सीमा हैदर नेपाल के रास्ते भारत में नहीं हुई दाखिल! 8 मई को मोबाइल खरीदने और उसी दिन पासपोर्ट बनने पर संदेह
Published by : Sanjay Singh Updated At : 19 Jul 2023 12:08 PM
सीमा हैदर शुरुआत से नेपाल के रास्ते भारत में प्रवेश करने का दावा कर रही है. हालांकि जांच पड़ताल में उसके नेपाल से आने के प्रमाण नहीं मिले हैं. वहीं 8 मई को पासपोर्ट जारी होने और 70 हजार का मोबाइल खरीदना भी कई सवाल खड़े कर रहा है. इसके बाद सीमा ने 10 मई को पाकिस्तान छोड़ दिया.
Seema Haider: पाकिस्तान से आई सीमा हैदर अभी तक अबूझ पहेली बनी हुई है. उसने पूछताछ के दौरान जिस तरह से अपनी बातों का रखा है, उससे सवाल करने वाल अफसर भी चकरा गए हैं. कहा जा रहा है कि कई बातों को लेकर सीमा हैदर ने जो जवाब दिए हैं, वह जांच एजेंसियों के गले नहीं उतर रहे हैं. कुछ सवालों पर उसने गुमराह करने का प्रयास किया तो कई सवालों पर उसकी चुप्पी भी सवाल खड़े कर रही है.
माना जा रहा है कि सब कुछ उतना साफ नहीं है, जैसा की सीमा बता रही है. सीमा के पाकिस्तान से भारत के ग्रेटर नोएडा आने के सफर में कई बार कानूनों के उल्लंघन से भी इनकार नहीं किया सकता. अभी तक की पूछताछ में सीमा कई बार अपनी कही बातों में ही उलझती नजर आ रही है.
सीमा हैदर पाकिस्तान के दस्तावेज लेकर नेपाल के रास्ते भारत पहुंची, इसके बाद उसने पाकिस्तान के सिम कार्ड को वहीं फेंक दिया. एटीएस ने इसे लेकर सवाल किया तो सीमा के पास जवाब नहीं था. अहम बात है कि सीमा के पास 8 मई को 70 हजार रुपए में खरीदे गए मोबाइल का बिल मिला है.
आशंका है कि ये मोबाइल उसके चाचा ने दिलाया था. हालांकि सीमा के मुताबिक वह चाचा के संपर्क में नहीं थी. सीमा ने इस मोबाइल का महज दो-तीन ही इस्तेमाल किया. ये नया मोबाइल जांच अधिकारियों को टूटी हुई हालत में मिला. ऐसे में इसे लेकर भी शक जाहिर किया जा रहा है. पूछताछ में उससे ये भी पूछा गया कि क्या उसे किसी ने मोबाइल फोन पर मैसेजिंग और इंटरनेट से चैटिंग में सावधानी बरतने के लिए कहा था? क्या वह कोई कोड वर्ड भी प्रयोग करती थी?
सीमा हैदर को लेकर कई अन्य तथ्यों के सामने आने के बाद एटीएस का शक और गहरा गया है. सीमा हैदर का पासपोर्ट 8 मई को जारी हुआ और उसने 10 मई को पाकिस्तान छोड़ दिया. आखिर सीमा हैदर की इस तेजी के पीछे क्या वजह थी, इसे लेकर भी वह स्पष्ट जवाब नहीं दे सकी.
सूत्रों के मुताबिक एटीएस को ऐसे साक्ष्य मिले हैं, जिससे सीमा हैदर व उसके मददगार सचिन मीणा पर आने वाले समय में कानून का शिकंजा और कस सकता है. पूछताछ में सीमा हैदर के नोएडा स्थित रबूपुरा गांव तक पहुंचने में किन लोगों ने मदद की, इसे लेकर भी वह सही जवाब नहीं दे पाई है.
यूपी एटीएस की पूछताछ में एक और सबसे बड़ा खुलासा हुआ है कि सीमा ने कुछ सैन्य अधिकारियों को भी फ्रेंड रिक्वेस्ट भेजी थी. यूपी एटीएस ने सीमा से पाकिस्तानी होने के बावजूद इतनी शुद्ध हिंदी बोलने और हिंदू रीति रिवाजों के बारे में कहां से जानकारी मिलने को लेकर भी सवाल किया.
दरअसल पाकिस्तान में अधिकांश लोग उर्दू बोलते हैं. लेकिन, सीमा की भाषा में कहीं भी उर्दू नहीं झलकती है. सीमा हैदर के शब्दों में भी कहीं उर्दू के लफ्जों का इस्तेमाल नहीं होता है. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि क्या इसे लेकर उसे कोई ट्रेनिंग दी गई. अगर ऐसा नहीं है तो हिंदी के कई मुश्किल शब्दों का सीमा कैसे इस्तेमाल करती है, जिन्हें बिना पढ़े लिखे जानना बेहद मुश्किल है.
सीमा हैदर का पांचवीं पास होने के बावजूद अंग्रेजी बोलना, हिंदी का स्पष्ट उच्चारण, साड़ी पहनना, घूंघट करने का तरीका और सवालों का सधे अंदाज में जवाब देना उसके विशेष प्रशिक्षण लेने का शक जाहिर करता है. उसके हाथ पर कटे और जले के कई निशान हैं, जिसे वह सचिन के प्यार में काटने और गुलाम हैदर के जलाने को लेकर बयान देती रही है. इस पर भी संदेह किया जा रहा है.
इस बीच सीमा हैदर पर एटीएस का शिकंजा कसते ही सऊदी अरब में बैठकर उसका पति होने का दावा करने वाला गुलाम हैदर भी खामोश हो गया है. अब तक गुलाम हैदर अक्सर मीडिया के सामने हाजिर रहता था. लेकिन अब वह सामने नहीं आ रहा. ये बात भी जांच एंजेंसियों को गले नहीं उतर रही.
इसके साथ ही सीमा हैदर के दावो के मुताबिक 13 मई को भारत-नेपाल सीमा सुनौली सेक्टर और सीतामढ़ी सेक्टर में अब तक थर्ड नेशन सिटीजन के मौजूदगी की कोई जानकारी सामने नहीं आई है. भारत-नेपाल सीमा पर इन्हीं दोनों जगहों से सीमा हैदर और सचिन के भारत में एंट्री का दावा किया जा रहा है.
दोनों की जानकारी के आधार पर केंद्रीय जांच एजेंसियां 1850 किलोमीटर लंबी भारत-नेपाल सीमा के सारे बस रूट पर 13 मई को गुजरने वाली बसों के सीसीटीवी फुटेज की पड़ताल कर चुकी हैं. ऐसे में सवाल उठ रहे हैं कि या दोनों के दावे झूठे हैं और दोनों पहले दिन से ही गुमराह कर रहे हैं.
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By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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