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Minorities Rights Day 2020 :अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए शिक्षा पर देना होगा जोर, खुद भी पढ़ें और दूसरों को भी पढ़ाएं : अमीन अहमद

Updated at : 19 Dec 2020 7:06 PM (IST)
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Minorities Rights Day 2020 :अल्पसंख्यकों के उत्थान के लिए शिक्षा पर देना होगा जोर, खुद भी पढ़ें और दूसरों को भी पढ़ाएं : अमीन अहमद

Minorities Rights Day 2020, Jharkhand news, Chakradharpur news, चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम) : राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस (National Minority Rights Day) के अवसर पर झारखंड राज्य उर्दू शिक्षक संघ, चक्रधरपुर अनुमंडल शाखा की ओर से जूम एप्प के माध्यम से परिचर्चा का आयोजन किया गया. परिचर्चा का विषय झारखंड में अल्पसंख्यकों के अधिकार व लाभ था. इसमें रांची, जैंतगढ़, जमशेदपुर एवं चक्रधरपुर के लोग शामिल हुए. मुख्य अतिथि सह मुख्य वक्ता संघ के केंद्रीय महासचिव अमीन अहमद ने कहा कि विश्व अरबी दिवस एवं अल्पसंख्यक अधिकार दिवस दोनों एक ही दिन मनाया जाता है. अल्पसंख्यकों का उत्थान के लिए खुद पढ़ें और दूसरों को भी पढ़ाएं.

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Minorities Rights Day 2020, Jharkhand news, Chakradharpur news, चक्रधरपुर (पश्चिमी सिंहभूम) : राष्ट्रीय अल्पसंख्यक अधिकार दिवस (National Minority Rights Day) के अवसर पर झारखंड राज्य उर्दू शिक्षक संघ, चक्रधरपुर अनुमंडल शाखा की ओर से जूम एप्प के माध्यम से परिचर्चा का आयोजन किया गया. परिचर्चा का विषय झारखंड में अल्पसंख्यकों के अधिकार व लाभ था. इसमें रांची, जैंतगढ़, जमशेदपुर एवं चक्रधरपुर के लोग शामिल हुए. मुख्य अतिथि सह मुख्य वक्ता संघ के केंद्रीय महासचिव अमीन अहमद ने कहा कि विश्व अरबी दिवस एवं अल्पसंख्यक अधिकार दिवस दोनों एक ही दिन मनाया जाता है. अल्पसंख्यकों का उत्थान के लिए खुद पढ़ें और दूसरों को भी पढ़ाएं.

केंद्रीय महासचिव अमीन अहमद ने कहा कि वर्ष 2012 से उर्दू स्कूलों को मिलने वाली सुविधाएं बंद कर दी गयी हैं. उर्दू में पुस्तकें नहीं मिल रही है. वर्ष 2021 में जनगणना में अपनी भाषा उर्दू लिखायें. यदि झारखंड सरकार उर्दू शिक्षा को बढ़ावा नहीं दे पा रही है, तो ओड़िया भाषा जिस तरह ओड़िसा से मदद ले रही है, हमें भी उर्दू भाषी राज्यों से मदद लेनी होगी. प्रमंडल स्तर पर सेमिनार आयोजित कर अल्पसंख्यकों के अधिकार के लिए जागरूकता अभियान चलाया जायेगा.

रांची जिला सचिव रेहान अख्तर ने कहा कि अल्पसंख्यक स्कूलों की समस्याओं का समाधान निकलेगा. एकता बना कर आंदोलन करने की जरूरत है. वर्तमान में अल्पसंख्यकों के लिए बनाये गये नियम के विपरीत जाकर सरकारी दफ्तरों में काम हो रहे हैं. अधिकार को छीना जा रहा है. हमें लोगों को जागरूक करने की जरूरत है.

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चक्रधरपुर अनुमंडल अध्यक्ष अंजुमन फिरदौसी ने कहा कि 18 दिसंबर, 1912 को अल्पसंख्यकों की जुबान, मजहब, तसजीब और परंपराओं की हिफाजत के लिए एक्ट बनाये गये थे. 2 जनवरी, 2006 को राष्ट्रीय अल्पसंख्यक कमीशन (National Minorities Commission) बना. मुसलिम, सिख, बोध, पारसी, जैन और ईसाई सभी अल्पसंख्यक हैं. हमें एक्ट में अपनी भाषा एवं मजहब की हिफाजत का अधिकार दिया गया है.

मानवाधिकारी संगठन के जोनल सदस्य बैरम खान ने कहा कि झारखंड में 34 प्रतिशत अल्पसंख्यक हैं, जिसमें 27 प्रतिशत मुस्लिम हैं. झारखंड निर्माण के बाद अल्पसंख्यकों की हालत नीचे गिरी है. बेसिक मजबूती के लिए कोई काम नहीं हुआ. सरकारी और अल्पसंख्यक स्कूलों में भेदभाव होने से अधिकार का हनन हो रहा है. सरकार के 15 सूत्री कार्यक्रम को बेहतर तरीके से लागू करने की जरूरत है.

कोषागार दूत शकील अहमद ने कहा कि अल्पसंख्यक कमीशन में यदि ईमानदार लोग आते हैं, तो अधिकार प्राप्ति के लिए काम होगा. स्थानीय जनप्रतिनिधियों से मिलकर सरकार पर दबाव बनाया जाना जरूरी है. जावेद इकबाल, शमशेर आलम, हस्सामुल हसन, मो जफर आलम आदि ने भी संबोधित किये.

Posted By : Samir Ranjan.

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