Gorakhpur University: गोरखपुर विश्वविद्यालय में बंद होंगे अलोकप्रिय पाठ्यक्रम, प्रशासन ने शुरू की तैयारी
Published by : Upcontributor Updated At : 29 Sep 2023 12:02 PM
गोरखपुर विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसे पाठ्यक्रम जिन्हें अभ्यर्थी पसंद नहीं कर रहे हैं, उन्हें बंद करने की तैयारी में है. इन पाठ्यक्रमों में दाखिला लिए अभ्यर्थियों को अन्य कोर्स में प्रवेश लेने का विकल्प मिलेगा.
गाेरखपुर: दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय (Gorakhpur University) में ऐसे स्ववित्त पोषित पाठ्यक्रम, जिसमें प्रवेश के लिए मानक से कम या नहीं के बराबर आवेदन आए हैं. ऐसे पाठ्यक्रमों को विश्वविद्यालय प्रशासन अलोकप्रिय मानते हुए बंद करने का निर्णय लिया है. विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे पाठ्यक्रमों की सूची तैयार करके संचालन बंद करने की तैयारी भी शुरू कर दी है.
ऐसे पाठ्यक्रमों में जिन विद्यार्थियों ने प्रवेश ले लिया है, उन्हें विश्वविद्यालय परिसर में संचालित होने वाले अन्य ऐसे पाठ्यक्रमों में प्रवेश का विकल्प दिया जाएगा. जिसकी वह अकादमिक अर्हता पूरी करते हैं. बीते तीन वर्षों में 100 नए स्व वित्तपोषित पाठ्यक्रमों को संचालित करने की योजना विश्वविद्यालय प्रशासन ने बनाई. जिनमें बीते वर्ष भी करीब 50% पाठ्यक्रम में विद्यार्थियों की संख्या शून्य रही या फिर दो-चार अभ्यर्थियों ने ही प्रवेश के लिए आवेदन किया था. ऐसे में विश्वविद्यालय प्रशासन ज्यादातर पाठ्यक्रमों को संचालित नहीं कर सका, जिसमें प्रवेश को लेकर विद्यार्थियों में रुचि नहीं दिखाई.
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने बताया कि ऐसे स्व वित्तपोषित पाठ्यक्रमों की बड़ी संख्या है. जिसमें इस सत्र में अभ्यर्थियों ने प्रवेश को लेकर रुचि नहीं दिखाई है. ऐसे में उन पाठ्यक्रमों को आर्थिक दिक्कत की वजह से संचालित कर पाना संभव नहीं है. विश्वविद्यालय प्रशासन ऐसे संचालित ना हो पाने वाले पाठ्यक्रमों की सूची जल्द जारी करेगा. उन्होंने बताया कि संचालन बंद होने वाले पाठ्यक्रमों के लिए आवेदन करने वाले अभ्यर्थियों को उनकी योग्यता के अनुसार अन्य पाठ्यक्रम में प्रवेश का विकल्प दिया जाएगा.
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गोरखपुर विश्वविद्यालय की कुलपति प्रोफेसर पूनम टंडन ने स्व वित्तपोषित पाठ्यक्रमों के समन्वयक से पाठ्यक्रमों में प्रवेश की स्थिति का ब्योरा मांगा तो, उन्होंने जो ब्योरा दिया उसके अनुसार 60 प्रतिशत स्व वित्तपोषित पाठ्यक्रमों को अभ्यर्थियों ने नकार दिया है. इसके बाद विश्वविद्यालय प्रशासन ने ऐसे पाठ्यक्रमों को बंद करने का फैसला लिया है.
दीनदयाल उपाध्याय गोरखपुर विश्वविद्यालय में एलएलबी पाठ्यक्रमों के लिए प्रवेश की प्रक्रिय शुक्रवार को पूरी की जा रही है. जिसके लिए विश्वविद्यालय प्रशासन में कट ऑफ मेरिट जारी कर दी है. प्रवेश के लिए मेरिट के अनुसार पात्र अभ्यर्थियों को काउंसलिंग के लिए आमंत्रित किया गया है काउंसलिंग की प्रक्रिया शुक्रवार सुबह 10 बजे से विधि विभाग में चल रही है.
रिपोर्ट–कुमार प्रदीप,गोरखपुर
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