May 2021 Festival List: मई महीने में ईद-उल-फितर, बुद्ध पूर्णिमा, अक्षय तृतीया, वरुथिनी एकादशी समेत पड़ रहे कई व्रत व त्योहार
Author : Prabhat Khabar Digital Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 30 Apr 2021 7:25 AM
May 2021 Vrat Tyohar List, Hindu Festival, Muslim Festival: मई महीने में कई व्रत व त्यौहार पड़ रहे हैं. इनमें ईद-उल-फितर, बुद्धपूर्णिमा, वरुथिनी एकादशी के अलावा अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती समेत अन्य शामिल है. इस दौरान कई सरकारी छुट्टियां भी होंगी तो आइए जानते हैं विस्तार से मई महीने के सभी फेस्टिवल के बारे में...
May 2021 Vrat Tyohar List, Hindu Festival, Muslim Festival: मई महीने में कई व्रत व त्यौहार पड़ रहे हैं. इनमें ईद-उल-फितर, बुद्धपूर्णिमा, वरुथिनी एकादशी के अलावा अक्षय तृतीया, परशुराम जयंती समेत अन्य शामिल है. इस दौरान कई सरकारी छुट्टियां भी होंगी तो आइए जानते हैं विस्तार से मई महीने के सभी फेस्टिवल के बारे में…
हिंदू पंचांग के मुताबिक वैशाख माह में पड़ने वाले कृष्ण पक्ष की एकादशी को ही वरुथिनी एकादशी भी कहा जाता है. जो इस बार शुक्रवार, 7 मई को पड़ रही है. यह व्रत भगवान विष्णु को समर्पित होता है. जिसमें विधिपूर्वक पूजा करनी चाहिए.
हिंदू कैलेंडर के अनुसार हर महीने की त्रयोदशी तिथि को प्रदोष व्रत मनाने की परंपरा होती है. ऐसे में 8 मई, शनिवार को शनि प्रदोष व्रत पड़ रहा है. यह भगवान शिव को समर्पित होता है, मान्यता होती है कि इस दिन विधिपूर्वक उनकी पूजा करने से सभी कष्टों का नाश होता है व मनोकामनाएं भी पूर्ण होती है.
हर साल करीब 13 शिवरात्रि पड़ते हैं जिसमें मार्च महीने में महाशिवरात्रि व हिंदू पंचांग के अनुसार हर महीने की कृष्ण पक्ष की चतुर्दशी तिथि को मासिक शिवरात्रि पड़ती है. ऐसे में इस वैसाख महीने की चतुर्दशी यानी 9 मई को यह तिथि पड़ रही है. जो भगवान शिव को समर्पित होता है. ऐसी मान्यता है कि इस दिन व्रत रखने से सभी मनोकामनाएं पूर्ण होती है.
हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख महीने की कृष्ण पक्ष की अमावस को ही वैशाख अमावस्या के नाम से जाना जाता है. इस बार यह अमावस्या 11 मई को पड़ रही है. ऐसे में इस दिन मंत्र जाप, पूजा-पाठ व तंत्र साधना करने के लिए महत्वपूर्ण माना गया है.
एक महीने के रमजान के समाप्त होते ही ईद-उल-फितर मनाने की परंपरा होती है. यह इस्लाम मजहब के प्रमुख त्यौहारों मे से एक होता है. जो चांद के दिखने पर निर्भर होता है. ऐसे में इस बार यह पर्व 12 या 13 मई को मनाया जाएगा. इसे मीठी ईद भी कहा जाता है. जिस दिन मीठे सेवईं या पकवान का विशेष महत्व होता है.
ऐसी मान्यता है कि अक्षय तृतीया के दिन ही परशुराम जी का जन्म हुआ था. इन्हें सात चिरंजीवीओं में से एक माना गया है. ऐसा कहा जाता है कि इस पृथ्वी में आज भी वे मौजूद है. इधर, आपको बता दें कि अक्षय तृतीया पर्व हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की तृतीया तारीख को मनाई जाती है. जो इस बार 14 मई को पड़ रही है. इस दिन सोने या कोई किमती वस्तु खरीदने का विशेष महत्व होता है.
हिंदू पंचांग के मुताबिक हर माह की शुक्ल पक्ष की चतुर्थी को विनायक चतुर्थी के नाम से जाना जाता है. जो इस बार 15 मई को पड़ रही है. यह व्रत भगवान गणेश को समर्पित होता है. ऐसी मान्यता है कि विधि पूर्वक गणेश जी की पूजा करने करखने से सभी कष्टों का नाश होता है.
हिंदू कैलेंडर के मुताबिक वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की सप्तमी तिथि को गंगा सप्तमी मनाने की परंपरा होती है. कहा जाता है कि इसी दिन भगवान शिव की जटाओं में मां गंगा पहुंची थी. यही कारण है कि गंगा जयंती के तौर पर इस पर्व को मनाया जाता है जो इस बार 18 मई को पड़ रही है.
ऐसी मान्यता है कि वैशाख मास की शुक्ल पक्ष की नवमी तिथि को मां सीता जी जी प्रकट हुई थी. इस बार यह पर्व 21 मई को पड़ रहा है. जिसे जानकी नवमी के नाम से भी जाना जाता है. कहा जाता है कि इस दिन व्रत रखने व विधि पूर्वक पूजा करने से भगवान राम और माता सीता की कृपा बरसती है.
हर महीने करीब 2 एकादशी पड़ती है. हिंदू पंचांग के मुताबिक वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की एकादशी को ही मोहिनी एकादशी के रूप में जाना जाता है. जो इस बार 22 मई, शनिवार को पड़ रही है. इस दिन व्रत करने से सभी पापों का नाश होता है.
भगवान शिव को समर्पित होता है प्रदोष व्रत. हिंदू पंचांग के मुताबिक प्रत्येक माह के दो प्रदोष व्रत पड़ते है. ऐसे में 24 मई को इस महीने का दूसरा प्रदोष व्रत पड़ रहा है.
कहा जाता है कि भगवान विष्णु के चौथे अवतार है नरसिंह. जिन्होंने हिरण कश्यप का वध किया था. ऐसे में हिंदू पंचांग के अनुसार वैशाख माह के शुक्ल पक्ष की चतुर्दशी तिथि पर उन्होंने अपना यह स्वरूप लिया था. इसलिए, 25 मई मंगलवार को यह पर्व मनाई जाएगी.
वैसाख महीने की पूर्णिमा तिथि को बुद्ध पूर्णिमा या वैशाख पूर्णिमा पड़ती है. साथ ही साथ इस दिन साल का पहला चंद्रग्रहण भी पड़ रहा है. आपको बता दे कि कि भगवान बुध का जन्म हुआ इस तिथि मे हुआ था. इन्होंने बौद्ध धर्म की स्थापना की थी.
हिंदू पंचांग के अनुसार हर वर्ष जेष्ठ कृष्ण पक्ष की द्वितीया तिथि को नारद जयंती मनाने की परंपरा होती है. कहा जाता है कि नारद मुनि ब्रह्माजी के मानस पुत्र हुआ करते थे. ऐसे में इस बार यह व्रत 27 मई को रखी जानी है.
प्रत्येक माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि को संकष्टी चतुर्थी व्रत पड़ता है. इस बार 29 मई को यह व्रत पड़ रहा है जो भगवान गणेश को समर्पित होता है. मान्यता होती है कि विधिपूर्वक व्रत व पूजा करने से कष्टों का नाश होता है व जातक की हर मनोकामनाएं पूर्ण होती है.
Posted By: Sumit Kumar Verma
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