ePaper

Kojagari Puja 2022: आज है कोजागरा पूजा, विवाहित लोगों के लिए इसलिए ये दिन है खास

Updated at : 09 Oct 2022 10:13 AM (IST)
विज्ञापन
Kojagari Puja 2022: आज है कोजागरा पूजा,  विवाहित लोगों के लिए इसलिए ये दिन है खास

Kojagari Puja 2022: शरद पूर्णिमा ‘बंगाल लक्ष्मी पूजा’ या ‘कोजागरी पूर्णिमा’ के रूप में भी लोकप्रिय है. देवी लक्ष्मी को खुश करने के लिए कोजागरा पूजा की जाती है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है.

विज्ञापन

Kojagari Puja 2022: हर वर्ष अश्विन मास के पूर्णिमा तिथि के दिन माता लक्ष्मी को समर्पित विशेष पूजा-पाठ किया जाता है. बिहार, असम, पश्चिम बंगाल और उड़ीसा में इस पर्व को हर्षोल्लास के साथ मनाया जाता है. बिहार में खासकर मैथिल बहुल क्षेत्रों में इसे ‘कोजगरा पूजा’ के नाम से जाना जाता है.

शरद पूर्णिमा ‘बंगाल लक्ष्मी पूजा’ या ‘कोजागरी पूर्णिमा’ के रूप में भी लोकप्रिय है. देवी लक्ष्मी धन, खुशी और समृद्धि की देवी हैं और ऐसा माना जाता है कि अश्विन पूर्णिमा के दिन देवी लक्ष्मी की पूजा करने से भक्तों को प्रचुर मात्रा में धन और समृद्धि का आशीर्वाद मिलता है.

कोजागरी पूजा शुभ मुहूर्त (Kojagra Puja 2022 Shubh Muhurat)

पूर्णिमा तिथि प्रारंभ- 19 अक्टूबर शाम 07:00 बजे से

पूर्णिमा तिथि समाप्त- 20 अक्टूबर रात 08:20 बजे तक

कोजागरी पूजा तिथि- 19 अक्टूबर 2022

कोजागरा पूजा का महत्व क्या है?

देवी लक्ष्मी को खुश करने के लिए कोजागरा पूजा की जाती है. हिंदू मान्यताओं के अनुसार, अश्विन महीने में आने वाली पूर्णिमा को ‘जागरण की रात’ के रूप में जाना जाता है और ऐसा माना जाता है कि भक्तों को आशीर्वाद देने के लिए माँ लक्ष्मी पृथ्वी पर आती हैं. भक्त जो अत्यंत भक्ति के साथ पूजा अनुष्ठानों का पालन करते हैं उन्हें देवी से समृद्धि, धन और दिव्य आशीर्वाद मिलता है. उत्तर भारत के राज्यों में, कोजागरा का उत्सव फसल के त्यौहार के साथ भी मेल खाता है.

मिथिला में कोजागरा का महत्व

इस रात नवविवाहित लोगों के घर खास तौर पर वर के यहां उत्सव का माहौल रहता है. दही, धान, पान, सुपारी, मखाना, चांदी से बने कछुआ, मछली, कौड़ी के साथ वर का पूजन किया जाता है. इसके बाद चॉदी की कौड़ी से वर और कन्या पक्ष के बीच एक खेल होता है। इस खेल में जीतने वाले के लिए वर्ष शुभ माना जाता है.

देवी लक्ष्मी का जन्मोत्सव शरद पूर्णिमा

बिहार के मिथिला क्षेत्र में और बंगाल में कोजागरा व्रत का काफी महत्व है. बंगाल में इस दिन को लक्ष्मी पूजन का दिन मानते हैं. बंगाल में दीपावली की रात को काली पूजन का दिन माना जाता है जबकि शरद पूर्णिमा को लक्ष्मी का दिन मानते हैं. बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में कोजागरा की रात का नवविवाहित लोगों के लिए खास महत्व है.

विज्ञापन
Shaurya Punj

लेखक के बारे में

By Shaurya Punj

मैंने डिजिटल मीडिया में 15 वर्षों से अधिक का अनुभव हासिल किया है. पिछले 6 वर्षों से मैं विशेष रूप से धर्म और ज्योतिष विषयों पर सक्रिय रूप से लेखन कर रहा हूं. ये मेरे प्रमुख विषय हैं और इन्हीं पर किया गया काम मेरी पहचान बन चुका है. हस्तरेखा शास्त्र, राशियों के स्वभाव और उनके गुणों से जुड़ी सामग्री तैयार करने में मेरी निरंतर भागीदारी रही है. रांची के सेंट जेवियर्स कॉलेज से मास कम्युनिकेशन में स्नातक की डिग्री प्राप्त करने के बाद. इसके साथ साथ कंटेंट राइटिंग और मीडिया से जुड़े विभिन्न क्षेत्रों में काम करते हुए मेरी मजबूत पकड़ बनी. इसके अलावा, एंटरटेनमेंट, लाइफस्टाइल और शिक्षा जैसे विषयों पर भी मैंने गहराई से लेखन किया है, जिससे मेरी लेखन शैली संतुलित, भरोसेमंद और पाठक-केंद्रित बनी है.

Prabhat Khabar App :

देश, एजुकेशन, मनोरंजन, बिजनेस अपडेट, धर्म, क्रिकेट, राशिफल की ताजा खबरें पढ़ें यहां. रोजाना की ब्रेकिंग हिंदी न्यूज और लाइव न्यूज कवरेज के लिए डाउनलोड करिए

Download from Google PlayDownload from App Store
विज्ञापन
Sponsored Linksby Taboola