Sandeep Maheshwari : संदीप महेश्वरी ने किया स्कैम का खुलासा, तो भिड़ गए डाॅ विवेक बिंद्रा, जानिए पूरा मामला

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Sandeep Maheshwari : संदीप महेश्वरी ने किया स्कैम का खुलासा, तो भिड़ गए डाॅ विवेक बिंद्रा, जानिए पूरा मामला

संदीप महेश्वरी के इस एपिसोड के सामने आने के बाद एक दूसरे यू-ट्यूबर मोट‍िवेशनल स्‍पीकर डॉ व‍िवेक ब‍िंद्रा उनसे भिड़ गए हैं. डाॅ विवेक बिंद्रा बड़ा बाजार प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ हैं. उन्होंने संदीप महेश्वरी का वीडियो आने के बाद अपने सोशल मीडिया हैंडिल से संदीप महेश्वरी को खुली चुनौती दी.

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Sandeep Maheshwari vs Vivek Bindra: संदीप महेश्वरी आज के समय में वो नाम है जो युवाओं की पसंद बन चुका है और युवा उसे अपना आदर्श मानते हैं. संदीप महेश्वरी युवाओं के लिए मोटिवेशनल वीडियो बनाते हैं और उन्हें बेहतर करियर चुनने के प्रेरित करते हैं. नौ दिन पहले संदीप महेश्वरी के चैनल पर एक वीडियो पोस्ट किया गया था जिसका शीर्षक था- BIG SCAM EXPOSED | By Sandeep Maheshwari. इस वीडियो में कुछ स्टूडेंट आए थे जिन्होंने यह कहा कि उनसे देश के एक बड़े यू-ट्यूबर ने एक कोर्स के लिए 35 हजार से एक लाख रुपये तक लिए लेकिन उन्हें उस कोर्स से कोई फायदा नहीं हुआ.

संदीप महेश्वरी ने कई केस स्टडी प्रस्तुत किए

संदीप महेश्वरी के इस एपिसोड में कई केस स्टडी पेश किए गए. इस एपिसोड में संदीप महेश्वरी ने लोगों का आह्वान किया कि वे अगर इस तरह के किसी भी धोखे का शिकार हुए हैं तो वे अपनी शिकायत दर्ज कराएं और कानूनी रूप से अपने पैसे वापस मांगे. हालांकि इस एपिसोड में किसी यू-ट्यूबर का नाम नहीं लिया गया था, लेकिन लोगों को धोखा देने वालों की फजीहत खूब की गई थी.

संदीप महेश्वरीऔर डाॅ विवेक बिंद्रा भिड़े

संदीप महेश्वरी के इस एपिसोड के सामने आने के बाद एक दूसरे यू-ट्यूबर मोट‍िवेशनल स्‍पीकर डॉ व‍िवेक ब‍िंद्रा उनसे भिड़ गए हैं. डाॅ विवेक बिंद्रा बड़ा बाजार प्राइवेट लिमिटेड के सीईओ हैं. उन्होंने संदीप महेश्वरी का वीडियो आने के बाद अपने सोशल मीडिया हैंडिल से संदीप महेश्वरी को खुली चुनौती दी आपने मेरी कंपनी का नाम लेकर हमें बदनाम करने की कोशिश की है. विवेक बिंद्रा ने अपने पोस्ट में यह भी बताया है कि उनके ऊपर जो आरोप उनके वीडियो में लगाए गए हैं वे सरासर गलत हैं. उन्होंने यह भी बताया कि वे किस तरह बिना कोई फीस लिए इंटरप्रेन्योर के लिए प्रोग्राम चलाते हैं और चला रहे हैं. उन्होंने संदीप महेश्वरी को यह चुनौती भी दी कि अगर उनमें हिम्मत है तो वे उन्हें अपने शो पर बुलाएं वे हर सवाल का जवाब देंगे.

संदीप महेश्वरी को मिल रही धमकी

विवेक बिंद्रा के पोस्ट के बाद संदीप महेश्वरी ने अपने पोस्ट और वीडियो में यह दावा किया कि उन्हें अपना वीडियो डिलीट करने के लिए कहा जा रहा है. उनके घर तक लोग आ गए हैं. संदीप महेश्वरी के यू-ट्यूब चैनल पर 28.3 मिलियन सब्सक्राबर हैं. संदीप और विवेक दोनों ही युवा यू-ट्यूबर हैं और दोनों को चाहने वालों की संख्या मिलियन में है. विवेक बिंद्रा के यू-ट्यूब पर 21 मिलियन से अधिक सब्सक्राबर हैं . विवेक 41 और संदीप 43 साल के है. संदीप महेश्वरी और विवेक बिंद्रा के बीच विवाद होने के बाद सोशल मीडिया में दोनों के समर्थक भी आपस में भिड़ गए हैं और एक-दूसरे के आमने-सामने हैं. संदीप महेश्वरी ट्‌वीटर पर टाॅप ट्रेंड में हैं और उनके समर्थक डाॅ विवेक बिंद्रा के स्कैम का खुलासा कर रहे हैं.

