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नारद स्टिंग ऑपरेशन : भाजपा नेता मुकुल राय ने तथ्य छिपाये, तृणमूल ने हमला बोला

Updated at : 20 May 2021 4:55 PM (IST)
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नारद स्टिंग ऑपरेशन : भाजपा नेता मुकुल राय ने तथ्य छिपाये, तृणमूल ने हमला बोला

भाजपा उपाध्यक्ष मुकुल राय ने शपथ पत्र में इस बात को छुपाया कि वह नारद स्टिंग मामले में आरोपी हैं.

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कोलकाता : नारद स्टिंग ऑपरेशन मामले में पश्चिम बंगाल की सत्तारूढ़ पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता मुकुल राय पर तथ्य छिपाने का आरोपल गाया है. तृणमूल कांग्रेस ने आरोप लगाया है कि पश्चिम बंगाल में हाल में हुए विधानसभा चुनाव के लिए नामांकन भरते समय भाजपा उपाध्यक्ष एवं राज्य के विधायक मुकुल राय ने अपने शपथ पत्र में इस बात को छुपाया कि वह नारद स्टिंग टेप मामले में आरोपी हैं.

तृणमूल कांग्रेस के मुख्य प्रवक्ता कुणाल घोष ने आरोप लगाया कि एक अन्य भाजपा विधायक शुभेंदु अधिकारी ने अपने हलफनामे में नारद मामले का जिक्र किया, लेकिन उन्होंने यह नहीं बताया कि किन धाराओं के तहत इसे दर्ज किया गया था. सीबीआई ने सोमवार को पश्चिम बंगाल के दो मंत्रियों फिरहाद हकीम तथा सुब्रत मुखर्जी, तृणमूल कांग्रेस के विधायक मदन मित्रा तथा पूर्व पार्टी नेता शोभन चटर्जी को नारद मामले की जांच के सिलसिले में गिरफ्तार किया था.

श्री घोष ने कहा कि इसी मामले के आरोपियों मुकुल राय और शुभेंदु अधिकारी को गिरफ्तार नहीं किया गया. कुणाल घोष ने कहा, ‘उम्मीदवार के लिए उसके खिलाफ दर्ज मामलों का हलफनामे में जिक्र करना आवश्यक है. मुकुल राय ने अपने हलफनामे में नारद मामले को पूरी तरह छुपाया.’ तृणमूल कांग्रेस के इस आरोप पर भाजपा के वरिष्ठ नेता मुकुल राय की प्रतिक्रिया नहीं आयी है.

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यहां बताना प्रासंगिक होगा कि मुकुल राय कभी तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेता हुआ करते थे. वह ममता बनर्जी के बाद नंबर दो के नेता माने जाते थे. संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (यूपीए) सरकार में रेल मंत्री दिनेश त्रिवेदी को हटाकर उनकी जगह ममता बनर्जी ने मुकुल राय को रेल मंत्री बनाया था और श्री त्रिवेदी की ओर से रेल किराये में किये गये प्रस्तावों को श्री राय के जरिये वापस करवाया था.

शुभेंदु अधिकारी भी तृणमूल कांग्रेस के कद्दावर नेताओं में गिने जाते थे. ममता बनर्जी की कैबिनेट में उन्हें कई अहम जिम्मेदारियां दी गयीं थीं. विधानसभा चुनाव 2021 से कुछ ही महीने पहले उन्होंने ममता बनर्जी के भतीजे अभिषेक बनर्जी से मतभेद के बाद पार्टी छोड़कर भारतीय जनता पार्टी का दामन थाम लिया था. बंगाल चुनाव 2021 में उन्होंने पूर्वी मेदिनीपुर जिला के नंदीग्राम विधानसभा सीट पर ममता बनर्जी को पराजित कर दिया था. भाजपा ने उन्हें बंगाल विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष बनाया है.

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Posted By: Mithilesh Jha

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