नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के लिए 14 गांवों की जमीन होगी अधिग्रहित, जानें यूनिटेक पर क्या है खबर
Published by : Agency Updated At : 17 Feb 2023 4:40 PM
UP News Update: नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के तीसरे और चौथे चरण के निर्माण के लिए 14 गांवो की जमीन अधिग्रहित की जाएगी. जानें उत्तर प्रदेश की अन्य खबर
गौतमबुद्ध नगर जिले में बन रहे नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के तीसरे और चौथे चरण के निर्माण के लिए 14 गांवो की जमीन अधिग्रहित की जाएगी. अधिकारियों ने शुक्रवार को यह जानकारी दी.
उन्होंने बताया कि यमुना विकास प्राधिकरण ने जमीन अधिग्रहण का प्रस्ताव मंजूरी के लिए जिला प्रशासन को भेज दिया है.
यमुना विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के अनुसार इसी सप्ताह उक्त जमीन के अधिग्रहण के लिए जो राशि खर्च होनी है उसका 10 फ़ीसदी हिस्सा जिला प्रशासन को दे दिया जाएगा, जबकि दूसरे चरण की 1,365 हेक्टेयर जमीन का अधिग्रहण शुरू कर दिया गया है.
यमुना विकास प्राधिकरण के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डॉ अरुण सिंह ने बताया कि हवाई अड्डा परियोजना को लेकर प्राधिकरण ने 14 और गांव की जमीन के लिए प्रशासन को प्रस्ताव भेजा है. उन्होंने बताया कि पहले चरण में 1,334 हेक्टेयर, दूसरे चरण में 1,365 हेक्टेयर और तीसरे चरण में 1,318 और चौथे चरण में 735 हेक्टेयर जमीन अधिग्रहित की जाएगी.
सिंह ने बताया कि 14 गांव की 2,053 हेक्टेयर जमीन ली जानी है जिनमें दयानतपुर, बंकापुर, पारोही, रोही, किशोरपुर, मुकीमपुर सिवारा, सबौता मुस्तफाबाद, किशोरपुर, रामनेर, बनवारी बास, ख्वाजपुर, थोरा, नीमका- शाहजहांपुर ,जेवर बांगर और अहमदपुर गांव शामिल हैं.
उन्होंने बताया कि नोएडा अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे के चारों चरणों के लिए कुल 4,752 हेक्टेयर जमीन की जरूरत होगी. सिंह के मुताबिक अबतक छह गांवों को विस्थापित करने की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है जबकि छह अन्य गांवों को विस्थापित और अधिग्रहित करने की प्रक्रिया चल रही है. उन्होंने बताया कि तीसरे और चौथे चरण के लिए राज्य मंत्रिमंडल से पहले ही 14 गांवों के विस्थापन और जमीन अधिग्रहण की मंजूरी मिल चुकी है.
उत्तर प्रदेश के नोएडा -ग्रेटर नोएडा में यूनिटेक बिल्डर की अधूरी परियोजनाओं को पूरा करने के लिए 35 निविदाएं जारी की गई हैं. इसके साथ ही नोएडा प्राधिकारण में संशोधित ले आउट की मंजूरी लेने की प्रक्रिया शुरू की है. इस कवायद से करीब छह हजार फ्लैट खरीददारों को लाभ होगा.
उच्चतम न्यायालय द्वारा नियुक्त समिति ने पहले चरण में 35 निविदाएं जारी की हैं जो नोएडा, ग्रेटर नोएडा समेत देश के दूसरे शहरों में अधूरी पड़ी यूनिटेक की परियोजनाओं के लिए हैं. अधूरे कार्य शुरू करने और मरम्मत आदि के लिए ये निविदाएं निकाली गई हैं.
नोएडा प्राधिकरण की मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) ऋतु महेश्वरी ने बताया कि यूनिटेक परियोजना के संबंध में उच्चतम न्यायालय द्वारा दिए गए निर्देशों का अनुपालन किया जाएगा. उन्होंने कहा कि संशोधित ले-आउट प्लान को मंजूरी देने में भी नियमों का ध्यान रखा जाएगा.
वही यूनिहोम्स -तीन बायर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष नवनीत कुमार ने बताया कि आगामी तीन से चार माह में यूनिटेक परियोजनाओं के अधूरे कार्य पूरे करने की कवायद शुरू होने की उम्मीद है, निविदाएं निकाली जा रही हैं और प्राधिकरण से ले-आउट प्लान को मंजूरी दिलाने की प्रक्रिया भी शुरू हो चुकी है.
नोएडा प्राधिकरण के महा प्रबंधक (योजना) इश्तियाक अहमद ने बताया कि यूनिटेक के प्रतिनिधियों ने ले-आउट प्लान की मंजूरी प्राप्त करने की शुल्क और अपलोड करने की प्रक्रिया की जानकारी ली है. उन्होंने कहा कि जल्द ही योजना प्राधिकरण की वेबसाइट पर अपलोड हो जाएगी जिसके बाद नक्शे की मंजूरी प्राप्त करने की प्रक्रिया शुरू होगी.
जानकारी के मुताबिक संशोधित योजना और नक्शे के लिए आवेदन से पहले यूनिटेक के नए बोर्ड को दो तिहाई फ्लैट खरीदारों से सहमति लेनी आवश्यक है. यूनिटेक के सूत्रों का कहना है कि नोएडा सेक्टर 96, 97, 98 के दो-तिहाई फ्लैट खरीदारों से सहमति ले ली गई है जबकि सेक्टर 113 और 117 समेत दूसरी परियोजनाओं के फ्लैट खरीदारों से सहमति लेने की प्रक्रिया चल रही है.
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