Asian Games 2023: एथलीटों के साथ भेदभाव के बाद खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने उठाया बड़ा कदम

Asian Games 2023: विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, "चीन की कार्रवाई, एशियाई खेलों की भावना और उनके आचरण को नियंत्रित करने वाले नियमों का उल्लंघन करती है, जो स्पष्ट रूप से सदस्य देशों के प्रतिस्पर्धियों के खिलाफ भेदभाव को प्रतिबंधित करती है."
Asian Games 2023: अरुणाचल प्रदेश के तीन वुशू एथलीटों को चीन के हांगझू में हो रहे 19वें एशियाई खेलों में भाग लेने नहीं दिया गया है. जिसको लेकर भारत के खेल मंत्री अनुराग ठाकुर से लेकर विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने पड़ोसी देश के समक्ष कड़ी आपत्ति दर्ज कराई है. इसके अलावा अनुराग ठाकुर ने विरोध दर्ज करते हुए अपनी चीन यात्रा को रद्द कर दिया है.विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता अरिंदम बागची ने शुक्रवार को एक बयान में कहा कि चीनी अधिकारियों ने लक्षित और पूर्व-निर्धारित तरीके से अरुणाचल प्रदेश के कुछ खिलाड़ियों को हांगझू में होने वाले 19वें एशियाई खेलों में मान्यता और प्रवेश से वंचित करके उनके साथ भेदभाव किया है. भारत प्रदेश या जातीयता के आधार पर भारतीय नागरिकों के साथ भेदभावपूर्ण व्यवहार को दृढ़ता से अस्वीकार करता है. अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न और अविभाज्य अंग था, है और रहेगा.
प्रवक्ता अरिंदम बागची ने कहा, “चीन द्वारा हमारे कुछ खिलाड़ियों को जानबूझकर और चुनकर खेलने से रोकने के खिलाफ New Delhi और बीजिंग में कड़ा विरोध दर्ज कराया गया है. चीन की कार्रवाई एशियाई खेलों की भावना और खेल आयोजनों से जुड़े नियमों का उल्लंघन करती है. नियमों में स्पष्ट रूप से सदस्य देशों के प्रतिभागियों के खिलाफ भेदभाव पर प्रतिबंध है.” इसके अतिरिक्त विरोध करते हुए भारत के खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने खेलों के लिए चीन की अपनी निर्धारित यात्रा रद्द कर दी है.
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इसके अलावा, चीनी कार्रवाई के खिलाफ विरोध के रूप में, भारत के खेल मंत्री अनुराग ठाकुर ने एशियन गेम्स के लिए हांगझू की अपनी निर्धारित यात्रा रद्द कर दी है. चीन द्वारा वीजा नहीं दिए जाने के कारण तीनों खिलाड़ियों को नई दिल्ली में ही रुकना पड़ा. जबकि भारतीय वुशू टीम के बाकी खिलाड़ी हांगझू के लिए रवाना हो गए. बता दें कि एशियन गेम्स में वुशू प्रतियोगिताएं 24 से 28 सितंबर तक होंगी. हांगझू नहीं रवाना होने वाली तीनों खिलाड़ियों में न्येमान वांग्सू, ओनित तेगा और मेपुंग लाम्गु शामिल हैं.
बता दें कि जुलाई में चेंग्दू में विश्व विश्वविद्यालय खेलों में भाग लेने के लिए वांग्सू, तेगा और लाम्गु को भी ‘स्टेपल्ड वीजा’ दिया गया था, जिसके बाद 12 सदस्यीय इकाई को इस कार्यक्रम के लिए चीन जाना था जिसे रद्द कर दिया गया था. एक सूत्र ने कहा, “चीन में प्रवेश करने के लिए उनकी मंजूरी नहीं आई है. हम, महासंघ में, खेलों के लिए उनके मान्यता कार्ड डाउनलोड करने में असमर्थ थे, जबकि टीम के बाकी सदस्य बिना किसी समस्या के अपने मान्यता कार्ड डाउनलोड कर सकते थे.’हिन्दुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट में एक अधिकारी के हवाले से बताया गया है कि एक बार जब किसी खिलाड़ी को मान्यता कार्ड मिल जाता है तो इसका मतलब यही है कि उस खिलाड़ी को एशियाई खेलों के लिए यात्रा करने की मंजूरी मिल गई है. इससे पहले जुलाई के महीने में न्येमान वांग्सू, ओनिल तेगा और मेपुंर लाम्गु चीन के विश्वविद्यालय खेलों में बाग लेने जा रही थी. लेकिन चीनी अधिकारियों ने स्टेपल वीजा दे दिया. चीन की सरकार साल 2009 से भारत के अरुणाचल प्रदेश में रहने वाले नागरिकों को स्टेपल वीजा जारी कर रही है.
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लेखक के बारे में
By Vaibhaw Vikram
वैभव विक्रम डिजिटल पत्रकार हैं. खेल, लाइफस्टाइल, एजुकेशन, धर्म में रुचि है और इसी विषय पर अपने विचार प्रकट करना पसंद है. क्रिकेट से बहुत लगाव है. वर्तमान में प्रभात खबर के खेल डेस्क पर कंटेंट राइटर पद पर कार्यरत हैं.
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