तार किया जायेगा.

काठपोल क्षेत्र में ही ग्रामीणों ने शुरू किया विरोध प्रदर्शन

जानकारी के मुताबिक, संदेशखाली की बेरमजूर एक नंबर ग्राम पंचायत के बट्टतला में रविवार को हाथों में कागजात लेकर कुछ ग्रामीण शेख सिराजुद्दीन और अजीत माइति के खिलाफ लिखित शिकायत दर्ज कराने के लिए कैंप की ओर गये. काठपोल क्षेत्र में ही ग्रामीणों ने विरोध प्रदर्शन शुरू किया.

शेख शाहजहां और अजीत माइती की गिरफ्तारी की मांग पर विरोध

उत्तेजित ग्रामीणों ने शेख शाहजहां व सिराजुद्दीन के करीबी अजीत माइति की गिरफ्तारी की मांग कर विरोध प्रदर्शन किया. इसी दौरान तृणमूल नेता माइति को देख मारने के लिए ग्रामीण महिलाएं दौड़ीं. तभी वह भाग कर स्थानीय के एक घर में शरण लेकर अंदर से ताला लगा दिया. वहां जाकर महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन कर गिरफ्तारी की मांग की.

WB Police के सामने ही महिलाओं ने किया प्रदर्शन

इधर, घटना की खबर पाकर मौके पर विशाल संख्या में पुलिस वाहिनी पहुंची, लेकिन पुलिस के सामने ही महिलाओं ने विरोध प्रदर्शन किया. तृणमूल नेता अजीत माइति की गिरफ्तारी की मांग कर अड़े रहे. इधर, देर शाम गुस्साये ग्रामीणों की भीड़ कम हुई. इसी बीच, प्रदर्शनकारी कम हुए, तो पुलिस ने माइति को समझाकर बाहर निकाल कर हिरासत में लेकर थाने ले गयी.

तृणमूल ने अजीत को पार्टी से निकाला

इधर, घर में खुद को बंद रहने के दौरान ग्रिल के गेट के अंदर से अजीत माइति ने मीडिया को बताया कि वह निर्दोष है. वह किसी भी गलत काम में शामिल नहीं है. तृणमूल में होने के कारण बदनाम होना पड़ रहा है. वह तृणमूल छोड़ पार्टी से इस्तीफा देगा. उसने बताया कि वह जमीन कब्जाने की बात नहीं जानता, किसी घोटाले में शामिल नहीं है. कौन-कौन शामिल है, यह भी नहीं पता है. उसने कोई जमीन नहीं ली है.

शेख सिराज ने अजीत को टीएमसी में शामिल करवाया

2019 में उसे मारपीट कर भाजपा से तृणमूल में शेख सिराज ने ही शामिल किया था. अजीत को हाल ही में क्षेत्रीय अध्यक्ष बनाया गया था, लेकिन रविवार को पार्थ भौमिक ने कहा कि अजीत माइति को पद से हटा दिया गया है. मालूम रहे कि ग्रामीणों ने तृणमूल नेता अजीत माइति के खिलाफ जमीन हड़पने से लेकर पैसे लेने तक कई आरोप लगाये हैं. इससे पहले गत 23 फरवरी को उस पर हमला हुआ था.

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Mithilesh Jha

लेखक के बारे में

By Mithilesh Jha

मिथिलेश झा PrabhatKhabar.com में पश्चिम बंगाल राज्य प्रमुख (State Head) के रूप में कार्यरत वरिष्ठ पत्रकार हैं. उन्हें पत्रकारिता के क्षेत्र में 32 वर्षों से अधिक का व्यापक अनुभव है. उनकी रिपोर्टिंग राजनीति, सामाजिक मुद्दों, जलवायु परिवर्तन, नवीकरणीय ऊर्जा, कृषि और अन्य समसामयिक विषयों पर केंद्रित रही है, जिससे वे क्षेत्रीय पत्रकारिता में एक विश्वसनीय और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित हुए हैं. अनुभव : पश्चिम बंगाल, झारखंड और बिहार में 3 दशक से अधिक काम करने का अनुभव है. वर्तमान भूमिका : प्रभात खबर डिजिटल (prabhatkhabar.com) में पश्चिम बंगाल के स्टेट हेड की भूमिका में हैं. वे डिजिटल न्यूज कवर करते हैं. तथ्यात्मक और जनहित से जुड़ी पत्रकारिता को प्राथमिकता देते हैं. वर्तमान में बंगाल विधानसभा चुनाव 2026 पर पूरी तरह से फोकस्ड हैं. भौगोलिक विशेषज्ञता : उनकी रिपोर्टिंग का मुख्य फोकस पश्चिम बंगाल रहा है, साथ ही उन्होंने झारखंड और छत्तीसगढ़ की भी लंबे समय तक ग्राउंड-लेवल रिपोर्टिंग की है, जो उनकी क्षेत्रीय समझ और अनुभव को दर्शाता है. मुख्य विशेषज्ञता (Core Beats) : उनकी पत्रकारिता निम्नलिखित महत्वपूर्ण और संवेदनशील क्षेत्रों में गहरी विशेषज्ञता को दर्शाती है :- राज्य राजनीति और शासन : झारखंड और पश्चिम बंगाल की राज्य की राजनीति, सरकारी नीतियों, प्रशासनिक निर्णयों और राजनीतिक घटनाक्रमों पर निरंतर और विश्लेषणात्मक कवरेज. सामाजिक मुद्दे : आम जनता से जुड़े सामाजिक मुद्दों, जनकल्याण और जमीनी समस्याओं पर केंद्रित रिपोर्टिंग. जलवायु परिवर्तन और नवीकरणीय ऊर्जा : पर्यावरणीय चुनौतियों, जलवायु परिवर्तन के प्रभाव और रिन्यूएबल एनर्जी पहलों पर डेटा आधारित और फील्ड रिपोर्टिंग. डाटा स्टोरीज और ग्राउंड रिपोर्टिंग : डेटा आधारित खबरें और जमीनी रिपोर्टिंग उनकी पत्रकारिता की पहचान रही है. विश्वसनीयता का आधार (Credibility Signal) : तीन दशकों से अधिक की निरंतर रिपोर्टिंग, विशेष और दीर्घकालिक कवरेज का अनुभव तथा तथ्यपरक पत्रकारिता के प्रति प्रतिबद्धता ने मिथिलेश झा को पश्चिम बंगाल और पूर्वी भारत के लिए एक भरोसेमंद और प्रामाणिक पत्रकार के रूप में स्थापित किया है.

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