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Rama Ekadashi 2022 LIVE Updates: आज है रमा एकादशी, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, पारण का समय

Published by :Shaurya Punj
Published at :21 Oct 2022 6:53 AM (IST)
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Rama Ekadashi 2022 LIVE Updates: आज है रमा एकादशी, जानें शुभ मुहूर्त, पूजा विधि, पारण का समय

Rama Ekadashi 2022 LIVE Updates: रमा एकादशी का व्रत इस साल आज 21 अक्टूबर, शुक्रवार को रखा जा रहा है. रमा एकादशी पर पूजा के लिए संध्या काल दीपदान करने से देवी लक्ष्मी अति प्रसन्न होती हैं एवं इससे सुख-समृद्धि, धन में वृद्धि होती है और समस्त बिगड़े काम बन जाते हैं.आइए जानें रमा एकादशी पर तिथि, शुभ मुहूर्त और महत्व.

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रमा एकादशी 2022 पूजा मुहूर्त

रमा एकादशी के दिन प्रातः काल से शुक्ल योग है. यह शाम 05.48 मिनट तक रहेगा. उसके बाद ब्रह्म योग आरंभ होगा. वहीं एकादशी व्रत की पूजा करने का शुभ मुहूर्त सुबह 07.50 मिनट से सुबह 09.15 मिनट तक रहेगा.

ये काम जरूर करें दान

इस दिन छोटे बच्चों को शिक्षा से संबंधित वस्तुएं दान करनी चाहिए. कहते हैं इससे मां लक्ष्मी के साथ देवी सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है और धन, विद्या में बढ़ोत्तरी होती है. जूते-चप्पल देना भी अत्यंत लाभकारी होता है.

रमा एकादशी व्रत के प्रभाव से मिला अपार धन

शोभन ने चंद्रभागा की बात नहीं मानी और रमा एकादशी का व्रत करने की ठानी. सुबह तक शोभन के प्राण निकल चुके थे. पति की मृत्यु के बाद चंद्रभागा पिता के यहां रहकर ही पूजा-पाठ और व्रत करती थी. वहीं एकादशी व्रत के प्रभाव से शोभन को अगले जन्म में देवपुर नगरी का राज्य प्राप्त हुआ जहां धन-धान्य और ऐेश्वर्य की कोई कमी नहीं थी. एक बार राजा मुचुकुंद के नगर का ब्राह्मण सोम शर्मा देवपुर के पास से गुजरता है और शोभन को पहचान लेता है. ब्राह्मण पूछता है कि शोभन को यह सब ऐश्वर्य कैसे प्राप्त हुआ. तब शोभन उसे बताता है कि यह सब रमा एकादशी का फल है लेकिन यह सब अस्थिर है.

रमा एकादशी 2022 तिथि

पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 20 अक्टूबर दिन गुरुवार को शाम 04 बजकर 04 मिनट से शुरू होगी और यह तिथि अगले दिन 21 अक्टूबर शुक्रवार को शाम 05 बजकर 22 मिट तक मान्य रहेगी. अब उदयातिथि को देखा जाए तो 21 अक्टूबर को प्राप्त हो रही है, इसलिए रमा एकादशी का व्रत 21 अक्टूबर को रखा जाएगा.

Rama Ekadashi 2022: रमा एकादशी व्रत के लाभ

  • रमा एकादशी व्रत के लाभ यह व्रत संतान, सुख, समृद्धि, धन की कामना रखने वाले मनुष्यों को अवश्य करना चाहिए.

  • इस व्रत के प्रभाव से जीवन के सारे अभाव दूर हो जाते हैं.

  • अनजाने में किए गए पापों का क्षय होता है.

  • अनजाने में किए गोहत्या, ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति मिलती है.

  • सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

  • स्त्री पुरुष दोनों यह व्रत रखें तो पारिवारिक सुख सौहा‌र्द्र बना रहता है.

  • उत्तम वाहन, संपत्ति सुख प्राप्त होता है.

  • मृत्यु के पश्चात विष्णुलोक की प्राप्ति होती है.

