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Mukesh Death Anniversary: एक प्यार का नगमा है से लेकर आवारा हूं तक, सुनें महान गायक मुकेश के ये 5 सदाबाहर गाने

Updated at : 27 Aug 2023 8:54 AM (IST)
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Mukesh Death Anniversary: एक प्यार का नगमा है से लेकर आवारा हूं तक, सुनें महान गायक मुकेश के ये 5 सदाबाहर गाने

Mukesh Death Anniversary: आज बॉलीवुड के दिग्गज गायक मुकेश हमारे बीच नहीं हैं, लेकिन फैंस उन्हें भूले नहीं है. उनकी डेथ एनिवर्सरी पर आपको बताते है उनके ऐसे गाने, जिन्हें सुनकर आप उनकी आवाज में खो जाएंगे.

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Mukesh Death Anniversary: महान बॉलीवुड गायक मुकेश के गाने आज भी हम गुनगुनाते हैं. उनके 22 जुलाई 1923 को मुकेश चंद्र माथुर के रूप में जन्मे सिंगर ने बॉलीवुड को कई ऐसे गाने दिए है, जिसे आज भी दर्शक सुनना पसंद करते है. मुकेश अभिनेता राज कपूर, मनोज कुमार, फ़िरोज खान, सुनील दत्त और दिलीप कुमार की आवाज़ के रूप में लोकप्रिय थे. आज उनकी डेथ एनिवर्सरी है. आज वो भले हमारे बीच नहीं है, लेकिन अपने गानों के जरिए वो हमेशा अमर रहेंगे. उन्होंने करीब 1300 गाने गाए हैं, जिसमें ज्यादातर पॉपुलर ही हुए है. ऐसे में आज के दिन इन 5 सदाबाहर गानों को सुनकर आप उनकी आवाज की जादू में खो सकते है.

1. यहां जाने-माने गायक मुकेश के 5 यादगार गाने हैं-

सावन का महीना

सावन का महीना

पवन करे शोर

सावन का महीना

पवन करे शोर

पवन करे सोर

पवन करे शोर

अरे बाबा शोर नहीं सोर

सोर सोर…

https://www.youtube.com/watch?v=aUNx5YQuX-Y

2. मेरा जूता है जापनी

मेरा जूता है जापानी, ये पतलून इंग्लिशतानी
सर पे लाल टोपी रूसी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी
मेरा जूता है जापानी, ये पतलून इंग्लिशतानी
सर पे लाल टोपी रूसी, फिर भी दिल है हिंदुस्तानी
मेरा जूता है जापानी

निकल पड़े हैं खुली सड़क पर
अपना सीना ताने, अपना सीना ताने
मंज़िल कहां, कहां रुकना है
ऊपर वाला जाने, ऊपर वाला जाने….

https://www.youtube.com/watch?v=5wjGc1zGWBc

3. आवारा हूं

आवारा हूं, आवारा हूं

या गर्दिश में हूं, आसमान का तारा हूं

घरबार नहीं, संसार नहीं

मुझसे किसीको प्यार नहीं

उस पार किसीसे मिलने का इकरार नहीं

सुनसान नगर, अन्जान डगर का प्यारा हूँ

आबाद नहीं बरबाद सही…

https://www.youtube.com/watch?v=VY1pWTek2sY

4. कहीं दूर जब दिन ढल जाए

कहीं दूर जब दिन ढल जाए

सांझ की दुल्हन बदन चुराए

चुपके से आए

मेरे ख़यालों के आंगन में

कोई सपनों के दीप जलाए, दीप जलाए

कहीं दूर …

कभी यूंहीं, जब हुईं, बोझल सांसें

भर आई बैठे बैठे, जब यूं ही आंखें

तभी मचल के, प्यार से चल के

छुए कोई मुझे पर नज़र न आए, नज़र न आए

कहीं दूर …

5. मेहबूब मेरे

मेहबूब मेरे मेहबूब मेरे

मेहबूब मेरे मेहबूब मेरे

तू है तो दुनिया कितनी हसीन हैं

जो तू नहीं तो कुछ भी नहीं हैं

मेहबूब मेरे मेहबूब मेरे

मेहबूब मेरे मेहबूब मेरे

तू है तो दुनिया कितनी हसीन हैं

जो तू नहीं तो कुछ भी नहीं हैं

मेहबूब मेरे

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Divya Keshri

लेखक के बारे में

By Divya Keshri

मेरा नाम दिव्या केशरी है. मैं प्रभातखबर.कॉम में एंटरटेनमेंट लीड के तौर पर काम कर रही हूं. पिछले 5 साल से ज्यादा वक्त से मैं ग्लैमर और सिनेमा की दुनिया को कवर कर रही हूं. मेरा पूरा फोकस फिल्मों, टीवी सीरियल्स और OTT के ट्रेंडिंग अपडेट्स पर रहता है. मैं आपके लिए फिल्म रिव्यू, ट्रेलर एनालिसिस और बॉक्स ऑफिस का पूरा हिसाब-किताब लेकर आती हूं. लिखते वक्त मेरी एक ही कोशिश रहती है- बात चाहे कितनी भी मुश्किल क्यों न हो, उसे बिल्कुल आसान और मजेदार तरीके से कहूं. ताकि आप खबर को सिर्फ पढ़ें नहीं, बल्कि उससे कनेक्ट भी कर पाएं.

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