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साउथ अभिनेत्री फारिया अब्दुल्ला की ख्वाहिश है संजय लीला भंसाली की फिल्मों की अभिनेत्री बनना

Updated at : 07 Aug 2023 2:33 PM (IST)
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साउथ अभिनेत्री फारिया अब्दुल्ला की ख्वाहिश है संजय लीला भंसाली की फिल्मों की अभिनेत्री बनना

साउथ फिल्मों की अभिनेत्री फारिया अब्दुल्ला ने कहा, मैं अल्लारी हरीश के साथ एक तेलुगु और विजय एंथोनी के साथ एक तमिल फिल्म कर रही हूं, दोनों फिल्में 50 प्रतिशत पूरी हो चुकी हैं. मैं उनकी रिलीज का इंतजार कर रही हूं.

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सोनी लिव पर जल्द ही नेशनल अवार्ड विनिंग निर्देशक नीला माधव पंडा की वेब सीरीज जेंगाबुरू कर्स स्ट्रीम करने जा रही है. इस वेब सीरीज से साउथ फिल्मों की अभिनेत्री फारिया अब्दुल्ला हिंदी में अपनी शुरुआत कर रही हैं. उनकी इस शुरुआत और वेब सीरीज पर उर्मिला कोरी से हुई बातचीत के प्रमुख अंश…

यह वेब सीरीज किस तरह से आप तक पहुंची ?

मैं कास्टिंग डायरेक्टर मुकेश छाबड़ा के संपर्क में हूं. मेरी साउथ की पहली फिल्म के बाद उन्होंने मुझे नोटिस कर लिया और कहा कि मैं प्रतिभाशाली हूं. मुझे हिंदी इंडस्ट्री में भी काम चाहिए. जिसके बाद मैं कई हिंदी प्रोजेक्ट के लिए ऑडिशन देना शुरू किया और जब यह प्रोजेक्ट मुझे ऑफर हुआ तो मैंने तुरंत हां कह दिया. इससे नेशनल अवार्ड विनिंग निर्देशक नीला माधव पंडा का नाम जुड़ा है. यह सीरीज इंटरनेशानल अपील लिए हुए है. कहानी को भारत ही नहीं कोरिया से भी जोड़ा गया. कई टेक्निकल क्रू विदेश से हैं. यह भावनात्मक और शारीरिक रूप से थका देने वाली फिल्म थी.

जैसा आपने कहा कि आपने ऑडिशन देना शुरू किया, क्या इस दौरान रिजेक्शन भी मिला?

हां, मैंने कई ऑडिशन दिए हैँ. रिजेक्शन भी मिला है. यह इस इंडस्ट्री का हिस्सा है, तो मैं इसे ज़्यादा सीरियस नहीं लेती हूं. वैसे भी ऑडिशन के बाद कोई आपके मुंह पर ना नहीं बोलता है बस आगे कॉल नहीं आता है, तो आपको समझ लेना होता है कि आपका चयन नहीं हुआ है.

इस सीरीज में अभिनेत्री के तौर पर आपके लिए क्या चुनौतीपूर्ण था ?

मुझे जो अनुभव हुआ उसे मैं एक लाइन में नहीं बता सकती, लेकिन वह शानदार और संपूर्ण अनुभव था.सेट पर ऐसा कोई दिन नहीं था जब यह चुनौतीपूर्ण, इंटेंस या रोमांचक न हो. इस सीरीज की शूटिंग उड़ीसा के जंगलों और रियल लोकेशनस पर हुई है, तो वो बहुत खास अनुभव था . प्रिया दास, मेरा किरदार और उसके पिता के साथ उसका रिश्ता बहुत ही खास है.वैसा मैं अपनी निजी जिंदगी में भी अपने पिता के साथ शेयर करती हूं.

क्या इस सीरीज आपको अपने पिता की याद दिला दी?

असल जिंदगी में भी मेरे पापा दुबई में काम करते हैं और मैं उनसे बहुत जुड़ी हुई हूं. मुझे हर समय उनकी याद आती है. मुझे लगता है कि दूरी ने बहुत दर्द दिया है.यह फिल्म एक आउटपुट था. इसमें ढ़ेर सारे इंटेंस सीन थे, मैंने उन दृश्यों के दौरान अपनी असल जिंदगी की सारी भावनाओं को बाहर लाने के लिए इस्तेमाल किया.

मानसिक तौर पर अपने किरदार से बाहर निकलने के लिए हर दिन क्या करती थी?

कई बार निर्देशक नीला माधव पंडा इससे निकलने में मेरी मदद करते थे, तो कई बार एक अच्छा शॉवर भी मुझे रिलैक्स कर देता था.

जैसा कि आपने बताया वेब सीरीज की उड़ीसा के शूटिंग जंगलों में हुई है, क्या कोई अजीबोगरीव वाकया भी हुआ?

काफी अच्छी टीम थी, जिस वजह से कोई दिक्कत का सामना नहीं हुआ. हां शूटिंग के पहले दिन हमारी सीरीज के डीओपी का पैर एक पेड़ में अटक कर फ्रैक्चर हो गया था, जिसके बाद नए डीओपी इसका हिस्सा बने.

आप एक्ट्रेस, डांसर के साथ पोएट और पेंटर भी हैं, यह सब आपमें कैसे आया?

मेरा रुझान हमेशा से कला की ओर रहा है और मेरे माता-पिता ने मुझे प्रोत्साहित किया और मेरा समर्थन किया. गर्मियों की छुट्टी के दौरान वे मुझे ऐसी क्लासेज में भेजते थे जिसमें थिएटर या नृत्य प्रदर्शन जैसा कुछ हो. मैं जो कुछ भी हूं उन्हीं की वजह से हूं. मुझे इसमें दिलचस्पी थी और मैं इसे सिर्फ इसलिए नहीं करती हूं. मैं कला को एक धर्म की तरह मानती हूं.

यह सीरीज जलवायु परिवर्तन के बारे में है, आप व्यक्तिगत स्तर पर जलवायु के लिए क्या करती हैं?

मैं बहुत कुछ करना चाहती हूं लेकिन मेरे पास इतना समय नहीं होता है, लेकिन मैं छोटी-छोटी कोशिशों को करना जारी रखती हूं. जैसे प्लास्टिक का इस्तेमाल नहीं करना. बिजली और पानी का सोच समझकर इस्तेमाल करती हूं. इसके अलावा मैं उन संस्थाओं को हैदराबाद में सपोर्ट करती हूं, जो पर्यावरण, शाकाहार, पशु अधिकार और एलजीबीक्यूटी के लिए काम करते हैं.

क्या आपके पास निर्देशकों की विश लिस्ट है जिनके साथ आप काम करना चाहती हैं?

मेरे पास एक बड़ी और लम्बी लिस्ट है जिसके साथ मैं काम करना चाहती हूं, विशाल भारद्वाज, इम्तियाज अली, संजय लीला भंसाली , जोया अख्तर और कई अन्य निर्देशक. बहुत लम्बी लिस्ट है. जब से मैंने उनकी फिल्में देखी हैं मैं उनके साथ काम करना चाहती हूं.

क्या आप खुद से काम मांगने में यकीन करती हैं?

साउथ में काम के लिए निर्माता निर्देशकों को अप्रोच करने का क्लचर नहीं है, लेकिन यहां है. मुझे लगता है कि हिंदी फिल्म इंडस्ट्री आपको बराबरी का एहसास करवाती है. आप एक्टर हैं या एक्ट्रेसेज हैं तो खास है ऐसा नहीं. मैं थोड़ा और काम कर लूं, तो मैं संजय लीला भंसाली सर को अप्रोच करना चाहूंगी.

सुना है आपने महेश बाबू के साथ एक फिल्म साइन की है?

नहीं, वो अफवाह है. मैं अल्लारी हरीश के साथ एक तेलुगु और विजय एंथोनी के साथ एक तमिल फिल्म कर रही हूं, दोनों फिल्में 50 प्रतिशत पूरी हो चुकी हैं. मैं उनकी रिलीज का इंतजार कर रही हूं.

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कोरी

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By कोरी

कोरी is a contributor at Prabhat Khabar.

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