Rama Ekadashi 2022: पूजा मुहूर्त

रमा एकादशी के दिन प्रात:काल से ही शुक्ल योग प्रारंभ हो रहा है, जो शाम 05 बजकर 48 मिनट तक है. उसके बाद से ब्रह्म योग प्रारंभ हो जाएगा. ये दोनों ही योग पूजा पाठ के लिए शुभ हैं. रमा एकादशी व्रत की पूजा करने का श्रेष्ठ मुहूर्त प्रात: 07 बजकर 50 मिनट से सुबह 09 बजकर 15 मिनट तक है. यह लाभ उन्नति प्रदान करने वाला मुहूर्त है.

उसके बाद सुबह 09 बजकर 15 मिनट से सुबह 10 बजकर 40 मिनट तक अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त है. आप इन दोनों ही मुहूर्त में पूजा करते हैं तो आपके लिए लाभकारी है. आपका कल्याण होगा.

रमा एकादशी 2022 पारण का समय

रामा दकादशी व्रत पारण: रमा एकादशी व्रत का पारण 22 अक्टूबर, दिन शनिवार को प्रात: सूर्योदय के बाद कर सकते हैं.

रमा एकादशी शुभ मुहूर्त

रमा एकादशी तिथि- 21 अक्टूबर, शुक्रवार

एकादशी तिथि प्रारंभ- 20 अक्टूबर, गुरुवार, 4:07 बजे, शाम

एकादशी तिथि समाप्त- 21 अक्टूबर, शुक्रवार, 5: 25 बजे, शाम

रमा एकादशी व्रत : उदया तिथि के अनुयार 21 अक्टूबर, दिन शुक्रवार को रखा जायेगा

रमा एकादशी पूजा विधि

रमा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं. घर के मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. फिर दीपक प्रज्वलित करें. इसके बाद विधि-विधान से पूजा करें. सबसे पहले श्रीहरि को पंचामृत से स्नाम करें. फिर पुष्प, धूप, दीप और तुलसी दल अर्पित करें. इसके बाद विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें. साथ ही ब्राह्मणों को भोजन कराकर और आशीर्वाद प्राप्त करें.

रमा एकादशी पूजा सामग्री

श्री विष्णु जी का चित्र अथवा मूर्ति, पुष्प, नारियल, सुपारी, फल, लौंग, धूप, दीप, घी, पंचामृत, अक्षत, तुलसी दल, चंदन , मिष्ठान

रमा एकादशी पूजा करने के फायदे

रमा एकादशी व्रत के लाभ यह व्रत संतान, सुख, समृद्धि, धन की कामना रखने वाले मनुष्यों को अवश्य करना चाहिए.

इस व्रत के प्रभाव से जीवन के सारे अभाव दूर हो जाते हैं.

अनजाने में किए गए पापों का क्षय होता है.

अनजाने में किए गोहत्या, ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति मिलती है.

सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

स्त्री पुरुष दोनों यह व्रत रखें तो पारिवारिक सुख सौहा‌र्द्र बना रहता है.

उत्तम वाहन, संपत्ति सुख प्राप्त होता है.

मृत्यु के पश्चात विष्णुलोक की प्राप्ति होती है.

रमा एकादशी पूजा का शुभ मुहूर्त

रमा एकादशी के दिन प्रात:काल से ही शुक्ल योग प्रारंभ हो रहा है, जो शाम 05 बजकर 48 मिनट तक है. उसके बाद से ब्रह्म योग प्रारंभ हो जाएगा. ये दोनों ही योग पूजा पाठ के लिए शुभ हैं. रमा एकादशी व्रत की पूजा करने का श्रेष्ठ मुहूर्त प्रात: 07 बजकर 50 मिनट से सुबह 09 बजकर 15 मिनट तक है. यह लाभ उन्नति प्रदान करने वाला मुहूर्त है. उसके बाद सुबह 09 बजकर 15 मिनट से सुबह 10 बजकर 40 मिनट तक अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त है. आप इन दोनों ही मुहूर्त में पूजा करते हैं तो आपके लिए लाभकारी है.

