Asian Games 2023: टेनिस में भारत ने जीता गोल्ड, रोहन बोपन्ना और रूतुजा की जोड़ी ने चीनी ताइपे को हराया

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Asian Games 2023: टेनिस में भारत ने जीता गोल्ड, रोहन बोपन्ना और रूतुजा की जोड़ी ने चीनी ताइपे को हराया

Hangzhou: India’s Rohan Bopanna and Rutuja Sampatrao Bhosale celebrate after defeating Chinese Taipei’s Liang En-shuo and Tsung-Hao Huang in the Mixed Doubles Final tennis match at the 19th Asian Games, in Hangzhou, China, Saturday, Sept. 30, 2023. (PTI Photo/Gurinder Osan) (PTI09_30_2023_000147A)

एशियाई खेलों 2023 में भारत को गोल्डन सफर जारी है. खेल के सातवें दिन भारत को टेनिस में बड़ी खुशखबरी मिली. मिक्स में अनुभवी रोहन बोपन्ना और रूतुजा भोसले ने भारत को गोल्ड मेडल जीता. दोनों की जोड़ी ने चीनी ताइपे के सुंग हाओ हुआंग और एन शुओ लियांग को हराया.

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एशियाई खेलों 2023 में भारत को गोल्डन सफर जारी है. खेल के सातवें दिन भारत को टेनिस में बड़ी खुशखबरी मिली. मिक्स में अनुभवी रोहन बोपन्ना और रूतुजा भोसले ने भारत को गोल्ड मेडल जीता. दोनों की जोड़ी ने चीनी ताइपे के सुंग हाओ हुआंग और एन शुओ लियांग को हराया.

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रोहन बोपन्ना और रूतुजा की जोड़ी ने पहला सेट हारने के बाद भी जीता गोल्ड

रोहन बोपन्ना और रूतुजा भोसले की जोड़ी ने अपना पहला सेट गंवा दिया था. हालांकि पहला सेट हारने के बाद दोनों से शानदार वापसी करते हुए चीनी ताइपे के सुंग हाओ हुआंग और एन शुओ लियांग को 2-6, 6-3, 10-4 से हराकर एशियाई खेलों की मिश्रित युगल स्पर्धा का स्वर्ण पदक जीत लिया.

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एशियाई खेलों में टेनिस में भारत को दूसरा पदक

रोहन बोपन्ना और रूतुजा की जोड़ी के गोल्ड मेडल जीतने के साथ अब भारतीय टेनिस दल कम से कम एक स्वर्ण पदक लेकर लौटेगा. इस बार एशियाई खेलों में टेनिस में भारत की झोली में दो ही पदक गिरे जिनमें पुरूष युगल का रजत शामिल है.

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एशियाई खेलों में भारत के खाते में 9वां गोल्ड

एशियाई खेलों में भारत के खाते में अबतक कुल 9 गोल्ड मेडल आ चुके हैं. अगर कुल मेडल की बात करें, तो 9 गोल्ड, 13 रजत और 13 कांस्य पदक की मदद से भारत के खाते में कुल 35 पदक हो गए हैं. मेडल टेली में भारत इस समय 6ठे स्थान पर बनी हुई है.

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साकेत माइनेनी और रामकुमार रामनाथन ने पुरूष युगल में रजत जीता

रामकुमार रामनाथन और साकेत माइनेनी एशियाई खेलों में टेनिस पुरूष युगल स्पर्धा के फाइनल में हार गए और उन्हें रजत पदक से संतोष करना पड़ा. भारतीय जोड़ी को फाइनल में चीनी ताइपे के सू यु सियू और जैसन जुंग ने सीधे सेटों में हराया. गैर वरीय चीनी ताइपे टीम के दोनों सदस्य सू (182) और जुंग (231) की एकल रैंकिंग बेहतर थी जो उनके खेल में भी नजर आया. उन्होंने दूसरी वरीयता प्राप्त भारतीय जोड़ी को 6-4, 6-4 से हराया.

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रामकुमार का एशियाई खेलों में यह पहला और माइनेनी का तीसरा पदक है. वह 2014 इंचियोन खेलों में सतनाम सिंह के साथ पुरूष युगल रजत और सानिया मिर्जा के साथ मिश्रित युगल स्वर्ण जीत चुके हैं. दूसरे सेट में भी रामकुमार की सर्विस कमजोर रही. तीसरे गेम में स्कोर 15-30 था जब उन्होंने डबल फॉल्ट किया और ताइपे टीम ने दो ब्रेक प्वाइंट बनाये. साकेत ने नौवे गेम में स्कोर 15-15 कर दिया. भारतीय जोड़ी ने अपनी सर्विस बचाई लेकिन जुंग ने बैकहैंड पर वॉली विनर लगाकर बढ़त बना ली. इसके बाद भारतीय जोड़ी के लिये वापसी का मौका नहीं था.

