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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बोले, यूजीसी को दी गयी जादवपुर विश्वविद्यालय की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं

Updated at : 20 Aug 2023 10:52 PM (IST)
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केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान बोले, यूजीसी को दी गयी जादवपुर विश्वविद्यालय की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने रैगिंग-रोधी प्रणाली पर कुछ सुझाव दिये हैं, जिसमें सीसीटीवी कैमरे लगाना, रैगिंग के मामलों से निपटने के लिए एक अलग प्रकोष्ठ बनाना और संचार सुविधा समेत अन्य सुझाव शामिल हैं.

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कोलकाता: केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने रविवार को कहा कि जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) की ओर से विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) को दी गयी रिपोर्ट ‘संतोषजनक नहीं’ है. विश्वविद्यालय में बीते सप्ताह कथित तौर पर रैगिंग और यौन उत्पीड़न के बाद स्नातक (प्रथम वर्ष) के एक छात्र की मौत हो गयी थी. प्रधान ने जोर देकर कहा कि पश्चिम बंगाल की तृणमूल कांग्रेस सरकार इस घटना की ‘जिम्मेदारी से बच नहीं सकती.’

विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने दिए हैं सुझाव

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी) ने रैगिंग-रोधी प्रणाली पर कुछ सुझाव दिये हैं, जिसमें सीसीटीवी कैमरे लगाना, रैगिंग के मामलों से निपटने के लिए एक अलग प्रकोष्ठ बनाना और संचार सुविधा समेत अन्य सुझाव शामिल हैं.

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दुर्गापूजा को लेकर खूंटी पूजा कार्यक्रम में पहुंचे थे धर्मेंद्र प्रधान

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान यहां न्यू मार्केट में दुर्गापूजा को लेकर खूंटी पूजा कार्यक्रम में पहुंचे थे. उन्होंने कहा कि विश्वविद्यालय अनुदान आयोग ने विश्वविद्यालय से जवाब मांगा है कि उसने इन सुझावों को लागू करने के लिए क्या कदम उठाये हैं. यूजीसी ने मामले को गंभीरता से लिया है और हमने भी इसे गंभीरता से लिया है. आयोग को विश्वविद्यालय की रिपोर्ट संतोषजनक नहीं लगी. उनका कहना था कि वहां सीसीटीवी कैमरा लगा था, बाद में हटा दिया. वामपंथी व अति वामपंथी संगठन वहां सीसीटीवी कैमरा नहीं लगाने देते हैं. देश विरोधी शक्तियों का दमन करना होगा. यह काम राज्य सरकार को करना होगा. केवल नारेबाजी से काम नहीं चलेगा. उन्होंने कहा कि यूजीसी के निर्देशों का पालन करना अनिवार्य है. जेयू परिसर बाहरी लोगों का अड्डा बन गया है.

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शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के लिए कोई जगह नहीं

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान ने कहा कि हमारे शिक्षण संस्थानों में रैगिंग के लिए कोई जगह नहीं है. विश्वविद्यालय के एक अधिकारी ने बताया कि संबंधित अधिकारियों ने इन सवालों का जवाब दिया है कि नियामक ढांचे के भीतर क्या किया गया और जो नहीं किया जा सका, उसकी वजह क्या है. 67 वर्ष पुराने इस प्रतिष्ठित विश्वविद्यालय ने वैधानिक निकाय के निर्देशानुसार, स्नातक छात्र की कथित रैगिंग और यौन उत्पीड़न के कारण उसकी मृत्यु के बारे में कई प्रश्नों पर विश्वविद्यालय अनुदान आयोग को एक विस्तृत रिपोर्ट भी भेजी.

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Guru Swarup Mishra

लेखक के बारे में

By Guru Swarup Mishra

मैं गुरुस्वरूप मिश्रा. फिलवक्त डिजिटल मीडिया में कार्यरत. वर्ष 2008 से इलेक्ट्रॉनिक मीडिया से पत्रकारिता की शुरुआत. आकाशवाणी रांची में आकस्मिक समाचार वाचक रहा. प्रिंट मीडिया (हिन्दुस्तान और पंचायतनामा) में फील्ड रिपोर्टिंग की. दैनिक भास्कर के लिए फ्रीलांसिंग. पत्रकारिता में डेढ़ दशक से अधिक का अनुभव. रांची विश्वविद्यालय से पत्रकारिता में एमए. 2020 और 2022 में लाडली मीडिया अवार्ड.

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