रमा एकादशी 2022 तिथि

पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 20 अक्टूबर दिन गुरुवार को शाम 04 बजकर 04 मिनट से शुरू होगी और यह तिथि अगले दिन 21 अक्टूबर शुक्रवार को शाम 05 बजकर 22 मिट तक मान्य रहेगी. अब उदयातिथि को देखा जाए तो 21 अक्टूबर को प्राप्त हो रही है, इसलिए रमा एकादशी का व्रत 21 अक्टूबर को रखा जाएगा.

रमा एकादशी पूजन विधि

रमा एकादशी के दिन प्रात:काल से ही शुक्ल योग प्रारंभ हो रहा है, जो शाम 05 बजकर 48 मिनट तक है. उसके बाद से ब्रह्म योग प्रारंभ हो जाएगा. ये दोनों ही योग पूजा पाठ के लिए शुभ हैं. रमा एकादशी व्रत की पूजा करने का श्रेष्ठ मुहूर्त प्रात: 07 बजकर 50 मिनट से सुबह 09 बजकर 15 मिनट तक है. यह लाभ उन्नति प्रदान करने वाला मुहूर्त है. उसके बाद सुबह 09 बजकर 15 मिनट से सुबह 10 बजकर 40 मिनट तक अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त है. आप इन दोनों ही मुहूर्त में पूजा करते हैं तो आपके लिए लाभकारी है. आपका कल्याण होगा.क्या है पौराणिक कथा

एकादशी व्रत पूजा सामग्री लिस्ट

श्री विष्णु जी का चित्र अथवा मूर्ति, पुष्प, नारियल, सुपारी, फल, लौंग, धूप, दीप, घी, पंचामृत, अक्षत, तुलसी दल, चंदन , मिष्ठान

रमा एकादशी 2022 पूजा विधि

रमा एकादशी के दिन सुबह जल्दी उठकर स्नानादि से निवृत्त हो जाएं. घर के मंदिर में भगवान विष्णु की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें. फिर दीपक प्रज्वलित करें. इसके बाद विधि-विधान से पूजा करें. सबसे पहले श्रीहरि को पंचामृत से स्नाम करें. फिर पुष्प, धूप, दीप और तुलसी दल अर्पित करें. इसके बाद विष्णु सहस्त्रनाम का पाठ करें. साथ ही ब्राह्मणों को भोजन कराकर और आशीर्वाद प्राप्त करें.

रमा एकादशी व्रत पारण 2022

रमा एकादशी के व्रत का पारण द्वादशी तिथि यानी 22 अक्टूबर को किया जाएगा. इस दिन व्रत पारण का समय सुबह 06 बजकर 30 मिनट से शुरू होकर सुबह 08 बजकर 45 मिनट कर है. वहीं, इस दिन द्वादशी तिथि का समापन शाम 06 बजकर 02 मिटन पर होगा.

रमा एकादशी 2022 तिथि

पंचांग के अनुसार, कार्तिक माह के कृष्ण पक्ष की एकादशी तिथि 20 अक्टूबर दिन गुरुवार को शाम 04 बजकर 04 मिनट से शुरू होगी और यह तिथि अगले दिन 21 अक्टूबर शुक्रवार को शाम 05 बजकर 22 मिट तक मान्य रहेगी. अब उदयातिथि को देखा जाए तो 21 अक्टूबर को प्राप्त हो रही है, इसलिए रमा एकादशी का व्रत 21 अक्टूबर को रखा जाएगा.

Rama Ekadashi 2022: पूजा मुहूर्त

रमा एकादशी के दिन प्रात:काल से ही शुक्ल योग प्रारंभ हो रहा है, जो शाम 05 बजकर 48 मिनट तक है. उसके बाद से ब्रह्म योग प्रारंभ हो जाएगा. ये दोनों ही योग पूजा पाठ के लिए शुभ हैं. रमा एकादशी व्रत की पूजा करने का श्रेष्ठ मुहूर्त प्रात: 07 बजकर 50 मिनट से सुबह 09 बजकर 15 मिनट तक है. यह लाभ उन्नति प्रदान करने वाला मुहूर्त है. उसके बाद सुबह 09 बजकर 15 मिनट से सुबह 10 बजकर 40 मिनट तक अमृत सर्वोत्तम मुहूर्त है. आप इन दोनों ही मुहूर्त में पूजा करते हैं तो आपके लिए लाभकारी है. आपका कल्याण होगा.