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एशियाई खेलों के टेनिस में ऐसा रहा है भारत का प्रदर्शन

भारत ने टेनिस में 2002 में बुसान में चार, 2006 में दोहा में चार, 2010 में ग्वांग्झू में पांच, 2014 में इंचियोन में पांच और 2018 में जकार्ता में तीन पदक जीते थे.

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अरबिंद कुमार मिश्रा

लेखक के बारे में

By अरबिंद कुमार मिश्रा

अरबिंद कुमार मिश्रा मुख्यधारा की पत्रकारिता में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव रखने वाले एक वरिष्ठ पत्रकार और लेखक हैं. वर्तमान में, वह प्रभात खबर डॉट कॉम (Prabhat Khabar) में सीनियर कंटेंट राइटर के रूप में अपनी सेवाएं दे रहे हैं. अरबिंद नेशनल, इंटरनेशनल और स्पोर्ट्स कैटेगरी में अपनी लेखनी के लिए जाने जाते हैं. गहरी रिसर्च पर आधारित स्पेशल स्टोरीज, रिपोर्टिंग और जटिल मुद्दों पर आसान भाषा में 'एक्सप्लेनर' लिखना उनकी मुख्य यूएसपी (USP) है.

झारखंड की समृद्ध संस्कृति और लोक परंपराओं में उनकी गहरी रुचि है. अपनी उत्कृष्ट और सरोकार से जुड़ी रिपोर्टिंग के लिए उन्हें संस्थान स्तर पर कई बार सम्मानित और पुरस्कृत भी किया जा चुका है.

करियर का सफरनामा

अरबिंद ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत देश की प्रतिष्ठित बहुभाषी न्यूज एजेंसी 'हिंदुस्थान समाचार' से बतौर रिपोर्टर की थी. इसके बाद उन्होंने प्रसार भारती के अंग दूरदर्शन और आकाशवाणी के साथ भी काम किया, जहां उन्होंने एंकरिंग, वॉइस-ओवर और रिपोर्टिंग के गुर सीखे. साल 2011 में वह 'प्रभात खबर डॉट कॉम' से जुड़े और तब से लगातार डिजिटल पत्रकारिता के क्षेत्र में अपनी महत्वपूर्ण भूमिका निभा रहे हैं.

प्रमुख उपलब्धियां और ग्राउंड रिपोर्टिंग

खेल पत्रकारिता और जमीनी रिपोर्टिंग में अरबिंद का योगदान उल्लेखनीय रहा है. उनकी कुछ सबसे बड़ी उपलब्धियों में शामिल हैं:

34वें राष्ट्रीय खेल: झारखंड में आयोजित ऐतिहासिक 34वें नेशनल गेम्स की बेहतरीन और व्यापक ग्राउंड रिपोर्टिंग.

अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट: रांची के जेएससीए (JSCA) स्टेडियम में आयोजित कई इंटरनेशनल क्रिकेट मैचों को करीब से कवर किया.

पुरुष हॉकी वर्ल्ड कप (2018): भुवनेश्वर में आयोजित वर्ल्ड कप के फाइनल मुकाबले की शानदार स्पोर्ट्स रिपोर्टिंग.

पंचायतनामा: प्रभात खबर के इस खास विंग के लिए ग्रामीण इलाकों का दौरा कर कई प्रेरक 'सक्सेस स्टोरीज' लिखीं.

शैक्षणिक योग्यता (Education & Credentials) अरबिंद शैक्षणिक रूप से भी पत्रकारिता और क्षेत्रीय विषयों के गहरे जानकार हैं:

UGC NET: साल 2019 में यूजीसी नेट (UGC NET) की परीक्षा उत्तीर्ण की.

बैचलर ऑफ जर्नलिज्म (BJMC): रांची विश्वविद्यालय से साल 2011 में पत्रकारिता में स्नातक की डिग्री हासिल की.

एम.ए. (नागपुरी भाषा): रांची विश्वविद्यालय के 'जनजातीय एवं क्षेत्रीय भाषा विभाग' से साल 2009 में नागपुरी भाषा में स्नातकोत्तर (MA) की डिग्री हासिल की.

लेखन शैली और विशेषज्ञता: एक्सप्लेनर, रिसर्च बेस्ड स्टोरीज, स्पोर्ट्स जर्नलिज्म, इंटरनेशनल अफेयर्स और झारखंड की लोक-संस्कृति.

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