ePaper

महाराष्ट्र की अमान्य डिग्री पर बिहार में कई लोग पा गये शारीरिक शिक्षक की नौकरी, सर्टिफिकेट पर लिखा था...

Updated at : 07 Jun 2022 11:59 AM (IST)
विज्ञापन
महाराष्ट्र की अमान्य डिग्री पर बिहार में कई लोग पा गये शारीरिक शिक्षक की नौकरी, सर्टिफिकेट पर लिखा था...

बिहार में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक के पद पर बहाली के दौरान चौंकाने वाला खुलासा हुआ जब महाराष्ट्र की अमान्य डिग्री लेकर कुछ अभ्यर्थी चयनीत हो गये.

विज्ञापन

महाराष्ट्र में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक के पद पर बहाल होने के लिए सीपीएड व बीपीएड की जो डिग्री अमान्य है, उसपर किशनगंज जिले में अभ्यर्थी नियुक्त होने पहुंच गये. ऐसे कई डिग्रीधारी चयनित भी हो गये और बिना किसी दिशा निर्देश के ऐसे में कइयों को नियुक्ति पत्र भी दे दिया गया. बताते चलें कि ज्यादातर वैसे सर्टिफिकेट जो ‘संदेह’ के घेरे में हैं, वे महाराष्ट्र के अमरावती के संस्थान से प्राप्त हैं.

तत्काल नियोजन रोकने का निर्देश

हालांकि प्राथमिक शिक्षा निदेशक ने अमरावती से प्राप्त अभ्यर्थियों की डिग्री पर तत्काल नियोजन रोकने का निर्देश दिया है, लेकिन किशनगंज जिले के कई प्रखंडों में ऐसे शिक्षकों को नियोजन पत्र इस आधार पर दे दिया गया कि विभाग से स्पष्ट दिशा निर्देश नहीं मिला है जबकि 24 मई को ही विभागीय वीडियोकांफ्रेसिंग में संत गाडगे बाबा अमरावती विद्यापीठ की डिग्री प्राप्त चयनित अभ्यथियों को नियुक्ति पत्र निर्गत करने के मामले में रोक लगा दी गई थी.

अभ्यर्थियों के सीपीएड व बीपीएड प्रमाणपत्र चौंकाने वाले

दरअसल, मध्य विद्यालयों में शारीरिक शिक्षा एवं स्वास्थ्य अनुदेशक पद पर अंतिम रूप से चयनित अभ्यर्थियों को 28 मई (शनिवार) को प्रखंड नियोजन इकाइयों द्वारा नियुक्ति पत्र वितरित किया जाना था. इसके पूर्व 12 मई को मेधा सूची में चयनित अभ्यर्थियों के प्रमाण पत्र सत्यापन व काउंसिलिंग के लिए बुलाया गया था.नियोजन इकाई और जिलों के विभागीय अफसर कई चयनित अभ्यर्थियों के सीपीएड व बीपीएड प्रमाणपत्र देखकर चौंक गये.

Also Read: 1 करोड़ रुपये में बिकने वाली छिपकली: बिहार के रास्ते विदेश भेज रहे थे तस्कर, नेपाल सीमा पर धराये
प्रमाण पत्र पर लिखा था-  ‘यह सर्टिफिकेट महाराष्ट्र में मान्य नहीं है’

प्रमाणपत्र अमरावती से जुड़े संत गाडगे बाबा अमरावती विद्यापीठ से निर्गत हुए थे. इनपर लिखा था- ‘यह सर्टिफिकेट महाराष्ट्र में मान्य नहीं है’. यह देखकर अफसरों के कान खड़े हो गये कि प्रमाणपत्र निर्गत होने वाला राज्य ही जब मान्यता नहीं दे रहा है तो इसपर बिहार में कैसे नियुक्त की जाय. फिर जिलों ने प्राथमिक निदेशालय और शिक्षा विभाग से संपर्क साधा और तत्काल ‘अमरावती’ डिग्रीधारियों को नियुक्ति पत्र देने पर रोक लगा दी गई.

संत गाडगे बाबा अमरावती विद्यापीठ की डिग्री चर्चा में

जानकारी के मुताबिक महाराष्ट्र के अमरावती में सीपीएड व बीपीएड की डिग्री देने वाले करीब डेढ़ दर्जन संस्थान हैं, जिनमें आधा दर्जन की डिग्री संदेह के घेरे में है. जिलों में सबसे अधिक चर्चा में संत गाडगे बाबा अमरावती विद्यापीठ की डिग्री की है.

किशनगंज में चार को मिला नियुक्ति पत्र

जिस प्रमाण पत्र को प्रमाण पत्र निर्गत करने वाला राज्य ही मान्यता नहीं दे रहा है उस प्रमाण पत्र पर किशनगंज में चार शारीरिक शिक्षकों की नियुक्ति कर उन्हें नियुक्ति पत्र भी दे दिया गया है. जिले के विभिन्न प्रखंडों में नियुक्त इन लोगो को नियुक्ति पत्र देने के पूर्व विभागीय आदेश का इंतजार तक करना प्रखंड नियोजन इकाई ने मुनासिब नहीं समझा.

Posted By: Thakur Shaktilochan

विज्ञापन
Prabhat Khabar News Desk

लेखक के बारे में

By Prabhat Khabar News Desk

यह प्रभात खबर का न्यूज डेस्क है। इसमें बिहार-झारखंड-ओडिशा-दिल्‍ली समेत प्रभात खबर के विशाल ग्राउंड नेटवर्क के रिपोर्ट्स के जरिए भेजी खबरों का प्रकाशन होता है।

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन