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गोरखपुर: पॉलीटेक्निक के छात्र ने हॉस्टल में की खुदकुशी, फर्स्ट सेमेस्टर में हो गया था फेल

Updated at : 23 May 2023 2:28 PM (IST)
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गोरखपुर: पॉलीटेक्निक के छात्र ने हॉस्टल में की खुदकुशी, फर्स्ट सेमेस्टर में हो गया था फेल

गोरखपुर राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई कर रहे छात्र ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया. वह पालीटेक्निक के साथ-साथ वह बीएससी की भी पढ़ाई कर रहा था. सेकेंड ईयर की परीक्षा देकर वह दो दिन पहले ही पालीटेक्निक हॉस्टल लौटा था.पुलिस हॉस्टल के कमरे का दरवाजा तोड़कर छात्र को निकाला.

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Gorakhpur : राजकीय पॉलीटेक्निक कॉलेज में पढ़ाई कर रहे छात्र ने हॉस्टल के कमरे में फांसी लगाकर आत्महत्या कर लिया. बताया जा रहा है कि छात्र फर्स्ट सेमेस्टर के सभी विषयों में फेल हो गया था. शायद इसी वजह से उसने ऐसा कदम उठाया होगा. सूचना पर पहुंची पुलिस ने जांच पड़ताल शुरू कर दी है.

पालीटेक्निक के साथ बीएससी की भी कर रहा था पढ़ाई

देवरिया जिले के खामपार इलाके के परसिया छितनी सिंह गांव निवासी जय प्रकाश कुशवाहा की 3 संतानों में धीरज सबसे छोटा लड़का था. वह पालीटेक्निक के साथ-साथ वह बीएससी की भी पढ़ाई कर रहा था. सेकेंड ईयर की परीक्षा देकर वह दो दिन पहले ही पालीटेक्निक हॉस्टल लौटा था. 3 अन्य छात्रों के साथ वह हॉस्टल के फर्स्ट फ्लोर पर रहता था.

कमरे में रहने वाला एक छात्र दो दिन पहले अपने गांव गया था और दो अन्य छात्रों ने उसे पढ़ने चलने के लिए कहा था. धीरज ने तबीयत अच्छी नहीं होने का हवाला देकर क्लास करने से मना कर दिया. अकेले कमरे में होने के दौरान उसने तौलिए से फंदा बनाकर आत्महत्या कर लिया.

पुलिस ने दरवाजा तोड़कर शव निकाला

कमरे में रहने वाले छात्र जब अपना क्लास खत्म करके वापस हॉस्टल लौटे तो दरवाजा भीतर से बंद था. उन्होंने आवाज लगाई तो उसने कोई जवाब नहीं दिया.इसके बाद उन्होंने धीरज का फोन भी किया. मगर उसका फोन आफ था. ऐसे में रूम मेट ने इसकी जानकारी वार्डन को दी. वार्डन ने इसकी जानकारी प्रिंसिपल और शाहपुर पुलिस को दी.

पुलिस हॉस्टल पहुंचकर जब कमरे का दरवाजा तोड़ा तो धीरज तौलिए के सहारे लटक हुआ मिला. पुलिस ने शव को तुरंत कब्जे में लेकर पोस्टमॉर्टम के लिए भेज दिया. थानाध्यक्ष शाहपुर मनोज कुमार पांडेय ने बताया कि सुसाइड का केस है. पोस्टमार्टम रिपोर्ट आने पर मौत के असल कारणों का पता चल पाएगा. उधर धीरज के परिजनों का रो रोकर बुरा हाल है.

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Sandeep kumar

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By Sandeep kumar

Sandeep kumar is a contributor at Prabhat Khabar.

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