West Bengal News: ममता सरकार पर बरसे धनखड़, कहा- खतरे में कानून व्यवस्था, गोरखालैंड पर आ सकता है केंद्र का बड़ा फैसला
Author : Prabhat Khabar News Desk Published by : Prabhat Khabar Updated At : 10 Oct 2020 9:33 AM
गोरखालैंड को लेकर केंद्र सरकार बहुत जल्द कोई बड़ा फैसला ले सकता है. भारत बदल रहा है. कभी किसी ने नहीं सोचा था कि कश्मीर से धारा 370 हट सकती है. लेकिन लोकतांत्रिक पद्धति से संसद के दोनों सदनों में चर्चा के बाद इस समस्या का समाधान किया गया
सिलीगुड़ी : गोरखालैंड को लेकर केंद्र सरकार बहुत जल्द कोई बड़ा फैसला ले सकता है. शुक्रवार को सिलीगुड़ी आये राज्यपाल जगदीप धनखड़ ने इशारों में यह मंतव्य व्यक्त किया. अलीपुरदुआर से लौटकर चंपासारी स्टेट गेस्ट हाउस में आयोजित संवाददाता सम्मेलन में गोरखालैंड के मुद्दे पर पूछे गये सवाल के जवाब में राज्यपाल ने कश्मीर से धारा 370 तथा राम मंदिर के मुद्दे के समाधान का उदाहरण देकर इस बात को समझाया. कहा कि भारत बदल रहा है. कभी किसी ने नहीं सोचा था कि कश्मीर से धारा 370 हट सकती है. लेकिन लोकतांत्रिक पद्धति से संसद के दोनों सदनों में चर्चा के बाद इस समस्या का समाधान किया गया.
वर्षों से राम मंदिर का मुकदमा चल रहा था. लेकिन कानूनी तरीके से सुप्रीम कोर्ट ने इस पर भी अपना ऐतिहासिक फैसला सुनाया. इस फैसले को पूरे देश ने स्वीकार किया. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के नेतृत्व की पूरी दुनिया में प्रशंसा हो रही है. देश सही दिशा में विकास की ओर अग्रसर है. राज्य की विधि व्यवस्था पर राज्यपाल ने कहा कि बंगाल में कानून व्यवस्था खतरे में है. क्योंकि यहां छिपे आतंकवादियों को एनआईए पकड़ती है, लेकिन इसकी खबर राज्य के पुलिस प्रशासन को नहीं होती है.
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बंगाल में कानून व्यवस्था खतरे में
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राज्य में छिपे आतंकवादियों को एनआइए पकड़ती है, राज्य के पुलिस-प्रशासन को नहीं होती खबर
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इस साल अगस्त महीने तक बंगाल में दुष्कर्म के 223, अपहरण के 639 मामले दर्ज हुए हैं
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अगस्त महीने में बंगाल में हर घंटे एक महिला से दुष्कर्म व अपहरण की एक घटना हुई
राज्य सरकार ने मेरी रिपोर्ट को बताया बेबुनियाद : उन्होंने कहा कि इस साल अगस्त महीने तक बंगाल में दुष्कर्म के 223, अपहरण के 639 मामले दर्ज हुए हैं. अगस्त महीने में बंगाल में हर घंटे एक महिला से दुष्कर्म व अपहरण की एक घटना हुई है. यह काफी चिंताजनक स्थिति है. उन्होंने कहा कि राज्य का संवैधानिक प्रधान होने के नाते इस जानकारी को उन्होंने अपने सोशल मीडिया अकाउंट पर पोस्ट किया था, लेकिन राज्य सरकार के प्रतिनिधियों ने उस रिपोर्ट को बेबुनियाद बताया.
बंगाल में जो हो रहा, वह लोकतंत्र नहीं : राज्यपाल ने कहा कि बंगाल में जो कुछ भी हो रहा है, वह लोकतंत्र नहीं है. मीडियाकर्मियों को बंगाल में कोई स्वतंत्रता नहीं है. उन्होंने कहा कि दिल्ली से बंगाल के किसानों को लिए सीधे उनके बैंक अकाउंट में पैसा भेजने की योजना बनायी गयी थी, लेकिन राज्य सरकार ने उसमें भी अड़ंगा डाल दिया. राज्य सरकार नहीं चाहती है कि किसानों को केंद्र से 12 हजार का सहयोग मिले. उन्होंने आरोप लगाया कि राज्य सरकार केवल राजनीतिक लाभ के लिए किसानों के पेट पर लात मार रही है.
अलीपुरदुआर में भटका राज्यपाल का काफिला : राज्यपाल ने बताया कि अलीपुरदुआर के शहीद विपुल राय के घर जाते वक्त उनके साथ गाड़ी में भारतीय सेना के इस्टर्न कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल अनित चौहान भी मौजूद थे. राज्य के किसी भी अधिकारी को उन्हें लेने के लिए नहीं भेजा गया था. काफिले को रास्ता दिखा रहा पुलिस का पायलट वैन गंतव्य स्थान से आगे निकल गया. जनरल चौहान द्वारा टोकने पर काफिले को पीछे मुड़ना पड़ा. तत्काल उन्होंने इस बात की जानकारी राज्य के डीजीपी को दी. उन्होंने कहा कि पुलिस प्रशासन सरकार के दबाव में काम कर रहा है. पुलिस अपना प्रोटोकॉल भी भूल गयी है.
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Posted by : pritish sahay
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