मथुरा: नए साल पर रोपवे से ब्रह्मांचल पर्वत पर विराजमान राधारानी के दर्शन कर सकेंगे भक्त, इस वजह से है बेहद खास

बरसाना में बनाए जाने वाले रोपवे को पीपीपी मॉडल पर बनाया जा रहा है. इस रोपवे को दिल्ली की एक कंपनी बना रही है. जो राधा रानी रोपवे के नाम से काम कर रही है. बरसाना धाम में बनाए जा रहे हैं इस रोपवे को तैयार करने में करीब 30 करोड़ रुपए का खर्च जा रहा है.
Mathura News: उत्तर प्रदेश के मथुरा जिले में जल्द ही पश्चिमी यूपी का पहला रोपवे बनने जा रहा है. रोपवे शुरू होने से भक्तों को राधा रानी के दर्शनों के लिए दिक्कत का सामना नहीं करना पड़ेगा. जल्द ही यह सुविधा शुरू हो जाएगी.
राधा रानी के धाम बरसाना में मंदिर तक आसानी से पहुंचने के लिए रोपवे बनाया जा रहा है. ऊंचा गांव रास्ते पर बनाए जा रहे इस रोपवे की लंबाई 300 मीटर और ऊंचाई 150 मीटर होगी. रोपवे मंदिर के पीछे निकास द्वार की तरफ जाकर खुलेगा. इस तरह बरसाना में पिछले एक दशक से देखा जा रहा रोपवे का सपना हकीकत में बदलता नजर आएगा.
बरसाना में बनाए जाने वाले रोपवे को पीपीपी मॉडल पर बनाया जा रहा है. इस रोपवे को दिल्ली की एक कंपनी बना रही है. जो राधा रानी रोपवे के नाम से काम कर रही है. बरसाना धाम में बनाए जा रहे हैं इस रोपवे को तैयार करने में करीब 30 करोड़ रुपए का खर्च जा रहा है.
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बताया जा रहा है कि बरसाना में इस रोपवे का काम करीब 70 प्रतिशत तक पूरा कर लिया गया है. जिस जगह से रोपवे शुरू होगा. वहां ऑफिस, ऑपरेटिंग रूम, वेटिंग रूम तैयार किया जा रहे हैं. साथ ही मंदिर तक छह टावर भी लगकर तैयार हैं. टावर के बेस और टॉप लगा दिए गए हैं, जिन पहियों पर रोपवे चलेगा वह भी लगा दिए गए हैं.
रोपवे के संचालन के लिए अब वायर और उस पर चलने वाली ट्राली के लगाने का काम बाकी है. यह सामान चीन से आएगा. हालांकि , किसी कारण से वहां से सामान की आपूर्ति नहीं हो पा रही है. रोपवे में तैयार कर रही कंपनी के इंजीनियर संजय सिंह का कहना है कि ज्यादातर काम पूरा कर लिया गया है. कुछ सामान चीन से आना बाकी है, उसके आने के बाद नए साल 2024 पर इस रोपवे को श्रद्धालुओं के लिए चालू कर दिया जाएगा.
बरसाना के ब्रह्मांचल पर्वत पर विराजमान राधारानी के मंदिर तक भक्तों को आसानी से पहुंचाने के लिए करीब एक दशक पहले बरसाना में रोपवे की योजना बनाई गई थी. यह दायित्व तत्कालीन प्रदेश सरकार ने मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण को सौंपा था. रोपवे के लिए मंदिर के निकट जमीन और बीच में आ रहे पेड़ हटाने में लंबा वक्त लगा. वन विभाग से जमीन भी खरीदी गई. इस पर करीब तीन करोड़ रुपये विकास प्राधिकरण ने खर्च किए.
मथुरा-वृंदावन विकास प्राधिकरण के अधिकारियों के मुताबिक चीन में कोविड 19 के कारण रोपवे का काम रुक गया था. इसके संचालन से जुड़ी मशीनों को चीन से लाने में सबसे अधिक देरी हुई है. अब मशीन सहित अन्य कई उपकरण इस महीने के अंत तक आ जाएंगे. बरसाना में बनाए जा रहे रोपवे में करीब 12 ट्रॉली लगाई जाएंगी. इसमें एक ट्राली में चार श्रद्धालु सफर कर सकेंगे. इसका संचालन दिन के समय किया जाएगा. बरसाना में बनने वाला यह उत्तर प्रदेश का तीसरा रोपवे है.
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लेखक के बारे में
By Sanjay Singh
working in media since 2003. specialization in political stories, documentary script, feature writing.
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