Rama Ekadashi 2022: रमा एकादशी व्रत के लाभ

रमा एकादशी व्रत के लाभ यह व्रत संतान, सुख, समृद्धि, धन की कामना रखने वाले मनुष्यों को अवश्य करना चाहिए.

इस व्रत के प्रभाव से जीवन के सारे अभाव दूर हो जाते हैं.

अनजाने में किए गए पापों का क्षय होता है.

अनजाने में किए गोहत्या, ब्रह्म हत्या के पाप से मुक्ति मिलती है.

सुख-सौभाग्य की प्राप्ति होती है.

स्त्री पुरुष दोनों यह व्रत रखें तो पारिवारिक सुख सौहा‌र्द्र बना रहता है.

उत्तम वाहन, संपत्ति सुख प्राप्त होता है.

मृत्यु के पश्चात विष्णुलोक की प्राप्ति होती है.

ये काम जरूर करें

इस दिन छोटे बच्चों को शिक्षा से संबंधित वस्तुएं दान करनी चाहिए. कहते हैं इससे मां लक्ष्मी के साथ देवी सरस्वती का आशीर्वाद प्राप्त होता है और धन, विद्या में बढ़ोत्तरी होती है. जूते-चप्पल देना भी अत्यंत लाभकारी होता है.

रमा एकादशी पर दान

रमा एकादशी पर जरूरतमंदों को कंबल, गर्म कपड़ों का दान करें, क्योंकि शरद पूर्णिमा के बाद से मौसम में ठंडक घुल जाती है ऐसे में एकादशी के दिन इन चीजों का दान जीवन में सुख-सौभाग्य लाता है.

एकादशी पर किया दान

एकादशी पर किया दान हजार गायो के दान के समान माना जाता है. इस दिन गरीबों को भोजन कराना या फिर अन्न(चावल, शक्कर, दाल, आटा) का दान देना शुभ फलदायी होता है. इससे मां लक्ष्मी प्रसन्न होती हैं.जातक की आय में वृद्धि होती है.

रमा एकादशी पर शुक्ल योग

रमा एकादशी पर शुक्ल योग बन रहा है जो शुभ कार्य के लिए उत्तम माना जाता है. इसमें भगवान विष्णु की पूजा करने से बैकुंठ की प्राप्ति होती है. शुक्ल योग 20 अक्टूबर 2022 को शाम 05.53 से शुरू होकर 21 अक्टूबर 2022 को शाम 05.48 पर खत्म होगा.

रमा एकादशी व्रत कथा

पौराणिक कथा के अनुसार एक नगर के राजा मुचुकुंद ने पुत्री चंद्रभागा की शादी राजा चंद्रसेन के बेटे शोभन के साथ कर दी. शारीरिक रूप से शोभन बहुत दुर्बल था. वह एक समय भी अन्न के बिना नहीं रह सकता था. कार्तिक माह में दोनों राजा मुचुकुंद के यहां गए उस समय रमा एकादशी थी. पिता के राज्य में रमा एकादशी का व्रत मनुष्य के साथ पशु भी करते थे. चंद्रभागा चिंतित थी क्योंकि पति भूखा नहीं रह सकता था, इसलिए उसने शोभन से दूसरे राज्य में जाकर भोजन ग्रहण करने को कहा.

रमा एकादशी का विशेष महत्व

दिवाली से पहले रमा एकादशी का विशेष महत्व है. कार्तिक माह की रमा एकादशी 20 अक्टूबर 2022 को शाम 04.04 बजे शुरू होगी और समापन 21 अक्टूबर 2022 को शाम 05.22 पर होगा. व्रत का पारण 22 अक्टूबर 2022 को प्रात: 06.30 – 08.47 तक किया जाएगा.

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

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