गोरखपुर: भीषण गर्मी ने तोड़ा 19 साल का रिकॉर्ड, अप्रैल में आग उगल रहा सूरज, स्वास्थ्य विभाग ने जारी की अलर्ट

गोरखपुर में अप्रैल माह में न्यूनतम तापमान का बीते 19 वर्ष का नया रिकॉर्ड बन गया है. आसमान में बादलों की मौजूदगी में एक तरफ जहां अधिकतम तापमान को गिरा दिया है, तो वहीं दूसरी तरफ न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है.
Gorakhpur : उत्तर प्रदेश के गोरखपुर में अप्रैल माह में न्यूनतम तापमान का बीते 19 वर्ष का नया रिकॉर्ड बन गया है. आसमान में बादलों की मौजूदगी में एक तरफ जहां अधिकतम तापमान को गिरा दिया है, तो वहीं दूसरी तरफ न्यूनतम तापमान में बढ़ोतरी हुई है. न्यूनतम तापमान 27 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया है. जो 2014 के बाद के वर्षों में अप्रैल का सर्वाधिक न्यूनतम तापमान है. इससे पहले 18 अप्रैल 2014 में न्यूनतम तापमान 27.4 डिग्री सेल्सियस रिकॉर्ड किया गया था. मौसम विज्ञानी कैलाश पांडे की मानें तो इस बार अप्रैल की रात बीते 19 वर्ष की अपेक्षा सर्वाधिक गर्म रात बताया है.
भीषण गर्मी और बढ़ते हुए तापमान के बीच स्वास्थ्य विभाग ने बचाव के उपायों का सुझाव दिया है. मुख्य चिकित्सा अधिकारी गोरखपुर डॉक्टर आशुतोष कुमार दुबे ने अपील की है कि लोग दोपहर 12:00 से शाम 4:00 बजे तक घर से बाहर निकलने से बचें. अगर विशेष परिस्थिति में बाहर निकलना पड़ रहा है तो पूरी तैयारी के साथ बाहर निकले. उन्होंने बताया कि ज्यादा से ज्यादा पानी और तरल पदार्थों का सेवन करें. सुपाच्य भोजन करें. बच्चों, बुजुर्गों और गंभीर रूप से बीमार लोगों को दिन में घर से बाहर ना निकलने दें.
मुख्य चिकित्सा अधिकारी ने आगे बताया कि धूप लगने से शहर और ग्रामीण इलाकों में डायरिया और उल्टी-दस्त के रोगियों की संख्या में बढ़ोतरी हुई है. बीमारियों का लक्षण दिखते ही तुरंत डॉक्टर की सलाह लें. अगर सिर दर्द, बुखार, उल्टी, अत्यधिक पसीना, बेहोसी आना, कमजोरी महसूस होना और शरीर में ऐंठन होने की शिकायत है. तो यह धूप लगने का लक्षण हो सकता है ऐसा लक्षण दिखने पर लोगों को छायादार जगह पर जाना चाहिए उनकी कपड़े ढीले कर देनी चाहिए और कच्चे आम के पन्ना जैसा पदार्थ देना चाहिए.
मौसम विभाग के अनुसार अभी दो दिन तक बादलों की मौजूदगी रहेगी, ऐसे में अधिकतम तापमान नियंत्रण में रहेगा. मगर मौसम साफ होते ही उसमें फिर से बहुत तेजी दर्ज की जाएगी. एक बार फिर तापमान 40 के आस- पास जाने का पूर्वानुमान लगाया जा रहा है. शुष्क पछुआ हवा के 20 से 25 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से चलते रहने का सिलसिला जारी रहेगा.
रिपोर्ट– कुमार प्रदीप, गोरखपुर
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By Prabhat Khabar News Desk
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