Pitru Paksha 2023: पितृपक्ष में श्राद्ध के विभिन्न नाम तथा विधान क्या है जाने और समझे

Published by : Shaurya Punj Updated At : 01 Oct 2023 10:37 PM

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Pitru Paksha 2023: यम स्मृति में पांच प्रकार के श्राद्धों का वर्णन मिलता है जिन्हें नित्य, नैमित्तिक, काम्य, वृद्धि और पार्वण नाम से जाना जाता है. श्राद्ध के विभिन्न नाम और विधान को हम सभी बिस्तार से जानते है.

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  • पिंडदान करने के लिए उतम समय रहता यह पुरे वर्ष भर में 16 दिन का होता है

  • 29 सितंबर 2023 से पितृपक्ष का प्रारंभ हो गया है

Pitru Paksha 2023: 29 सितंबर 2023 से पितृपक्ष का प्रारंभ हो गया है. भाद्रपद पूर्णिमा से अश्विन कृष्णपक्ष अवमस्या तक चलने वाला यह पितृपक्ष का समय पिंडदान करने के लिए उतम समय रहता यह पुरे वर्ष भर में 16 दिन का होता है. ऐसे में भारत कई जगह है जहां पर पितृपक्ष में पिंडदान किया जाता है. यम स्मृति में पांच प्रकार के श्राद्धों का वर्णन मिलता है जिन्हें नित्य, नैमित्तिक, काम्य, वृद्धि और पार्वण नाम से जाना जाता है. श्राद्ध के विभिन्न नाम और विधान को हम सभी बिस्तार से जानते है.

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(1) नित्य श्राद्ध:-

प्रतिदिन किए जाने वाले श्राद्ध को नित्य श्राद्ध कहा जाता है।.इसमें विश्वेदेव को स्थापित नहीं किया जाता है. केवल जल से भी इस श्राद्ध को सम्पन्न किया जा सकता है.

(2 ) नैमित्तिक श्राद्ध:-

ऐसा श्राद्ध जो किसी को निमित्त बनाकर किया जाता है उसे नैमित्तिक श्राद्ध कहते हैं..इसे एकोद्दिष्ट भी कहा जाता है. किसी एक को निमित्त मानकर यह श्राद्ध किया जाता है. यह किसी की मृत्यु हो जाने पर दशाह, एकादशाह आदि एकोद्दिष्ट श्राद्ध के अन्तर्गत आता है.इसमें भी विश्वेदेवों को स्थापित नहीं किया जाता.

(3 ) काम्य श्राद्ध:-

जो श्राद्ध किसी की कामना पूर्ति के लिए किया जाता है उसे काम्य श्राद्ध कहते हैं.

(4 )वृद्धि श्राद्ध:-

यह श्राद्ध वो होता है जिसमें किसी प्रकार की वृद्धि में जैसे पुत्र जन्म, वास्तु प्रवेश, विवाहादि प्रत्येक मांगलिक प्रसंग में भी पितरों की प्रसन्नता के लिए किया जाता है. इसे नान्दीश्राद्ध या नान्दीमुख श्राद्ध भी कहा जाता है. यह कर्म कार्य होता है. दैनंदिनी जीवन में देव-ऋषि-पित्र तर्पण भी किया जाता है.

(5 ) पार्वण श्राद्ध:-

पितृपक्ष, अमावास्या या किसी पर्व की तिथि आदि पर जो श्राद्ध किया जाता है उसे पार्वण श्राद्ध कहलाता है. यह श्राद्ध विश्वेदेवसहित होता है.

(6 ) सपिण्डनश्राद्ध:-

इस श्राद्ध का अर्थ होता है पिण्डों को मिलाना, प्रेत पिण्ड का पितृ पिण्डों में सम्मेलन कराया जाता है। यही सपिण्डन श्राद्ध कहलता है।

(7 ) गोष्ठी श्राद्ध:-

जो श्राद्ध सामूहिक रूप से या समूह में किया जाता है उसे ही गोष्ठी श्राद्ध कहते हैं.!

(8 ) शुद्धयर्थ श्राद्ध:-

जिन श्राद्धों को शुद्धि के निमित्त किया जाता है उसे शुद्धयर्थ श्राद्ध कहते हैं..

(9 ) कर्माग श्राद्ध:-

इसका अर्थ कर्म का अंग होता है। यानी किसी प्रधान कर्म के अंग के रूप में जो श्राद्ध किया जाता है उसे कर्माग श्राद्ध कहते हैं.

(10 ) यात्रार्थ श्राद्ध:-

जो श्राद्ध किसी यात्रा के उद्देश्य से किया जाता है उसे यात्रार्थ श्राद्ध कहते हैं उदाहरण के तौर पर तीर्थ में जाने के उद्देश्य से या देशान्तर जाने के उद्देश्य से जो श्राद्ध किया जाता है उसे ही यात्रार्थ श्राद्ध कहते हैं.

