राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू दे रहीं थीं भाषण और बिजली हो गयी गुल, 9 मिनट तक हॉल में छाया रहा अंधेरा
Published by : Mithilesh Jha Updated At : 06 May 2023 5:36 PM
Odisha News Today|बिजली गुल होने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बेहद शालीन लहजे में नाराजगी भी जाहिर कर दी. उन्होंने बाद में अपना भाषण जारी रखते हुए कहा, ‘यह विश्वविद्यालय जितना खूबसूरत है, उतना ही अंधेरे में भी है.’
राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू के भाषण के दौरान ही बिजली गुल हो गयी और पूरा हॉल अंधेरे में डूब गया. मामला ओडिशा के मयूरभंज स्थित बारीपदा का है. शनिवार को राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू यहां स्थित महाराजा श्रीराम चंद्र भंज देव विश्वविद्यालय में स्टूडेंट्स और फैकल्टीज को जैसे ही संबोधित करना शुरू किया, बिजली गुल हो गयी. हॉल करीब 9 मिनट तक अंधेरे में डूबा रहा.
बिजली गुल होने पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने बेहद शालीन लहजे में नाराजगी भी जाहिर कर दी. उन्होंने बाद में अपना भाषण जारी रखते हुए कहा, ‘यह विश्वविद्यालय जितना खूबसूरत है, उतना ही अंधेरे में भी है.’ बता दें कि सुबह 11:56 बजे से 12:05 बजे के बीच बिजली गुल रही. ओडिशा सरकार के सूचना एवं जनसंपर्क विभाग ने भी इसकी पुष्टि की है.
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इस संबंध में जब टाटा पावर नॉर्थ ओडिशा डिस्ट्रीब्यूशन लिमिटेड (TPNODL) के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (सीईओ) भास्कर सरकार से पूछा गया, तो उन्होंने बताया कि बिजली जाना विश्वविद्यालय का आंतरिक मामला है. टाटा पावर का इससे कोई लेना-देना नहीं है. ऑडिटोरियम के इंटर्नल सर्किट में फॉल्ट की वजह से बिजली गयी थी.
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वहीं, विश्वविद्यालय के वाइस चांसलर प्रोफेसर संतोष त्रिपाठी ने इसके लिए माफी मांगी है. उन्होंने कहा कि IDCO ने इस भवन का निर्माण किया था और जेनरेटर की रिपेयरिंग भी उसने ही की थी. हमारे पास एक जेनरेटर है. जब बिजली कटी, उस वक्त जेनरेटर नहीं चल पाया. हम इस मामले की जांच करायेंगे.
राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान हुई लोडशेडिंग के मामले में विश्वविद्यालय की जमकर आलोचना हो रही है. कहा जा रहा है कि भारत की राष्ट्रपति को अंधेरे में भाषण देना पड़ा. ओडिशा के पूर्व पुलिस महानिदेशक बिपिन मिश्रा ने कहा कि राष्ट्रपति या प्रधानमंत्री के कार्यक्रम के दौरान बिजली चली जाये, ऐसा मैंने पहले कभी नहीं देखा. ऐसे कार्यक्रमों में कई तरह की व्यवस्था की जाती है, ताकि निर्बाध बिजली की आपूर्ति होती रहे. लेकिन, ऐसा लगता है कि यहां आयोजकों ने पूरी तैयारी नहीं की थी. यह व्यवस्था की खामी है.
एक स्कॉलर ने इस घटना को राष्ट्रपति का अपमान करार दिया है. शिक्षाविद प्रदीप कुमार नंदा ने कहा कि करीब 10 मिनट तक ऑडिटोरियम में अंधेरा रहा. हालांकि, राष्ट्रपति ने इसे अन्यथा नहीं लिया, लेकिन यह ओडिशा के लिए शर्म की बात है. बता दें कि प्रदीप कुमार नंदा को राष्ट्रपति ने आज डॉक्टरेट की डिग्री प्रदान की.
एक अन्य शिक्षाविद ने कहा कि आज के समय में शादी-ब्याह के दौरान भी अगर बिजली कट हो जाये, तो चंद सेकेंड में बिजली आ जाती है. लेकिन, ओडिशा में देश की राष्ट्रपति के कार्यक्रम के दौरान 10 मिनट तक बिजली गुल रही. उन्होंने कहा कि अगर राष्ट्रपति के कार्यक्रम में हम निर्बाध रूप से बिजली की आपूर्ति नहीं कर पा रहे हैं, तो आम लोगों को कैसे बिजली उपलब्ध करवा पायेंगे?
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By Mithilesh Jha
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