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Somvati Amavasya 2020: 20 साल बाद बन रहा है ऐसा खास संयोग, जानिए इस साल का सोमवती अमावस्य क्यों है खास

Updated at : 19 Jul 2020 11:44 PM (IST)
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Somvati Amavasya 2020: 20 साल बाद बन रहा है ऐसा खास संयोग, जानिए इस साल का सोमवती अमावस्य क्यों है खास

Somvati Amavasya 2020: सावन (Savan Somvar 2020) का महीना चल रहा है. भगवान शिव की आराधना हो रही है, खासकर सोमवार को भगवान शिव (Lord Shiva) की आराधना का विशेष महत्व है. कल श्रावण कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि और सोमवार का दिन है. श्रावण मास (Savan 2020) के कृष्ण पक्ष की अमावस्या (Amavasya) को हरियाली अमावस्या कहते हैं. इसे चितलगी अमावस्या भी कहते हैं. विशेष तौर पर उत्तर भारत में इस अमावस्या का बहुत अधिक महत्व है. सावन के महीने में चारों तरफ हरियाली होती है.

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Somvati Amavasya 2020: सावन (Savan Somvar 2020) का महीना चल रहा है. भगवान शिव की आराधना हो रही है, खासकर सोमवार को भगवान शिव (Lord Shiva) की आराधना का विशेष महत्व है. कल श्रावण कृष्ण पक्ष की अमावस्या तिथि और सोमवार का दिन है. श्रावण मास (Savan 2020) के कृष्ण पक्ष की अमावस्या (Amavasya) को हरियाली अमावस्या कहते हैं. इसे चितलगी अमावस्या भी कहते हैं. विशेष तौर पर उत्तर भारत में इस अमावस्या का बहुत अधिक महत्व है. सावन के महीने में चारों तरफ हरियाली होती है.

ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, 20 साल बाद सोमवती अमावस्या का संयोग बन रहा है. इससे पहले 31 जुलाई 2000 में ऐसा संयोग बना था. ज्योतिष के जानकारों के अनुसार, इस बार सोमवती अमावस्या के दिन चन्द्र, बुध, गुरु, शुक्र और शनि ग्रह अपनी राशि में रहेंगे. इस दिन भगवान शिव की पूजा करना सबसे अधिक फलदायी रहता है. बताया जाता है कि इस दिन महिलाओं को तुलसी की 108 बार परिक्रमा करना चाहिए.

सोमवती अमावस्या मुहूर्त

  • अमावस्या तिथि प्रारम्भ – 20 जुलाई की रात 12 बजकर 10 मिनट पर

  • अमावस्या तिथि समाप्त – 20 जुलाई की रात 11 बजकर 02 मिनट पर

अमावस्या पर पितर देवताओं की करें पूजा

अमावस्या तिथि पर घर के तर्पण, श्राद्ध कर्म करने की परंपरा है. परिवार के मृत सदस्यों को ही पितर देवता कहा गया है. अमावस्या तिथि की दोपहर में पितरों के लिए धूप-ध्यान करना चाहिए. गाय के गोबर से बना कंडा जलाएं और उस पर पितरों का ध्यान करते हुए गुड़-घी अर्पित करें.

हरियाली अमावस्या पर किसी मंदिर में लगाएं पौधा

सावन माह की ये तिथि प्रकृति को समर्पित है. इस दिन प्रकृति को हरा बनाए रखने के लिए पौधा लगाना चाहिए. किसी मंदिर में या किसी सार्वजनिक स्थान पर छायादार या फलदार पौधे लगाएं. साथ ही, इस पौधे का बड़े होने तक ध्यान रखने का संकल्प भी लें.

अमावस्या पर किया जाता है व्रत

जीवन साथी के सौभाग्य और अच्छे स्वास्थ्य के लिए महिलाएं व्रत करती हैं. हरियाली अमावस्या पर मां पार्वती की पूजा करने से कुंवारी कन्याओं को मनचाहा वर मिल सकता है. विवाहित महिलाएं भी इस तिथि पर व्रत करती हैं और देवी मां की पूजा करती है. ऐसा करने से वैवाहिक जीवन सुखी बना रहता है.

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