(11 ) पुष्ट्यर्थ श्राद्ध:-

जो श्राद्ध शारीरिक एवं आर्थिक उन्नति के लिए किया जाता है उसे पुष्ट्यर्थ श्राद्ध कहते हैं.

ज्योतिषाचार्य संजीत कुमार मिश्रा

ज्योतिष वास्तु एवं रत्न विशेषज्ञ

8080426594/ 9545290847

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Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

शौर्य पुंज डिजिटल मीडिया में पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर हैं. उन्हें न्यूज वर्ल्ड में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव है. शौर्य खबरों की नब्ज को समझकर उसे आसान और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में माहिर हैं. साल 2008 में ग्रेजुएशन के दौरान उन्होंने दैनिक हिंदुस्तान, प्रभात खबर, दैनिक जागरण और तरंग भारती (हिंदी पाक्षिक समाचार पत्र) के लिए फ्रीलांसिंग की. वर्ष 2011 में उन्होंने दैनिक जागरण के टैब्लॉइड समाचार पत्र iNext में दो महीने की इंटर्नशिप की. इसी दौरान उन्हें प्रभात खबर के डिजिटल सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. अप्रैल 2011 से उन्होंने प्रभातखबर.कॉम के एंटरटेनमेंट सेक्शन के लिए कार्य करना शुरू किया. उस समय उन्होंने बॉलीवुड फिल्म रिव्यू, बॉक्स ऑफिस बिजनेस और एंटरटेनमेंट गॉसिप जैसी खबरों पर काम किया. साल 2020 में कोरोना काल के दौरान उन्हें लाइफस्टाइल, धर्म-कर्म, एजुकेशन और हेल्थ जैसे नॉन-न्यूज सेक्शन में काम करने का अवसर मिला. उन्होंने लाइफस्टाइल कैटेगरी के कई महत्वपूर्ण सेक्शनों में योगदान दिया. Health & Fitness सेक्शन में डाइट, योग, वेट लॉस, मानसिक स्वास्थ्य और फिटनेस टिप्स से जुड़े उपयोगी कंटेंट पर कार्य किया. Beauty & Fashion सेक्शन में स्किन केयर, हेयर केयर, मेकअप और ट्रेंडिंग फैशन विषयों पर लेख तैयार किए. Relationship & Family कैटेगरी में पति-पत्नी संबंध, डेटिंग, पैरेंटिंग और दोस्ती जैसे विषयों पर जानकारीपूर्ण कंटेंट लिखा. Food & Recipes सेक्शन में हेल्दी फूड, रेसिपी और किचन टिप्स से संबंधित सामग्री विकसित की. Travel सेक्शन के लिए घूमने की जगहों, बजट ट्रिप और ट्रैवल टिप्स पर लेखन किया. Astrology / Vastu में राशिफल, वास्तु टिप्स और ज्योतिष आधारित कंटेंट पर काम किया. Career & Motivation सेक्शन में सेल्फ-इम्प्रूवमेंट, मोटिवेशन और पर्सनैलिटी डेवलपमेंट विषयों पर योगदान दिया. Festival & Culture सेक्शन में त्योहारों की परंपराएं, पूजा विधि और शुभ मुहूर्त से संबंधित कंटेंट पर कार्य किया. इसके अलावा Women Lifestyle / Men Lifestyle और Health Education & Wellness जैसे विषयों पर भी मर्यादित एवं जानकारीपूर्ण लेखन के माध्यम से योगदान दिया. साल 2023 से शौर्य ने पूरी तरह से प्रभातखबर.कॉम के धर्म-कर्म और राशिफल सेक्शन में अपना योगदान देना शुरू किया. इस दौरान उन्होंने दैनिक राशिफल, साप्ताहिक एवं मासिक भविष्यफल, पूजा-पाठ, व्रत-त्योहार, शुभ मुहूर्त, ज्योतिषीय उपाय, वास्तु टिप्स और धार्मिक मान्यताओं से जुड़ी खबरों पर विशेष फोकस किया. साथ ही पाठकों की रुचि को ध्यान में रखते हुए सरल, सहज और जानकारीपूर्ण धार्मिक कंटेंट तैयार करने पर लगातार कार्य किया. रांची में जन्मे शौर्य की प्रारंभिक शिक्षा डीएवी पब्लिक स्कूल, हेहल, रांची से हुई. इसके बाद उन्होंने सेंट जेवियर्स कॉलेज, रांची से मास कम्यूनिकेशन एण्ड वीडियो प्रोडक्शन में बी.ए. ऑनर्स की डिग्री प्राप्त की. यह शैक्षणिक पृष्ठभूमि उन्हें हिंदी पत्रकारिता की वह विशेषज्ञता प्रदान करती है, जो पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws और 1H — क्या, कौन, कहां, कब, क्यों और कैसे — के आधार पर प्रभावी और तथ्यपूर्ण समाचार लेखन के लिए आवश्यक मानी जाती है.

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