पॉवर ऑफ अटॉर्नी पर रजिस्ट्री की तरह देना होगा स्टाम्प शुल्क, परिवार को केवल 5 हज़ार रुपये करने होंगे खर्च
Published by : Prabhat Khabar News Desk Updated At : 14 Jun 2023 8:36 PM
प्रापर्टी के हस्तांतरण में स्टाम्प शुल्क की चोरी राेकने के लिए सरकार ने यह कदम उठाया है.
अलीगढ़ . अचल संपत्ति के लिए किसी के नाम पावर ऑफ अटॉर्नी (मुख्तारनामा) करना आसान नहीं होगा. अब रजिस्ट्री की भांति ही स्टांप शुल्क देना होगा. हालांकि प्रदेश सरकार ने परिवार के सदस्यों के लिए बड़ी राहत देते हुए इस नियम से मुक्त रखा है. यदि परिवार के सदस्य आपस में पावर ऑफ अटॉर्नी करना चाहते हैं तो उन्हें 5000 रुपये ही शुल्क देना होगा.
स्टांप एवं पंजीयन विभाग के राज्यमंत्री रवींद्र जायसवाल ने अलीगढ़ में विभागीय अधिकारियों के साथ समीक्षा बैठक में कहा कि पावर ऑफ अटॉर्नी का सदुपयोग न होकर बड़े पैमाने पर दुरुपयोग होने की शिकायतें मिल रहीं थीं. व्यापक स्तर पर स्टाम्प चोरी की जा रही है. परिवार से अलग किसी व्यक्ति को अचल संपत्ति बेचने का अधिकार देने के लिए मुख्तारनामा किया जाता है. मुख्तारनामा का पंजीकरण नहीं होता है लेकिन विलेख की प्रमाणिकता के लिए लोग उसका पंजीकरण कराते हैं. इसी में बड़े स्तर पर स्टांप चोरी के कई मामले प्रकाश में आए हैं.
अब मुख्तारनामों में बेनामी की तरह ही सम्पत्ति के डीएम सर्किल रेट के हिसाब से स्टाम्प शुल्क लगेगा, परन्तु परिवार के सदस्यों- माता-पिता, पत्नी, पुत्र वधु, पुत्र-पुत्री, दामाद, भाई-बहन, नाती-नातिनी, पौत्र-पौत्री को स्टाम्प शुल्क के स्थान पर 5000 रुपये फीस देनी होगी. मंत्री रविन्द्र जायसवाल ने बताया कि उत्तर प्रदेश के भीतर जमीन, मकानों की खरीद बिक्री वर्ष 2016-17 की तुलना में लगभग दो गुना हो गया है.
ऐसा माना जाता है कि जब कोई व्यक्ति रोजमर्रा की जरूरतों को पूरा करते हुए मकान,जमीन खरीदता है या आपना आशियाना बनाने में पैसा इन्वेस्ट करता है,तो उसकी आय में बढ़ोत्तरी होना माना जाता है. प्रधानमंत्री एवं मुख्यमंत्री के नेतृत्व में भारत का परिदृश्य बदला है.लोग उत्तर प्रदेश में अपना आशियाना बसा रहे हैं. निवेश भी कर रहे हैं. इससे साफ-साफ संदेश जाता है कि उत्तर प्रदेश की कानून व्यवस्था सुधरी है. गुण्डों और माफियाओं का मनोबल गिरा है.प्रदेश में लगातार औद्योगिक इकाइयों की स्थापना हो रही है.युवाओं को रोजगार मिल रहा है.निवेशक उत्तर प्रदेश में आने के लिए बेकरार देखे जा रहे हैं.जन सामान्य की प्रति व्यक्ति आय में काफी बढ़ोतरी देखी जा रही है.
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