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रजनीश आनंद

लेखक के बारे में

By रजनीश आनंद

रजनीश आनंद प्रभात खबर में सीनियर चीफ कंटेंट राइटर के पद पर कार्यरत हैं और पत्रकारिता के क्षेत्र में 25 वर्षों से अधिक का अनुभव रखती हैं.फिलहाल वे प्रभात खबर के ओरिजिनल, नेशनल, इंटरनेशनल और खेल कैटेगरी के लिए राइटिंग का काम करती हैं. उनकी पहचान फैक्ट बेस्ट रिपोर्टिंग, रिसर्च बेस्ड स्टोरी और एक्सप्लेनर लेखन के लिए है.

राजनीति, सामाजिक सरोकार, ग्रामीण विकास, महिला मुद्दों, इतिहास, खेल, जनजातीय समाज और सार्वजनिक नीतियों से जुड़े विषयों पर उनकी विशेष रुचि रही है. वैसे मुद्दे जो समाज के हाशिये पर मौजूद समुदायों और आम लोगों के जीवन को प्रभावित करते हैं, लेकिन मुख्यधारा की बहस में अपेक्षाकृत कम जगह पाते हैं, ऐसे विषयों पर भी लेखन में रुचि रखती हैं.

रजनीश आनंद कई प्रतिष्ठित पत्रकारिता फेलोशिप से जुड़ी रही हैं. इन्क्लूसिव मीडिया–यूएनडीपी फेलोशिप के तहत उन्होंने झारखंड के पश्चिमी सिंहभूम (चाईबासा) जिले में माहवारी स्वच्छता और किशोरियों एवं महिलाओं के स्वास्थ्य संबंधी चुनौतियों पर अध्ययन एवं रिपोर्टिंग की. झारखंड सरकार मीडिया फेलोशिप के दौरान महिला सशक्तिकरण, सरकारी योजनाओं के प्रभाव और सामाजिक बदलाव के विभिन्न आयामों पर काम किया. इसके अलावा सेव द चिल्ड्रन फेलोशिप के तहत बच्चों के अधिकार, शिक्षा, सुरक्षा और बाल कल्याण से जुड़े मुद्दों पर गहन रिपोर्टिंग की है.

आदिवासी समाज, विशेषकर मुंडा जनजाति के इतिहास, संस्कृति और समकालीन चुनौतियों पर उनका काम उल्लेखनीय माना जाता है. उन्होंने भूमि, पहचान, परंपरा, सामाजिक बदलाव और आदिवासी समुदायों के अधिकारों से जुड़े विषयों पर व्यापक फील्ड रिपोर्टिंग की है.हाल के वर्षों में उन्होंने झारखंड में ऊर्जा संक्रमण (Energy Transition) और जस्ट ट्रांजिशन की अवधारणा पर भी काम किया है. विशेष रूप से कोयला आधारित अर्थव्यवस्था वाले क्षेत्रों में रोजगार, आजीविका और सामाजिक प्रभावों से जुड़ी चुनौतियों पर उनकी रिपोर्टिंग ने महत्वपूर्ण सवाल उठाए हैं.

रजनीश आनंद झारखंड की राजधानी रांची में रहती हैं और इलाहाबाद विश्वविद्यालय से स्नातक हैं. उन्होंने वर्ष 2000 में पत्रकारिता की शुरुआत झारखंड जागरण दैनिक से की. इसके बाद प्रभात खबर, हिंदुस्तान, रांची एक्सप्रेस और दैनिक जागरण सहित कई प्रमुख समाचार संस्थानों के लिए रिपोर्टिंग और स्वतंत्र लेखन किया. प्रिंट मीडिया के दैनिक, साप्ताहिक, पाक्षिक और सांध्य प्रकाशनों में काम करने के साथ-साथ वे वर्ष 2012 से डिजिटल पत्रकारिता में सक्रिय हैं.

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