पुरी-हटिया एक्सप्रेस ट्रेन में रेलवे की लापरवाही, यात्रियों को हुई ऐसी परेशानी, जिसकी नहीं थी उम्मीद

पुरी-हटिया एक्सप्रेस ट्रेन में रेलवे की लापरवाही के कारण यात्रियों को ऐसी परेशानी झेलनी पड़ी, जिसकी उन्होंने कभी उम्मीद नहीं की थी. पुरी में यात्री जैसे ही ट्रेन पर चढ़े, यात्रियों को जोरदार झटका लगा. खासकर उन यात्रियों को जिन्हें बीच की बर्थ दी गई थी.
Indian Railways News: पुरी-हटिया एक्सप्रेस ट्रेन (18452) में रेलवे की ओर से लापरवाही देखी गई, जिसके कारण यात्रियों को ऐसी परेशानी का सामना करना पड़ा, जिसकी कभी उन्होंने उम्मीद नहीं की होगी. दरअसल, ट्रेन के एस-6 कोच में मिडिल बर्थ को सहारा देने वाली चेन गायब थी. पूरे कोच में यही स्थिति थी, जिसके कारण रात में बैठने और सोने वाले यात्रियों को कई तरह की चुनौतियों का सामना करना पड़ा. पुरी में यात्री जैसे ही ट्रेन में चढ़े, यात्रियों को जोरदार झटका लगा. खासकर उन यात्रियों को जिन्हें बीच की बर्थ दी गई थी. उन्हें समझ में नहीं आ रहा था कि रात में वे कैसे बैठेंगे या सोएंगे. उन्हें रात के लिए बैठने या सोने की उपयुक्त व्यवस्था के बिना छोड़ दिया गया था. हालांकि, यात्रियों ने इसकी शिकायत टिकट कलेक्टर से की. जिसके बार टिकट कलेक्टर ने तुरंत कार्रवाई करते हुए, भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर प्रभावित यात्रियों के लिए एक अतिरिक्त डिब्बा जोड़ दिया.
समाचार एजेंसी एएनआई को एक यात्री ने अपनी आपबीती सुनाई, और कहा, “मैं पुरी से रात 8:45 बजे पुरी-हटिया एक्सप्रेस के एस-6 डिब्बे में चढ़ा था. जैसे ही मैं सोने के लिए तैयार हुआ, मुझे पता चला कि मिडिल बर्थ की चेन गायब है. यात्री घबराने लगे, जिसके बाद हमने टिकट कलेक्टर से इसकी शिकायत की. टीसी ने कार्रवाई की और भुवनेश्वर रेलवे स्टेशन पर एक नया डिब्बा जोड़ा गया.”
इधर, ईस्ट कोस्ट रेलवे के सीपीआरओ अशोक कुमार मिश्रा ने भी एएनआई से बात की. उन्होंने बताया कि घटना की सूचना मिली है. चूक कहां हुई है, चेन कैसे गायब हुईं, इसकी जांच की जाएगी. अधिकारी ने बताया कि ट्रेन जब पुरी से भुवनेश्वर स्टेशन पहुंची तो वहां ट्रेन में अलग कोच लगाया गया था. पूरे मामले की जांच की जा रही है.
Also Read: Train News: हटिया से चलने वाली तीन ट्रेन रद्द, न्यू गिरिडीह-रांची एक्सप्रेस का मार्ग बदला
मालूम हो कि रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने 2022 में राजधानी स्टाइल के कोचों वाली पुरी-हटिया-पुरी तपस्विनी एक्सप्रेस को हरी झंडी दिखाई थी. यात्री आराम को बढ़ाने के लिए लिंके हॉफमैन बुश (एलएचबी) डिजाइन किए गए हैं. यह ट्रेन पुरी, खुर्दा रोड, भुवनेश्वर, कटक, ढेंकनाल, तालचेर, अंगुल, रायराखोल, संबलपुर, झारसुगुड़ा, राजगांगपुर, राउरकेला और नुआगांव सहित ओडिशा के विभिन्न जिलों को जोड़ने वाली एक महत्वपूर्ण कड़ी के रूप में कार्य करती है, जो आखिर में झारखंड के हटिया (रांची) तक पहुंचती है.
Also Read: साहिबगंज : ट्रेन में छूटे यात्री का ट्रॉली बैग आरपीएफ ने किया सुपुर्द
प्रभात खबर डिजिटल टॉप स्टोरी
लेखक के बारे में
By Jaya Bharti
This is Jaya Bharti, with more than two years of experience in journalistic field. Currently working as a content writer for Prabhat Khabar Digital in Ranchi but belongs to Dhanbad. She has basic knowledge of video editing and thumbnail designing. She also does voice over and anchoring. In short Jaya can do work as a multimedia producer.
Prabhat Khabar App :
देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए




