ऑनलाइन डिग्रीधारक भी कोल इंडिया में कर सकते हैं नौकरी, कंपनी ने प्रस्ताव को दी मंजूरी

ऑनलाइन, पत्राचार या ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग के माध्यम से प्राप्त विभिन्न मैनेजमेंट प्रोग्राम के डिग्री वाले अभ्यर्थी लाभान्वित होंगे. कंपनी द्वारा तय न्यूनतम आहर्ता के अनुसार अभ्यर्थी को स्नातक के साथ दो वर्षीय पीजी या पीजी डिप्लोमा होना चाहिए.
ऑनलाइन पढ़ाई करने वाले अभ्यर्थी भी अब कोल इंडिया में नौकरी पा सकेंगे. इस आलोक में कोल इंडिया के विभागाध्यक्ष (नीति) राजेश वी नायर के हस्ताक्षर से अधिसूचना जारी कर दी गयी है. इसके मुताबिक 28 जून को आयोजित कोल इंडिया बोर्ड की 454 वीं बैठक में ऑनलाइन, पत्राचार या अंशकालिक पाठ्यक्रम या ओपन एंड डिस्टेंस लर्निंग (ओडीएल) के माध्यम से प्राप्त डिग्री की मान्यता के लिए अपनी मंजूरी दे दी है. कंपनी की कार्मिक और मानव संसाधन विभाग ने न्यूनतम आहर्ता में कोई बदलाव नहीं किया है. कंपनी द्वारा तय न्यूनतम आहर्ता के अनुसार अभ्यर्थी को स्नातक के साथ दो वर्षीय पीजी या पीजी डिप्लोमा होना चाहिए. या फिर मैनेजमेंट एचआर, इंडस्ट्रियल रिलेशन, कार्मिक प्रबंधन एनएचआरओडी या फिर सामाजिक कार्यों में विशेषज्ञता होनी चाहिए. अभ्यर्थियों के पास यह डिग्री 60 प्रतिशत अंक के साथ किसी मान्यता प्राप्त विवि की होनी चाहिए.
केंद्रीय औद्योगिक सुरक्षा बल (सीआइएसएफ) के आइजी हेमराज गुप्ता बीसीसीएल दौरे पर हैं. अपने चार दिवसीय दौरे के दौरान बुधवार को आइदी श्री गुप्ता ने रक्तदान किया. सीआइसएफ द्वारा आयोजित रक्तदान शिविर में बीसीसीएल के डीटी उदय अनंत कावले, सीआइएसएफ के डीआइजी विनय काजला, कमांडेंट विशाल शर्मा सहित अन्य बल सदस्यों ने कुल 56 यूनिट रक्तदान किया. रक्तदान शिविर एसएनएमएमसीएच अस्पताल के चिकित्सकों की निगरानी में लगाया गया हुआ. सीआइएसएफ के आइजी श्री गुप्ता ने कहा कि थैलेसीमिया से पीड़ित बच्चों व शल्य चिकित्सा इत्यादि के उपयोग के लिए सीआइएसएफ द्वारा सयम समय पर रक्तदान शिविर का आयोजन किया जाता है. उन्होंने सीआइएसएफ बल सदस्यों को स्वेच्छा पूर्वक रक्तदान कर जरूरतमंदों की मदद करने की अपील की. मौके पर कमांडेंट शेखर रमोला, असिस्टेंट कमांडेंट भरत यादव व चेल्लाविग्नेश समेत अन्य बल सदस्य मौजूद थे.
धनबाद. माइनिंग संभाग के कर्मचारियों का अधिकारी कैडर में प्रमोशन के नये प्रावधान का विरोध शुरू हो गया है. बीसीसीएल, इसीएल व सीसीएल समेत कोल इंडिया व सहायक कंपनियों में पदस्थापित माइनिंग सरदार व ओवरमैन कोल इंडिया प्रबंधन द्वारा प्रमोशन पॉलिसी में किये गये बदलाव का विरोध कर रहे हैं. इधर, ऑल इंडिया डिप्लोमा इंजीनियर्स एंड ऑफिशियल्स एसोसिएशन (एआइडीइओए) ने कोल इंडिया चेयरमैन को पत्र लिखा है. इसमें कहा कि कोल इंडिया के नये प्रावधान से माइनिंग संभाग के कर्मचारियों का कॅरियर खत्म हो जायेगा. इसलिए नये प्रावधान को निरस्त करने की मांग की गयी है. साथ ही आंदोलन की चेतावनी दी गयी है.
कोल इंडिया प्रबंधन ने माइनिंग संभाग के कर्मचारियों के अधिकारियों कैडर में प्रमोशन पॉलिसी में बदलाव किया है. नये प्रावधान के मुताबिक ग्रेड-ए में कम से कम 3 साल अनुभव रखने वाले व अनरिस्टिक्टेट सर्टिफिकेट होल्डर माइनिंग के कर्मचारी ही अधिकारी कैडर में प्रमोशन पाने के योग्य होंगे. पहले ही पूरे सर्विस काल में सिर्फ तीन प्रमोशन का प्रावधान रखा गया है. बहुत से माइनिंग स्टाफ पिछले 10-12 वर्षों से एक ही ग्रेड (ग्रेड-C) में है. अगर 10-12 वर्षों में एक ग्रेड में प्रमोशन होता है , तो रिटायरमेंट तक वे शायद ही ग्रेड-ए तक पहुंच सके. इसके बाद उन्हें ग्रेड-ए में कम से कम 3 साल का अनुभव चाहिए. ऐसी स्थिति में माइनिंग स्टाफ का प्रमोशन अधिकारी कैडर में संभव नहीं होगा.
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By Prabhat Khabar News Desk
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