Mahadev Satta App सहित 22 अवैध सट्टेबाजी ऐप पर सरकार ने क्यों चलायी चाबुक? जानें पूरा मामला

Published by : Rajeev Kumar Updated At : 06 Nov 2023 6:55 PM

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केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध पर महादेव ऐप और रेड्डीअन्नाप्रेस्टोप्रो सहित 22 अवैध सट्टेबाजी मंचों पर रोक लगाने के आदेश जारी किये हैं. एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई. बयान में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि...

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Mahadev Satta & 22 Betting Apps Ban : केंद्र सरकार ने विवादित सट्टेबाजी ऐप महादेव बुक ऑनलाइन (Mahadev App) सहित 22 अवैध सट्टेबाजी और जुआ ऐप्स और वेबसाइटों पर प्रतिबंध लगाने के आदेश जारी किये हैं. एक आधिकारिक अधिसूचना में कहा गया है कि इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने महादेव सट्टेबाजी ऐप और 21 अन्य ऐप्स और वेबसाइटों के ऑपरेशंस को ब्लॉक करने का आदेश जारी किया. सरकार ने कहा कि प्रवर्तन निदेशालय यानी ईडी (Enforcement Directorate) के अनुरोध पर इन ऐप्स को ब्लॉक कर दिया गया है. आईटी मंत्रालय की ओर से जारी एक प्रेस विज्ञप्ति में कहा गया कि यह कार्रवाई प्रवर्तन निदेशालय द्वारा अवैध सट्टेबाजी ऐप सिंडिकेट के खिलाफ की गई जांच और उसके बाद छत्तीसगढ़ में महादेव ऐप के सरगनाओं पर छापे के बाद की गई, जिसमें ऐप के गैरकानूनी संचालन का खुलासा हुआ.

महादेव बुक सहित 22 अवैध सट्टेबाजी ऐप और वेबसाइट पर रोक

केंद्र सरकार ने प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) के अनुरोध पर महादेव ऐप और रेड्डीअन्नाप्रेस्टोप्रो सहित 22 अवैध सट्टेबाजी मंचों पर रोक लगाने के आदेश जारी किये हैं. एक आधिकारिक बयान में यह जानकारी दी गई. बयान में केंद्रीय इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने आरोप लगाया कि छत्तीसगढ़ सरकार ने ऐसा करने का अधिकार होने के बावजूद इन मंचों पर रोक लगाने का अनुरोध नहीं किया. बयान में कहा गया है, इलेक्ट्रॉनिक्स एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय ने महादेव बुक और रेड्डीअन्नाप्रेस्टोप्रो सहित 22 अवैध सट्टेबाजी ऐप और वेबसाइट पर रोक लगाने के आदेश जारी किये हैं.

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आईटी मंत्री मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने क्या कहा?

गौरतलब है कि इसी साल सितंबर में ईडी ने महादेव ऑनलाइन सट्टेबाजी ऐप से जुड़ी 417 करोड़ रुपये की संपत्ति जब्त की थी. जांच एजेंसी ने आरोप लगाया था कि सौरभ चंद्राकर और रवि उप्पल कंपनी को दुबई से चला रहे थे और हर महीने ऑनलाइन जुए से 450 करोड़ रुपये की कमाई हो रही थी. इलेक्ट्रॉनिक्स और सूचना प्रौद्योगिकी राज्य मंत्री राजीव चंद्रशेखर ने कहा कि छत्तीसगढ़ सरकार के पास आईटी अधिनियम की धारा 69ए के तहत वेबसाइट/ऐप को बंद करने की सिफारिश करने की पूरी शक्ति थी. लेकिन उन्होंने ऐसा नहीं किया और राज्य सरकार द्वारा ऐसा कोई अनुरोध नहीं किया गया है, जबकि वे पिछले 1.5 वर्षों से इसकी जांच में जुटे हैं.

फ्रेंचाइजी आधारित मॉडल, 70-30 प्रतिशत पर लाभ का बंटवारा

ईडी ने अपनी अभियोजन शिकायत में आरोप लगाया था कि महादेव ऐप एक फ्रेंचाइजी आधारित मॉडल चला रहा था. इसमें लाभ का बंटवारा 70 और 30 प्रतिशत के अनुपात में किया गया था. अभियोजन शिकायत एक चार्जशीट के बराबर होती है. इस साल मार्च में आईटी मंत्रालय ने अनुचित डेटा भंडारण और उसे अन्य देशों में भेजने के साथ-साथ मनी लॉन्ड्रिंग के लिए तत्काल और आपातकालीन आधार पर 138 सट्टेबाजी और जुआ ऐप्स के संचालन पर रोक लगाने के आदेश जारी किये थे. इसके महीनेभर बाद आईटी मंत्रालय ने ऑनलाइन गेम की मंजूरी और गैर-मंजूरी के नियमों लिए 2021 के सूचना प्रौद्योगिकी नियमों में संशोधन किया. इसमें साफ तौर पर कहा गया है कि कोई भी ऐसा खेल, जिसमें किसी नतीजे पर सट्टेबाजी या दांव लगाया जाता है, उसे भारत में चलाने की अनुमति नहीं है.

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By Rajeev Kumar

राजीव कुमार हिंदी डिजिटल मीडिया के अनुभवी पत्रकार हैं और वर्तमान में प्रभातखबर.कॉम में सीनियर कंटेंट राइटर के तौर पर कार्यरत हैं. 15 वर्षों से अधिक के पत्रकारिता अनुभव के दौरान उन्होंने टेक्नोलॉजी और ऑटोमोबाइल सेक्टर की हजारों खबरों, एक्सप्लेनर, एनालिसिस और फीचर स्टोरीज पर काम किया है. सरल भाषा, गहरी रिसर्च और यूजर-फर्स्ट अप्रोच उनकी लेखन शैली की सबसे बड़ी पहचान है. राजीव की विशेषज्ञता स्मार्टफोन, गैजेट्स, एआई, मशीन लर्निंग, इंटरनेट ऑफ थिंग्स (IoT), साइबर सिक्योरिटी, टेलीकॉम, इलेक्ट्रिक व्हीकल्स, ICE और हाइब्रिड कारों, ऑटोनोमस ड्राइविंग तथा डिजिटल ट्रेंड्स जैसे विषयों में रही है. वे लगातार बदलती टेक और ऑटो इंडस्ट्री पर नजर रखते हैं और रिपोर्ट्स, आधिकारिक डेटा, कंपनी अपडेट्स तथा एक्सपर्ट इनसाइट्स के आधार पर सटीक और भरोसेमंद जानकारी पाठकों तक पहुंचाते हैं. डिजिटल मीडिया में राजीव की खास पहचान SEO-ऑप्टिमाइज्ड और डेटा-ड्रिवेन कंटेंट के लिए भी रही है. गूगल डिस्कवर और यूजर एंगेजमेंट को ध्यान में रखते हुए वे ऐसे आर्टिकल्स तैयार करते हैं, जो न केवल जानकारीपूर्ण होते हैं, बल्कि पाठकों की जरूरत और सर्च ट्रेंड्स से भी मेल खाते हैं. टेक और ऑटो सेक्टर पर उनके रिव्यू, एक्सपर्ट इंटरव्यू, तुलना आधारित लेख और एक्सप्लेनर स्टोरीज को पाठकों द्वारा काफी पसंद किया जाता है. राजीव ने अपने पत्रकारिता करियर की शुरुआत वर्ष 2011 में प्रभात खबर दैनिक से की थी. शुरुआती दौर में उन्होंने देश-विदेश, कारोबार, संपादकीय, साहित्य, मनोरंजन और फीचर लेखन जैसे विभिन्न बीट्स पर काम किया. इसके बाद डिजिटल प्लैटफॉर्म पर उन्होंने ग्राउंड रिपोर्टिंग, वैल्यू-ऐडेड स्टोरीज और ट्रेंड आधारित कंटेंट के जरिए अपनी अलग पहचान बनाई. जमशेदपुर में जन्मे राजीव ने प्रारंभिक शिक्षा सीबीएसई स्कूल से प्राप्त की. इसके बाद उन्होंने रांची यूनिवर्सिटी से बॉटनी ऑनर्स और भारतीय विद्या भवन, पुणे से हिंदी पत्रकारिता एवं जनसंचार में डिप्लोमा किया. पत्रकारिता के मूल सिद्धांत 5Ws+1H पर उनकी मजबूत पकड़ उन्हें खबरों की गहराई समझने और उन्हें आसान, स्पष्ट और प्रभावी भाषा में पाठकों तक पहुंचाने में मदद करती है. राजीव की सबसे बड़ी पहचान है, क्रेडिब्लिटी, क्लैरिटी और ऑडियंस-फर्स्ट अप्रोच. वे सिर्फ टेक ऐंड ऑटो को कवर नहीं करते, बल्कि उसे ऐसे पेश करते हैं कि हर व्यक्ति उसे समझ सके, उससे जुड़ सके और उससे फायदा उठा सके. जुड़िए rajeev.kumar@prabhatkhabar.in पर

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